मफतलाल इंडस्ट्रीज का पांच साल में कारोबार को दोगुना करने का लक्ष्य: एमडी एवं सीईओ
अजय
- 08 Jul 2026, 05:53 PM
- Updated: 05:53 PM
(प्रेम कांत सिंह)
नयी दिल्ली, आठ जुलाई (भाषा) घाटे से उबरकर खुद को नए सिरे से स्थापित करने में जुटी वस्त्र विनिर्माता मफतलाल इंडस्ट्रीज ने अगले चार-पांच साल में अपना कारोबार दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। कंपनी के प्रबंध निदेशक (एमडी) एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) प्रियव्रत मफतलाल ने बुधवार को यह जानकारी दी।
हाल ही में सीईओ का पदभार संभालने वाले मफतलाल ने 'पीटीआई-भाषा' के साथ साक्षात्कार में कहा कि पिछले कुछ वर्षों में किए गए कारोबार पुनर्गठन का अधिकांश काम पूरा हो चुका है और अब कंपनी का ध्यान वृद्धि के अगले चरण पर है।
उन्होंने कहा, ''कोविड के दौरान अपनाई गई हमारी रणनीति का बड़ा हिस्सा अब लागू हो चुका है। अब हमारा पूरा ध्यान वृद्धि पर है और अगले चार-पांच वर्षों में हम कारोबार को दोगुना करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।''
वर्ष 1905 में स्थापित मफतलाल इंडस्ट्रीज पिछले कुछ समय से अपने कारोबार के पुनर्गठन पर काम कर रही है। इस दौरान कंपनी ने पारंपरिक वस्त्र कारोबार के साथ संस्थागत यूनिफॉर्म, प्रौद्योगिकी समाधान और तकनीकी वस्त्र जैसे क्षेत्रों पर ध्यान बढ़ाया है।
वित्त वर्ष 2018-19 में कंपनी को लगभग 180 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था, लेकिन पुनर्गठन प्रयासों के बाद यह लाभ की स्थिति में लौट आई है। वित्त वर्ष 2025-26 में इसका परिचालन राजस्व बढ़कर 3,870 करोड़ रुपये हो गया जबकि कर-पूर्व लाभ लगभग 97 करोड़ रुपये रहा।
मफतलाल परिवार की पांचवीं पीढ़ी के सदस्य प्रियव्रत मफतलाल ने कहा कि आगे की वृद्धि मुख्य रूप से यूनिफॉर्म, प्रौद्योगिकी और तकनीकी वस्त्र कारोबार से आने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा, ''यूनिफॉर्म उद्योग अब भी काफी हद तक असंगठित है और राष्ट्रीय स्तर पर इसके विस्तार की पर्याप्त संभावनाएं हैं। स्कूल, अस्पताल, कॉरपोरेट, आतिथ्य और रक्षा जैसे संस्थागत क्षेत्रों में हम अपनी मौजूदगी को और मजबूत करेंगे।''
उन्होंने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में डिजिटलीकरण बढ़ने के साथ कंपनी इंटरैक्टिव फ्लैट पैनल, कृत्रिम मेधा (एआई) आधारित शिक्षण समाधान और अन्य डिजिटल कक्षा उत्पादों पर भी ध्यान दे रही है। साथ ही, तकनीकी वस्त्र को भविष्य का प्रमुख वृद्धि क्षेत्र माना जा रहा है।
पूंजीगत निवेश के बारे में उन्होंने कहा कि कंपनी फिलहाल कम परिसंपत्ति आधारित (एसेट-लाइट) मॉडल पर काम जारी रखेगी और किसी बड़े विनिर्माण संयंत्र की योजना नहीं है।
उन्होंने कहा, ''हमारे लिए निवेश का मतलब केवल नया संयंत्र लगाना नहीं है। हम आपूर्ति शृंखला, विनिर्माण भागीदारों और आंतरिक प्रक्रियाओं को मजबूत करने पर भी ध्यान दे रहे हैं।''
कंपनी की ऑर्डर बुक के बारे में उन्होंने कहा कि इसे सामान्य तौर पर 700 से 1,000 करोड़ रुपये के बीच बनाए रखने का प्रयास रहता है, जिससे अगले एक-दो तिमाहियों के कारोबार की दृश्यता बनी रहती है।
निर्यात के बारे में उन्होंने कहा कि कंपनी पश्चिम एशिया, उत्तर एवं दक्षिण अमेरिका और अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी मौजूदगी बढ़ाने के साथ नए बाजारों में अवसर तलाश रही है। घरेलू बाजार और निर्यात, दोनों ही आने वाले वर्षों में वृद्धि के प्रमुख आधार होंगे।
मफतलाल ने विलय एवं अधिग्रहण योजना के बारे में पूछे जाने पर कहा, ''कंपनी अपने मौजूदा कारोबार से जुड़े क्षेत्रों में उपयुक्त अवसर मिलने पर आगे विचार कर सकती है। हालांकि, किसी भी संभावित अधिग्रहण में वित्तीय पहलुओं के साथ सांस्कृतिक अनुकूलता को भी बराबर महत्व दिया जाएगा।''
भारतीय वस्त्र उद्योग के बारे में मफतलाल ने कहा कि सरकार की नीतियों, माल एवं सेवा कर (जीएसटी) ढांचे में सुधार और तकनीकी वस्त्र को बढ़ावा देने वाली पहल से उद्योग के लिए दीर्घकालिक अवसर पैदा हो रहे हैं।
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