उत्तराखंड : भूस्खलन के कारण सौ से अधिक मार्ग अवरुद्ध, यमुनोत्री राजमार्ग को दुरुस्त करने का काम जारी
पारुल
- 12 Jul 2026, 07:21 PM
- Updated: 07:21 PM
देहरादून, 12 जुलाई (भाषा) उत्तराखंड में पिछले कुछ दिनों से लगातार जारी बारिश के कारण जगह-जगह भूस्खलन होने से सौ से अधिक मार्ग अवरुद्ध हैं, जबकि देहरादून में पिछले 24 घंटे में एक निर्माणाधीान भवन की दीवार ढहने से एक महिला घायल हो गई और एक अस्थायी पुल क्षतिग्रस्त हो गया।
इस बीच, पिछले तीन दिन से स्यानाचट्टी में भूस्खलन के कारण बंद पड़े यमुनोत्री राजमार्ग को दुरुस्त करने का काम लगातार जारी है।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) से मिली जानकारी के मुताबिक, उत्तराखंड में दो राष्ट्रीय राजमार्ग सहित कुल 126 मार्ग भूस्खलन के कारण अवरुद्ध हैं।
एसईओसी के अनुसार, देहरादून के प्रेमनगर क्षेत्र में पिछले साल आई आपदा के दौरान बहे पुल की जगह बनाया गया अस्थाई पुल रविवार तड़के आई भारी बारिश के दौरान क्षतिग्रस्त हो गया।
हालांकि, अधिकारियों ने बताया कि इससे क्षेत्र में यातायात प्रभावित नहीं हुआ, क्योंकि प्रशासन ने उसी के पास बनाए गए एक नवनिर्मित पुल को रविवार को ही यातायात के लिए खोल दिया।
एसईओसी ने बताया कि इसके अलावा, देहरादून के पथरिया पीर क्षेत्र में भारी बारिश के कारण एक निर्माणाधीन भवन की दीवार गिरने से एक महिला घायल हो गई।
उसने बताया कि घायल महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और संभावित खतरे के मद्देनजर प्रभावित क्षेत्र के सात परिवारों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित कर दिया गया है।
एसईओसी के मुताबिक, चमोली जिले में सिमली-थराली-ग्वालदम राष्ट्रीय राजमार्ग नारायणगढ़ में सड़क का कुछ हिस्सा टूटने के कारण आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त है, जिसे ठीक करने का प्रयास किया जा रहा है।
हालांकि, उसने कहा कि मार्ग पर वाहनों की आवाजाही सुचारु है।
एसईओसी ने कहा कि तवाघाट-गुंजी राष्ट्रीय राजमार्ग मलघट में यातायात के लिए अवरुद्ध है। उसने बताया कि सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) मलबे को हटाकर मार्ग को साफ करने के काम में जुटा है।
इस बीच, स्यानाचट्टी में ऋषिकेश-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग भूस्खलन के कारण बृहस्पतिवार से अवरुद्ध है और राष्ट्रीय राजमार्ग की टीम मार्ग को दुरुस्त कर यातायात बहाल करने के लिए लगातार प्रयासरत है।
अधिकारियों ने बताया कि भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में मलबा और बोल्डर हटाने के साथ ही वैकल्पिक मार्ग भी तैयार किया गया है, ताकि आवश्यक आवाजाही सुचारु रूप से जारी रखी जा सके।
भाषा
दीप्ति सं पारुल
पारुल
1207 1921 देहरादून