छत्तीसगढ़: कोयला घोटाला मामले में कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल ईओडब्ल्यू की हिरासत में
जितेंद्र
- 08 Jul 2026, 10:23 PM
- Updated: 10:23 PM
रायपुर, आठ जुलाई (भाषा) छत्तीसगढ़ में कथित कोयला लेवी घोटाले के मामले में राज्य की आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ईओडब्ल्यू) ने बुधवार को कांग्रेस की प्रदेश इकाई के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को हिरासत में लिया।
अधिकारियों ने बताया कि अग्रवाल से कथित शराब घोटाले और चावल की 'कस्टम मिलिंग' से जुड़े मामलों में भी पूछताछ की जाएगी।
'कस्टम मिलिंग' से तात्पर्य सरकार या किसी एजेंसी द्वारा किसानों से खरीदे गए धान को निजी मिलों के माध्यम से चावल में बदलवाने की प्रक्रिया है।
ईओडब्ल्यू ने बयान में बताया कि अग्रवाल लंबे समय से जांच में शामिल होने के लिए उपलब्ध नहीं थे और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एक विशेष अदालत ने उनके खिलाफ स्थायी वारंट जारी किया था।
एजेंसी के अनुसार, कोयला लेवी मामले में अग्रवाल से जांच के दौरान मिले दस्तावेजों, डिजिटल साक्ष्यों, जब्त डायरी और अन्य सामग्री के आधार पर पूछताछ की जा रही है।
ईओडब्ल्यू का दावा है कि सूर्यकांत तिवारी के पास से जब्त डायरी में कांग्रेस भवन के नाम पर करोड़ों रुपये की प्रविष्टियां मिली थीं और जांच में यह बात सामने आई है कि यह राशि रामगोपाल अग्रवाल ने प्राप्त की थी।
एजेंसी ने बताया कि अग्रवाल से धनराशि के स्रोत, उसे पहुंचाने वाले व्यक्तियों, प्राप्तकर्ता और उसके उपयोग से जुड़े बिंदुओं पर जानकारी ली जा रही है।
ईओडब्ल्यू ने बताया कि इसके अलावा कोयला लेवी मामले में उनकी भूमिका, संबंधित लोगों से संपर्क, वित्तीय लेन-देन और अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है। ईओडब्ल्यू के मुताबिक, कथित शराब मामले में भी जांच के दौरान यह सामने आया है कि अनवर ढेबर और उसके सहयोगियों द्वारा कथित तौर पर करोड़ों रुपये कांग्रेस भवन में रामगोपाल अग्रवाल तक पहुंचाए गए थे।
एजेंसी ने बताया कि वहीं, धान से जुड़े मामले में रोशन चंद्राकर द्वारा कथित तौर पर करोड़ों रुपये पहुंचाए जाने के संबंध में भी जांच की जा रही है।
एजेंसी के मुताबिक, अग्रवाल के बेटे वैभव अग्रवाल से भी पिछले दो दिनों से पूछताछ की गई थी।
ईओडब्ल्यू ने बताया कि संबंधित मामलों की जांच जारी है और साक्ष्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जांच एजेंसियों के अनुसार, कथित कोयला लेवी मामले में जुलाई 2020 से जून 2022 के बीच करीब 540 करोड़ रुपये की अवैध वसूली की गई थी।
एजेंसी ने बताया कि इसी तरह, कथित शराब घोटाला 2019 से 2022 के बीच हुआ, जिसमें अपराध से अर्जित राशि 3,500 करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है।
जांच एजेंसी के अनुसार, खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में कथित रूप से 175 करोड़ रुपये का चावल मिलिंग घोटाला हुआ था।
वहीं, कांग्रेस नेता सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया कि भाजपा केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर कांग्रेस नेताओं को निशाना बना रही है।
उन्होंने कहा कि ईडी अपने आरोप साबित नहीं कर पाई है और यह मामला अदालत में टिक नहीं पाएगा।
भाषा संजीव जितेंद्र
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