संदेशखालि मामले में सीबीआई जांच के अदालत के निर्देश के खिलाफ पश्चिम बंगाल सरकार की याचिका खारिज
वैभव नरेश
- 08 Jul 2024, 03:43 PM
- Updated: 03:43 PM
नयी दिल्ली, आठ जुलाई (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के एक आदेश को चुनौती देने वाली पश्चिम बंगाल सरकार की याचिका को सोमवार को खारिज कर दिया। उच्च न्यायालय ने संदेशखालि में महिलाओं के खिलाफ अपराध और जमीन हड़पने के आरोपों पर सीबीआई जांच का निर्देश दिया था।
न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति के वी विश्वनाथन की पीठ ने पश्चिम बंगाल सरकार के वकील अभिषेक सिंघवी से कहा, ‘‘यह सब संदेशखालि से संबंधित है। आपने (राज्य ने) महीनों तक कुछ नहीं किया।’’
सिंघवी ने शीर्ष अदालत से कहा कि कलकत्ता उच्च न्यायालय द्वारा केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को जारी किए गए दूरगामी निर्देश संदेशखालि में प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों पर हमले से संबंधित दो प्राथमिकियों तक ही सीमित रह सकते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘जिस आदेश की (उच्च न्यायालय के) बात हो रही है वह राशन घोटाले से जुड़ा है।’’
सिंघवी ने कहा कि कथित घोटाले में 43 प्राथमिकियां दर्ज की गई थीं।
पीठ ने कहा, ‘‘प्राथमिकियां चार वर्ष पहले दर्ज की गई थीं। आरोपी कौन हैं? गिरफ्तारियां कब की गईं?’’
उसने कहा, ‘‘किसी को बचाने में राज्य की रूचि क्यों होनी चाहिए?’’
उसने कहा कि पिछली सुनवाई में जब शीर्ष अदालत ने यह विशेष प्रश्न पूछा था तो राज्य सरकार के वकील ने कहा था कि मामले को स्थगित किया जाए।
पीठ ने राज्य सरकार द्वारा दायर याचिका खारिज कर दी और स्पष्ट किया कि उच्च न्यायालय के आदेश में की गई कोई टिप्पणी जांच में सीबीआई को प्रभावित नहीं करेगी।
पीठ ने कहा, ‘‘धन्यवाद। याचिका खारिज की जाती है।’’
शीर्ष अदालत, कलकत्ता उच्च न्यायालय के 10 अप्रैल के आदेश को चुनौती देने वाली राज्य सरकार की याचिका पर सुनवाई कर रही थी।
उच्चतम न्यायालय ने 29 अप्रैल को याचिका पर सुनवाई करते हुए पश्चिम बंगाल सरकार से कहा था कि निजी क्षेत्र के कुछ लोगों के हितों को बचाने के लिए राज्य को एक याचिकाकर्ता के रूप में क्यों आना चाहिए?
राज्य सरकार ने शीर्ष अदालत में अपनी याचिका में कहा था कि उच्च न्यायालय के आदेश ने पुलिस बल समेत राज्य के संपूर्ण तंत्र का मनोबल कमजोर कर दिया।
संदेशखालि में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों पर हमले के मामले की जांच पहले से ही सीबीआई कर रही है और उसने पांच जनवरी की घटनाओं से संबंधित तीन प्राथमिकी दर्ज की हैं।
भाषा वैभव