राम मंदिर मामले पर लीपापोती की कोशिश, चंदे का विवरण सार्वजनिक किया जाए: कांग्रेस
वैभव
- 07 Jul 2026, 01:25 PM
- Updated: 01:25 PM
नयी दिल्ली, सात जुलाई (भाषा) कांग्रेस ने राम मंदिर से "चढ़ावा चोरी" के मामले में मंगलवार को लीपापोती के प्रयास का आरोप लगाया और कहा कि मंदिर को दिए गए चंदे का पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाए।
पार्टी के वरिष्ठ नेता और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने यह भी कहा कि इस पूरे मामले की उच्चतम न्यायालय के वर्तमान या पूर्व न्यायाधीश की निगरानी में जांच कराई जानी चाहिए।
गहलोत ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को राम मंदिर के मुद्दे के कारण ही सत्ता में आने का अवसर मिला था, लेकिन अब लोगों के बीच यह भावना बन रही है कि उनकी आस्था के साथ विश्वासघात हुआ है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कथित गड़बड़ियों की जानकारी काफी पहले से थी, लेकिन मामले को दबाने का प्रयास किया गया।
उनका कहना था कि इस पूरे प्रकरण में लीपापोती की कोशिश की गई, जबकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वयं मंदिर निर्माण में विशेष रुचि दिखाई थी।
गहलोत ने कहा कि इस मामले में लगाए गए आरोप बेहद गंभीर हैं। उन्होंने दावा किया कि "डबल इंजन" सरकार भी इस तरह की कथित चोरी रोकने में विफल रही।
कांग्रेस नेता ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग "चाल, चरित्र और चेहरा" की बात करते थे, इस घटनाक्रम से उनका वास्तविक चेहरा सामने आ गया है और वे पूरी तरह बेनकाब हो गए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भाजपा ने मंदिर पर अवैध कब्जा कर रखा है।
उनका कहना था कि जब पूरे देश के लोगों ने मंदिर निर्माण के लिए चंदा दिया था तो सभी पक्षों को साथ लेकर चलना चाहिए था।
गहलोत ने मांग की कि मौजूदा ट्रस्ट को भंग कर नया ट्रस्ट गठित किया जाए, जिसमें धर्माचार्यों को शामिल किया जाए।
उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच उच्चतम न्यायालय के वर्तमान या पूर्व न्यायाधीश की निगरानी में कराई जानी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि जिस तरह चुनावी बॉन्ड मामले में उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद चुनावी चंदा देने वालों का विवरण सार्वजनिक हुआ, उसी प्रकार राम मंदिर के लिए प्राप्त चंदे का पूरा ब्यौरा भी सार्वजनिक किया जाना चाहिए ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
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