उत्तराखंड: बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे के प्रबंधन में कथित अनियमितताओं की जांच शुरू
जितेंद्र
- 07 Jul 2026, 04:40 PM
- Updated: 04:40 PM
देहरादून, सात जुलाई (भाषा) उत्तराखंड के प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम में चढ़ावे और दान के प्रबंधन में कथित अनियमितताओं के सोशल मीडिया पर सामने आए आरोपों की जांच के लिए गठित चार सदस्यीय टीम ने अपनी पड़ताल शुरू कर दी है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के वरिष्ठ अधिकारियों वाली जांच समिति ने अपनी जांच शुरू कर दी है।
उन्होंने बताया कि समिति सीसीटीवी फुटेज सहित उपलब्ध सभी साक्ष्यों की जांच और संबंधित व्यक्तियों के बयान लेने के बाद अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
अधिकारी ने बताया कि समिति मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालेगी ताकि आरोपों की सत्यता सामने आ सके।
उन्होंने बताया, "कुछ दिनों में सारी तस्वीर साफ हो जाएगी और सच सामने आ जाएगा।"
समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने दोहराया कि मंदिर समिति ने आरोपों को 'बेहद गंभीरता' से लिया है और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
द्विवेदी ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया कि जांच समिति ने अपना काम शुरू कर दिया है और सप्ताहभर से लेकर 10 दिनों के बीच उसकी रिपोर्ट आ जाएगी।
उन्होंने बताया, "जैसे ही प्रारंभिक रिपोर्ट मिलेगी दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।"
सोशल मीडिया पर लगाए गये आरोपों के बाद समिति ने पिछले सप्ताह जांच समिति का गठन किया था।
उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के आरोपों के बाद अब बदरीनाथ धाम में भी ऐसे आरोप सामने आने पर कांग्रेस ने प्रदेश की पुष्कर सिंह धामी सरकार पर जमकर निशाना साधा।
कांग्रेस की उत्तराखंड इकाई के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने पूरे मामले की न्यायिक जांच या विधानसभा की संयुक्त समिति से जांच कराए जाने की मांग की।
उन्होंने कहा, "जिस प्रकार राम मंदिर में सनातन धर्म के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ हुआ, उसी प्रकार अब बदरीनाथ धाम को लेकर भी गंभीर आरोप सामने आए हैं। मंदिर में चोरी, बहुमूल्य रत्नों, आभूषणों तथा चढ़ावे में कथित अनियमितताओं जैसे गंभीर आरोप सत्ता प्रतिष्ठान द्वारा नियुक्त लोगों पर लगे हैं।"
गोदियाल ने कहा, "मैं मांग करता हूं कि पूरे मामले की न्यायिक जांच करायी जाए या विधानसभा की संयुक्त समिति इसकी जांच करे।"
कांग्रेस की मांग पर द्विवेदी ने कहा कि समिति की यह अभी केवल प्रारंभिक जांच है और अगर जरूरत हुई तो हम बड़ी से बड़ी जांच के लिए तैयार हैं।
उन्होंने कहा, "सारे विकल्प खुले हैं। जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर अगर आगे जांच की जरूरत होगी तो शासन के सामने प्रस्ताव रखा जाएगा। सच्चाई की तह तक पहुंचने के लिए बड़ी से बड़ी जांच कराई जाएगी।"
इस बीच, मंदिर समिति के उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती ने मंदिर समिति को कामकाज के लिए दिए गए लैपटॉप गायब होने के आरोपों पर कहा कि ये लैपटॉप कर्मचारियों को काम करने के लिए दिए गए हैं।
उन्होंने कहा, "एक बैंक की ओर से कुछ साल पहले मंदिर समिति को आठ लैपटॉप दिए गए थे, जिन्हें कर्मचारियों को समिति का काम करने के लिए दिया गया है।"
भाषा सं दीप्ति जितेंद्र
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