राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर अयोध्या को बदनाम करने की कोशिश कर रहीं सपा, कांग्रेस: आदित्यनाथ
जोहेब
- 08 Jul 2026, 05:49 PM
- Updated: 05:49 PM
चित्रकूट (उप्र), आठ जुलाई (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) पर राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले का राजनीतिकरण करके अयोध्या और भगवान राम की विरासत को बदनाम करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की सिफारिश पर विशेष जांच दल (एसआईटी) से जांच कराने का आदेश दिया।
चित्रकूट में 950 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं के लोकापर्ण के बाद एक सभा को संबोधित करते हुए, आदित्यनाथ ने कहा कि मामला सामने आने के बाद विपक्षी दल अचानक सक्रिय हो गए हैं क्योंकि उन्हें अयोध्या को निशाना बनाने के लिए "एक मुद्दा" मिल गया है।
उन्होंने कहा, "आपने हाल की खबरें सुनी होंगी। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी अचानक सक्रिय हो गईं। ये वे पार्टियां हैं जिन्होंने ऐतिहासिक रूप से अयोध्या की आलोचना की है, और उन्हें फायदा उठाने के लिए एक मुद्दा मिल गया है।"
मुख्यमंत्री ने कहा कि ट्रस्ट ने स्वयं सरकार को सूचित किया कि उसे दान की गिनती के दौरान कथित चोरी के बारे में जानकारी मिली है और एक उच्च स्तरीय एसआईटी का गठन किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, "हमने ट्रस्ट की सिफारिश को स्वीकार करके एक उच्च स्तरीय एसआईटी गठित की। जांच के दौरान चोरी में सीधे तौर पर शामिल पाए गए छह लोगों के खिलाफ सबूत मिले, जबकि दो अन्य व्यक्ति साजिश का हिस्सा थे। एसआईटी की सिफारिशों के आधार पर ट्रस्ट ने एक प्राथमिकी दर्ज करके कार्रवाई की।"
विपक्ष की ओर से हो रही आलोचना पर सवाल उठाते हुए आदित्यनाथ ने कहा, "जब आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई, तो पूरे ट्रस्ट को बदनाम करने, अयोध्या पर सवाल उठाने और भगवान राम की विरासत का अपमान करने का क्या औचित्य है? ऐसा लगता है कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने भारत की आस्था पर हमला करने का ठेका ले लिया है।"
मुख्यमंत्री ने राम सेतु मामले में कांग्रेस के रुख को लेकर भी उस पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा, "वह समय याद करें जब कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार थी और वह राम सेतु को ध्वस्त करने की मांग कर रही थी। उच्चतम न्यायालय में उसने एक हलफनामा दायर किया था जिसमें कहा गया था कि भगवान राम काल्पनिक हैं। उसे भगवान राम और भगवान कृष्ण के बारे में ऐसा दावा करने में कोई शर्म नहीं महसूस हुई।"
उन्होंने सवाल किया, "अगर भगवान राम और भगवान कृष्ण काल्पनिक हैं, तो अयोध्या, चित्रकूट, श्रृंगवेरपुर, मथुरा, वृन्दावन, गोवर्धन, बरसाना और पंचवटी क्या हैं? ये लोग अब किस मुंह से अयोध्या में आस्था की बात कर रहे हैं?"
आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में सपा सरकार के दौरान राम भक्तों पर गोलीबारी का भी जिक्र किया और कहा कि जिन लोगों ने "राम भक्तों पर लाठीचार्ज किया और गोलियां चलाईं" उन्हें अयोध्या के बारे में बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया, ''अगर कोई राम भक्त या चित्रकूट का निवासी अयोध्या के बारे में बोलता है तो उसका स्वागत किया जाना चाहिए। लेकिन आज कांग्रेस और समाजवादी पार्टी आस्था के नाम पर अयोध्या और भगवान राम की विरासत को बदनाम करने की साजिश में लगी हुई हैं।''
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि जब सपा सत्ता में थी, तो जो धन चित्रकूट जैसे धार्मिक स्थलों के विकास और मंदाकिनी नदी के किनारे के सौंदर्यीकरण पर खर्च किया जा सकता था, उसका उपयोग "कब्रिस्तान की चाहरदीवारी दीवारों" के निर्माण के लिए किया गया था।
उन्होंने वक्फ मुद्दे पर भी विपक्ष की आलोचना की और आरोप लगाया कि वक्फ के नाम पर सरकारी, धार्मिक और गरीब लोगों की हजारों एकड़ जमीन पर कब्जा कर लिया गया है।
उन्होंने कहा, "जब वक्फ संपत्तियों का सत्यापन किया गया और केंद्र ने इस लूट के खिलाफ कानून लाया, तो कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने इसका विरोध किया। जब जमीन कथित तौर पर हड़प ली गई तो वे चुप रहे, लेकिन जब कार्रवाई शुरू की गई तो उन्होंने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।"
दोनों पार्टियों पर कटाक्ष करते हुए, आदित्यनाथ ने कहा कि उनके "दोहरे मानदंडों" ने राजनीति में विश्वास को कम कर दिया है।
उन्होंने कहा, "उनका आचरण इतना विरोधाभासी हो गया है कि गिरगिट भी इस बात से शर्मिंदा महसूस करेगा कि वे कितनी जल्दी रंग बदलते हैं।"
मुख्यमंत्री ने लोगों से भारत की आस्था और धार्मिक विरासत को कमजोर करने के प्रयासों के खिलाफ सतर्क रहने का आग्रह किया।
भाषा किशोर जफर जोहेब
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