राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी से हिंसा प्रभावित मणिपुर का दौरा करने का आग्रह किया
शफीक सुरेश
- 08 Jul 2024, 09:29 PM
- Updated: 09:29 PM
इंफाल, आठ जुलाई (भाषा) लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मणिपुर में जातीय हिंसा से प्रभावित लोगों को सांत्वना देने के लिए पूर्वोत्तर राज्य का दौरा करने का अनुरोध किया।
गांधी ने मणिपुर की त्रासदी को ‘‘भयंकर’’ करार देते हुए यह भी कहा कि कांग्रेस मणिपुर में शांति बहाली के लिए हरसंभव प्रयास करेगी।
पिछले साल मई में मेइती और कुकी समुदायों के बीच भड़की जातीय हिंसा में अब तक मणिपुर में 200 से अधिक लोगों की जान गई है।
रायबरेली के सांसद ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘प्रधानमंत्री को बहुत पहले ही मणिपुर का दौरा कर लेना चाहिए था। उनका मणिपुर आना बहुत जरूरी है। मैं उनसे अनुरोध करता हूं कि वह मणिपुर आएं और यहां क्या हो रहा है, इसे समझने की कोशिश करें। मणिपुर के लोग ही नहीं, बल्कि संभवतः पूरे देश के लोग चाहते हैं कि प्रधानमंत्री राज्य का दौरा करें और लोगों की पीड़ा सुनें, इससे उन्हें राहत मिलेगी।’’
इससे पहले दिन में, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कई जगहों पर राहत शिविरों का दौरा किया। पिछले साल मई से अब तक पूर्वोत्तर राज्य में जातीय हिंसा के कारण विस्थापित हुए लोग इन राहत शिविरों में रह रहे हैं।
राहुल गांधी ने कहा, ‘‘समस्या शुरू होने के बाद से मैं तीसरी बार यहां आया हूं। यह एक बहुत बड़ी त्रासदी रही है। मुझे उम्मीद थी कि स्थिति में कुछ सुधार होगा। लेकिन, मैं यह देखकर काफी निराश हुआ कि स्थिति अब भी वैसी नहीं हुई है, जैसी होनी चाहिए।’’
पिछले साल तीन मई को मणिपुर में जातीय हिंसा भड़कने के कुछ सप्ताह बाद गांधी राज्य के दौरे पर आए थे। उन्होंने जनवरी 2024 में राज्य से अपनी ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ भी शुरू की थी। लोकसभा में विपक्ष का नेता मनोनीत होने और राज्य में कांग्रेस द्वारा दोनों लोकसभा सीट जीतने के बाद यह उनका पहला मणिपुर दौरा है।
उन्होंने कहा कि वह हिंसा से प्रभावित लोगों की पीड़ा सुनने और उनमें विश्वास जगाने के लिए राज्य के दौरे पर आए हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा, ‘‘हम मणिपुर में शांति लाने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे... विपक्ष में होने के नाते मैं सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा हूं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैं मणिपुर के सभी लोगों से कहना चाहता हूं कि मैं यहां आपका भाई बनकर आया हूं, मैं आपकी मदद करना चाहता हूं और मणिपुर में शांति वापस लाने के लिए आपके साथ काम करना चाहता हूं। मैं जो भी कर सकता हूं, करने के लिए तैयार हूं। कांग्रेस यहां शांति बहाली के लिए जो भी कर सकती है, करने के लिए तैयार है।’’
गांधी ने कहा कि मणिपुर में जो कुछ हो रहा है, वह उन्होंने भारत में कहीं नहीं देखा। उन्होंने जोर देकर कहा कि हिंसा और घृणा से कोई समाधान नहीं निकलने वाला है, जबकि सम्मान व संवाद से इसका समाधान निकल सकता है।
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘राज्य पूरी तरह से दो हिस्सों में बंट गया है और यह सभी के लिए दुखद है। पूरा राज्य पीड़ित है। अगर हम शांति और स्नेह के बारे में सोचना शुरू कर दें, तो यह मणिपुर के लिए बहुत बड़ा कदम होगा।’’
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मणिपुर के लोग जब भी चाहेंगे, वह और उनकी पार्टी हमेशा उपलब्ध रहेगी।
राहुल गांधी ने प्रेसवार्ता करने से पहले राज्यपाल अनुसुइया उइके से भी मुलाकात की थी।
उन्होंने प्रेसवार्ता में कहा, ‘‘भारत सरकार और हर वह व्यक्ति जो खुद को देशभक्त मानता है, उसे मणिपुर के लोगों को गले लगाना चाहिए।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमने राज्यपाल से कहा कि हम हरसंभव तरीके से मदद करना चाहेंगे। हमने अपनी नाराजगी भी जाहिर की। हम यहां हुई प्रगति से खुश नहीं हैं। मैं इस मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं करना चाहता, यह मेरा इरादा नहीं है।’’
कांग्रेस नेता ने पत्रकारों के सवालों का जवाब नहीं दिया और कहा कि उन्होंने अपना संदेश स्पष्ट कर दिया है।
भाषा शफीक