अयोध्या प्रकरण के बाद पटना के महावीर मंदिर को प्राप्त दान को लेकर सुरक्षा कड़ी, पारदर्शिता पर जोर
संतोष
- 07 Jul 2026, 01:35 PM
- Updated: 01:35 PM
पटना, सात जुलाई (भाषा) अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी की हालिया घटना के बाद बिहार के प्रसिद्ध महावीर मंदिर प्रशासन ने दान की गिनती प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।
भगवान हनुमान को समर्पित इस मंदिर के दान और चढ़ावा की गिनती से संबंधित कक्ष को अब पूरी तरह सीसीटीवी निगरानी में रखा गया है। साथ ही निगरानी कक्ष में तैनात कर्मियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि दान और चढ़ावा की गिनती के दौरान किसी भी अनधिकृत व्यक्ति को प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश न करने दिया जाए।
मंदिर का प्रबंधन करने वाली 'श्री महावीर मंदिर न्यास समिति' के सदस्य सचिव सयान कुणाल ने 'पीटीआई-भाषा' से कहा, ''दान की गिनती से संबंधित कक्ष में दो और सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। अब वहां कुल छह सीसीटीवी कैमरे हैं। प्रत्येक बुधवार और बृहस्पतिवार को बैंक अधिकारियों की मौजूदगी में नकदी को हाथ से अलग-अलग करके गिनने, पैक करने और फिर सीलबंद करने का काम किया जाता है।''
उन्होंने कहा, ''मंदिर की मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के तहत दान गिनने वाले कर्मियों के लिए विशेष ड्रेस कोड भी अनिवार्य है। उन्हें ऐसी पोशाक पहननी होती है जिसमें जेब नहीं होती। यह पोशाक मंदिर प्रशासन उपलब्ध कराता है।''
कुणाल ने कहा कि दान की गिनती में अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए हाल में देश के एक मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी की घटना के बाद ये अतिरिक्त एहतियाती कदम उठाए गए हैं।
उन्होंने कहा, ''मंदिर की न्यास समिति ने श्रद्धालुओं से प्राप्त चढ़ावे की मासिक समीक्षा कराने का भी निर्णय लिया है। इसके लिए विशेष रूप से एक चार्टर्ड अकाउंटेंट नियुक्त किया गया है। इन सभी उपायों का उद्देश्य किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोकना है।''
कुणाल के अनुसार, मंदिर में हर वर्ष लगभग चार करोड़ रुपये से छह करोड़ रुपये तक का दान प्राप्त होता है। वित्त वर्ष 2025-26 में कुल 5.93 करोड़ रुपये का चढ़ावा प्राप्त हुआ।
उन्होंने बताया कि निर्धारित व्यवस्था के अनुसार दानपात्रों को न्यास समिति के सदस्यों और नामित कर्मियों की मौजूदगी में खोला जाता है। इसके बाद नकदी को एक पारदर्शी गिनती केंद्र में ले जाकर उसकी गिनती की जाती है।
कुणाल ने बताया कि महावीर मंदिर न्यास पूर्वी चंपारण जिले के कल्याणपुर प्रखंड में विराट रामायण मंदिर का भी निर्माण करा रहा है, जहां हाल ही में विशाल शिवलिंग की स्थापना की गई है।
उन्होंने कहा कि मुख्य मंदिर की ऊंचाई 270 फुट होगी तथा पूरे मंदिर परिसर में 18 शिखर और विभिन्न देवी-देवताओं को समर्पित 22 मंदिर होंगे।
दिवंगत आचार्य किशोर कुणाल के पुत्र सयान कुणाल ने बताया कि इस विशाल शिवलिंग को तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश से होते हुए मोतिहारी पहुंचाने में 45 दिन लगे।
भाषा कैलाश वैभव संतोष
संतोष
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