बंधुआ मजदूरी मामले में भारत का अमेरिका से 12.5 प्रतिशत शुल्क पर फिर से विचार करने का अनुरोध
अजय
- 07 Jul 2026, 08:11 PM
- Updated: 08:11 PM
नयी दिल्ली, सात जुलाई (भाषा) भारत ने बंधुआ मजदूरी से बने सामान के आयात पर रोक लगाने में कथित तौर पर नाकाम रहने को लेकर 12.5 प्रतिशत शुल्क लगाने के प्रस्ताव पर अमेरिका से फिर से विचार करने का अनुरोध किया है। साथ ही, भारत ने किसी भी खास चिंता को दूर करने के लिए अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसएसटीआर) के साथ बातचीत करने की इच्छा भी जताई है।
भारत ने कहा है कि यूएसटीआर ने भारत समेत किसी भी देश के लिए धारा 301 के उन खास पहलुओं की न तो पहचान की है और न ही उन पर चर्चा की है, जिन्हें सीधे तौर पर अनुचित गतिविधि, नीति या तौर-तरीका माना जा सके। बंधुआ मजदूरी से बने सामान के आयात पर रोक लगाने और उसे प्रभावी ढंग से लागू करने में नाकाम रहने से जुड़ी विभिन्न अर्थव्यवस्थाओं की गतिविधियों, नीतियों और तौर-तरीकों की धारा 301 जांच की रिपोर्ट के जवाब में भारत ने यह बात कही है।
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि ने 11 और 12 मार्च, 2026 को बंधुआ मजदूरी और जरूरत से अधिक औद्योगिक क्षमता से जुड़ी चिंताओं को लेकर 60 अर्थव्यवस्थाओं के खिलाफ धारा 301 के तहत दो अलग-अलग जांच शुरू की थीं।
यूएसटीआर ने तीन जून को बंधुआ मजदूरी से जुड़ी जांच रिपोर्ट जारी की और 54 अर्थव्यवस्थाओं से होने वाले आयात पर अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा।
इस प्रस्ताव में कनाडा, इक्वाडोर, यूरोपीय संघ, इंडोनेशिया, मेक्सिको और पाकिस्तान से होने वाले आयात पर 10 प्रतिशत शुल्क और भारत तथा चीन समेत 48 अन्य अर्थव्यवस्थाओं से होने वाले आयात पर 12.5 प्रतिशत शुल्क लगाने की बात शामिल है।
यह कदम अभी सिर्फ एक प्रस्ताव है और इसे अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है।
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि को सौंपी गई रिपोर्ट में भारत ने कहा, ''किए गए दावों, पहचानी गई कमियों और पर्याप्त आधार न होने को देखते हुए भारत, अमेरिका से अनुरोध करता है कि वह शुल्क लगाने के प्रस्ताव पर फिर से विचार करे। भारत किसी भी खास चिंता पर बातचीत और चर्चा के जरिये यूएसटीआर के साथ रचनात्मक रूप से जुड़ने को तैयार है।''
भारत ने यह भी कहा है कि यूएसटीआर यह साबित करने के लिए जरूरी सबूत नहीं दे पाया है कि इन देशों में प्रतिबंध न होने से बाजार को कैसे प्रभावित कर रहा है और नियमों का पालन करने वाली कंपनियों के लाभ को कैसे नुकसान पहुंच रहा है।
रिपोर्ट में कहा गया, ''भारत के अनुसार बिना किसी अन्य नियामकीय जरूरतों के केवल बंधुआ मजदूरी से जुड़े आयात पर प्रतिबंध न होना कानून की धारा 301 के तहत 'अनुचित' नहीं माना जा सकता।''
भारत ने कहा है कि यूएसटीआर ने जांच की गई 60 अर्थव्यवस्थाओं में कानून और तौर-तरीकों का अर्थव्यवस्था के आधार पर विश्लेषण नहीं किया है। इसके बजाय, उसने बिना यह देखे कि उन अर्थव्यवस्थाओं में कौन से खास उपाय लागू किए जा रहे हैं, यह व्यापक निष्कर्ष निकाल लिया है कि ऐसे सभी तरीके अपर्याप्त हैं,
इस रिपोर्ट पर सात जुलाई को सार्वजनिक सुनवाई होगी। प्रस्तावित उपायों पर अंतिम फैसला लेने से पहले अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि मिली टिप्पणियों और बयानों पर विचार करेगा।
भाषा रमण अजय
अजय
0707 2011 दिल्ली