राठौड़ की जगह अरुण होंगे चेन्नई के नए पुलिस आयुक्त
वैभव दिलीप
- 08 Jul 2024, 08:55 PM
- Updated: 08:55 PM
चेन्नई, आठ जुलाई (भाषा) तमिलनाडु सरकार ने सोमवार को चेन्नई के पुलिस आयुक्त पद से संदीप राय राठौड़ को हटाते हुए उनकी जगह वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी ए अरुण को यह जिम्मेदारी सौंपी है।
राज्य में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के नेता के. आर्मस्ट्रांग की हत्या के कुछ दिन बाद यह कार्रवाई की गई है।
भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी अरुण ने आज चेन्नई पुलिस आयुक्त का पदभार संभाला और बदमाशों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का संकल्प लिया।
इस तबादले की कार्रवाई के कुछ ही समय बाद विपक्ष के नेता ईके पलानीस्वामी ने कहा कि एक अधिकारी का स्थानांतरण करने मात्र से कानून व्यवस्था की स्थिति सुदृढ़ नहीं हो सकती।
अन्नाद्रमुक महासचिव ने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री एम के स्टालिन की आलोचना करते हुए कहा कि पुलिस विभाग को ‘पूरी तरह छूट’ देकर ही कानून व्यवस्था को सही से संभाला जा सकता है।
पलानीस्वामी ने सलेम में संवाददाताओं से कहा कि केवल उचित शासन सुनिश्चित करके ही कानून और व्यवस्था की रक्षा की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग का प्रभार मुख्यमंत्री के ही पास है और यदि उन्होंने विभाग का कुशलतापूर्वक नेतृत्व किया होता, तो कानून व्यवस्था की स्थिति को अच्छा बनाए रखा जा सकता था।
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि स्टालिन एक ‘‘कठपुतली मुख्यमंत्री, एक अयोग्य मुख्यमंत्री’’ हैं और पुलिस अधिकारियों को पूरी स्वतंत्रता नहीं दी गई है, इसलिए वे कानून व्यवस्था को ठीक से बनाए नहीं रख सके।
एक सरकारी आदेश के अनुसार, राठौड़ को अब वरिष्ठ पुलिस अधिकारी राजीव कुमार की जगह पुलिस प्रशिक्षण कॉलेज में डीजीपी नियुक्त किया गया है।
अरुण पुलिस आयुक्त का पद संभालने से पहले अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी)-कानून व्यवस्था थे।
भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के वरिष्ठ अधिकारी देवासिरवाथम (एडीजीपी, मुख्यालय चेन्नई) अब अरुण की जगह एडीजीपी (कानून व्यवस्था) के रूप में जिम्मेदारी संभालेंगे।
शहर के नए पुलिस प्रमुख अरुण ने अपनी प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए कहा, ‘‘आपराधिक तत्वों को उनकी ही भाषा में सबक सिखाया जाएगा।’’
यह पूछे जाने पर कि क्या ‘मुठभेड़’ हो सकती हैं, इस पर उन्होंने कहा कि ‘मुठभेड़’ जैसी कोई चीज नहीं होती। अधिकारी ने कहा कि उपद्रवी तत्वों को ‘‘उस भाषा में सबक सिखाया जाएगा, जिसे वे समझते हैं।’’
उन्होंने जोर देकर कहा कि नियमित गश्त से सभी अपराधों में कमी आएगी। अधिकारी ने पुलिस विभाग के भीतर ‘कट्टा पंचायत’ (कंगारू अदालत) जैसी भ्रष्ट गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई का भी आश्वासन दिया।
उन्होंने बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना, अपराधों पर लगाम लगाना और अपराध की घटनाओं की उचित जांच तथा उपद्रव पर अंकुश लगाना प्राथमिकताएं हैं।
आर्मस्ट्रांग की हत्या के बारे में पूछे गए सवाल पर उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
बसपा नेता की जान को खतरे की पूर्व सूचना और पुलिस की निष्क्रियता के दावों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने आश्वासन दिया कि कोई चूक हुई होगी, तो कार्रवाई होगी।
भाषा वैभव