रियल एस्टेट धोखाधड़ी: अदालत ने कहा, आरोपी के विदेश में रहने वाले बेटे को ईडी का समन अमान्य
नरेश
- 09 Jul 2026, 05:54 PM
- Updated: 05:54 PM
नयी दिल्ली, नौ जुलाई (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने कहा है कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) रियल एस्टेट धोखाधड़ी के आरोपी अमित कत्याल के बेटे कृष्ण कत्याल को राष्ट्रीय राजधानी में उनके घर पर समन भेजकर उसे कानूनी रूप से सही तरीके से तामील नहीं मान सकती। अदालत ने कहा कि विदेश में रहने वाले व्यक्ति को समन भेजने के लिए एजेंसी को कानून में बताई गई उचित प्रक्रिया का पालन करना होगा।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शीतल चौधरी प्रधान, अमित कत्याल की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थीं, जिसमें उन्होंने ईडी को उनके पते पर उनके बेटे कृष्ण कत्याल के लिए भेजे गए समन को वैध तामील मानने से रोकने संबंधी निर्देश का अनुरोध किया था।
उन्होंने यह भी अनुरोध किया कि दूसरे देश में रह रहे विदेशी नागरिक को समन भेजने के लिए ईडी को कानून में निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने का निर्देश दिया जाए।
अदालत ने आठ जुलाई के अपने आदेश में कहा, ''कृष्ण कत्याल भारत के नागरिक नहीं हैं और न ही वह मूल अपराध के मामले में आरोपी हैं। ऐसे में एक अगस्त 2025 और 19 अगस्त 2025 को याचिकाकर्ता के पते पर भेजे गए समन को कृष्ण कत्याल पर वैध तामील नहीं माना जा सकता।''
आदेश में कहा गया, ''इसलिए कानून की दृष्टि में इसकी कोई वैधता नहीं है। ईडी को कानून में निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए स्थापित विधि के अनुसार कृष्ण कत्याल को समन तामील कराना चाहिए।''
अदालत ने यह भी कहा कि कृष्ण कत्याल न तो धनशोधन के मामले में आरोपी हैं और न ही ईडी द्वारा अपराध की जांच के मामले में उनके खिलाफ कोई आरोप है।
अदालत ने कहा, ''याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता के माध्यम से 12 अगस्त 2025 और 30 अगस्त 2025 को ईडी को भेजे गए पत्रों में स्पष्ट रूप से बताया गया था कि आरोपी के बेटे कृष्ण कत्याल वर्ष 2017 से याचिकाकर्ता के पते पर न तो रहते हैं और न ही कभी रहे हैं। ऐसे में उस पते पर उन्हें समन की तामील नहीं मानी जा सकती थी।''
इससे पहले, पिछले साल 19 नवंबर को एजेंसी ने गुरुग्राम में घर खरीददारों के साथ कथित धोखाधड़ी से जुड़े धन शोधन मामले में रियल एस्टेट कारोबारी अमित कत्याल को गिरफ़्तार किया था। कत्याल को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद के परिवार का करीबी माना जाता है।
अमित कत्याल को ईडी के गुरुग्राम क्षेत्रीय कार्यालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत हिरासत में लिया था। इससे पहले वर्ष 2023 में भी ईडी ने उन्हें एक अलग धनशोधन मामले में गिरफ्तार किया था जो रेलवे की कथित 'नौकरी के बदले जमीन' घोटाले से जुड़ा है। इस मामले में लालू प्रसाद, राबड़ी देवी और उनके परिवार के अन्य सदस्य भी आरोपी हैं।
भाषा आशीष नरेश
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