‘इंडिया’ के घटक दलों के बीच सीट बंटवारे के समझौते को लगभग अंतिम रूप दिया जा चुका है: सचिन पायलट
संतोष सुरेश
- 16 Mar 2024, 10:59 PM
- Updated: 10:59 PM
नयी दिल्ली, 16 मार्च (भाषा) कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने शनिवार को कहा कि विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) के घटक दलों के बीच सीट बंटवारे के समझौते को करीब-करीब अंतिम रूप दिया जा चुका है।
पायलट ने देश के लोगों को बेहतर सरकार प्रदान करने के लिए आगामी लोकसभा चुनाव जीतने का भरोसा जताया।
राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा कि देश एक ऐसी सरकार का हकदार है, जो विपक्ष का सम्मान करे, बहस और विचार-विमर्श को प्रोत्साहित करे और एजेंसियों का उपयोग अपनी ‘सनक’ के अनुसार न करे।
पायलट ने यहां ‘इंडिया टुडे’ कॉन्क्लेव में ‘‘भारत का विपक्ष: एक आख्यान और रणनीति की खोज’’ के तहत ‘इंडिया’ गठबंधन पर चर्चा के दौरान ये बातें कहीं।
परिचर्चा के दौरान नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला और आम आदमी पार्टी (आप) की नेता आतिशी ने भी अपनी बात रखी।
पायलट ने कहा, ‘‘मैं दो या चार सीट कम या ज्यादा पर लड़ सकता हूं, लेकिन यह महत्वपूर्ण नहीं है। बातचीत के दौरान हम कगार पर पहुंचे और अंतिम उद्देश्य भाजपा और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के हर उम्मीदवार के सामने एक (सक्षम) उम्मीदवार खड़ा करना है।’’
उन्होंने कहा कि गठबंधन सहयोगियों के बीच सीट बंटवारे के समझौते को लगभग अंतिम रूप दे दिया गया है और लोगों के लिए संदेश बिल्कुल स्पष्ट है कि देश एक ऐसी सरकार का हकदार है, जो विपक्ष का सम्मान करती हो, बहस और विचार-विमर्श को प्रोत्साहित करती हो और एजेंसियों का उपयोग अपनी ‘सनक’ के अनुरूप नहीं करती हो।
पायलट ने कहा, ‘‘हम यह चुनाव जीतने के लिए लड़ रहे हैं। हम जीतेंगे या नहीं, यह इस देश के लोगों पर निर्भर करेगा और यह सबसे अच्छा है कि फैसले को चार जून तक रोक दिया जाए। ‘इंडिया’ उन परिस्थितियों के कारण सामने आया है, जिसे देश पिछले नौ वर्षों से देख रहा है।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले नौ वर्षों में देश की सुस्थापित संवैधानिक संस्थाओं पर व्यवस्थित हमला किया गया है।
आतिशी ने कहा कि आप ने आगामी लोकसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों का चयन उन सीट पर जीतने के लिए किया है, जिन पर वे चुनाव लड़ रहे हैं, क्योंकि यह देश के लिए ‘करो या मरो की लड़ाई’ है।
उन्होंने कहा, ‘‘इस देश की प्रत्येक लोकतांत्रिक संस्था को (भाजपा के शासन में) एक-एक करके नुकसान पहुंचाया जा रहा है... चुनावी बॉण्ड के मुद्दे से पता चला है कि देश का सबसे बड़ा राष्ट्रीयकृत बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, भाजपा का एक और हाथ बन गया है।’’
आतिशी ने कहा कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) न केवल विपक्षी नेताओं को जेल में डाल रहे हैं, बल्कि इन एजेंसियों का इस्तेमाल देश के सबसे बड़े कारोबारियों से पैसे वसूलने के लिए भी किया गया। उन्होंने कहा कि कारोबारियों को चुनावी बॉण्ड खरीदने के लिए मजबूर किया गया था।
भाषा
संतोष