किसानों के प्रदर्शन को लेकर बिहार प्रशासन ने झूठी प्राथमिकी दर्ज की: राजद सांसद सुधाकर सिंह
पवनेश
- 07 Jul 2026, 06:52 PM
- Updated: 06:52 PM
नयी दिल्ली, सात जुलाई (भाषा) बक्सर से राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सांसद सुधाकर सिंह ने मंगलवार को आरोप लगाया कि पूर्वी चंपारण में किसानों के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के बाद बिहार प्रशासन ने उन्हें और कई अन्य लोगों को गंभीर आरोपों वाले झूठे केस में फंसाया है। उन्होंने कहा कि वह लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के सामने 'विशेषाधिकार हनन' का मुद्दा उठाएंगे।
यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा कि वह तीन जुलाई को पूर्वी चंपारण जिले के पिपरा कोठी में एक किसान सभा में शामिल होने गए थे। इस सभा का आयोजन बिहार सरकार द्वारा एक कृत्रिम 'वॉटर पार्क' परियोजना के लिए खेती की जमीन जबरन अधिग्रहित किए जाने के विरोध में किया गया था।
सांसद ने कहा कि विरोध प्रदर्शन के बाद उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। इसमें उन पर और उनके साथियों के अलावा 24 अन्य लोगों पर हत्या की कोशिश, लूटपाट, सरकारी काम में बाधा डालने और निर्माण सामग्री चोरी करने जैसे आरोप लगाए गए।
सिंह ने कहा, ''मैं वहां किसानों का समर्थन करने गया था और प्रतीकात्मक रूप से ट्रैक्टर से जमीन जोती थी... बिना किसी सबूत के उन्होंने मुझ पर हत्या की कोशिश और जेब काटने का आरोप लगाया है।''
उन्होंने दावा किया कि ये आरोप (जिसमें शिकायतकर्ता की जेब से 35,000 रुपये निकालने का आरोप भी शामिल है) 'झूठे और मनगढ़ंत' हैं और इनका मकसद विरोध कर रहे किसानों का समर्थन करने के लिए उन्हें सजा देना था।
राजद सांसद ने यह भी कहा कि बार-बार अनुरोध करने के बावजूद बिना किसी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी के उन्हें लगभग एक घंटे तक हिरासत में रखा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन और पुलिस का यह व्यवहार संसदीय विशेषाधिकार का उल्लंघन है।
सांसद ने कहा कि वह इस मामले को लेकर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखेंगे और उनसे मुलाक़ात करेंगे।
उन्होंने सवाल किया कि अगर कथित अपराध वास्तव में हुए थे, तो उन्हें तुरंत गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया, जबकि विरोध-प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल, मीडियाकर्मी और आम लोग मौजूद थे।
उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि अगर वाकई किसी सरकारी काम में बाधा डाली गई थी, तो शिकायत किसी सरकारी अधिकारी के बजाय किसी निजी व्यक्ति ने क्यों दर्ज कराई।
भाषा संतोष पवनेश
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