बाढ़ का समाधान ढूंढने पर ध्यान केंद्रित कर रहा हूं, “राष्ट्रीय समस्या” बनाने पर नहीं: हिमंत
जोहेब नरेश
- 07 Jul 2024, 10:03 PM
- Updated: 10:03 PM
गुवाहाटी, सात जुलाई (भाषा) असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने रविवार को कहा कि वह राज्य में हर साल खड़ी होने वाली बाढ़ की समस्या को "राष्ट्रीय समस्या" के रूप में मान्यता दिलाने के बजाय इसका समाधान ढूंढने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने बाढ़ से निपटने के लिए पहले ही धनराशि उपलब्ध करा दी है तथा संकट से निपटने के लिए तटबंधों जैसे बुनियादी ढांचे के विकास के लिए और अधिक धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी।
कामरूप जिले में बाढ़ राहत शिविरों का दौरा करने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए शर्मा ने कहा, "अगर बाढ़ को राष्ट्रीय समस्या घोषित कर दिया जाता है, तो इससे हमें क्या लाभ होगा? बल्कि जब विदेशियों को यह पता चलेगा तो वे यहां आना बंद कर देंगे।"
उन्होंने कहा, "हमारा ध्यान समाधान खोजने पर है। यदि कोई राष्ट्रीय समाधान होगा तो हमें फायदा मिलेगा।" इससे पहले उन्होंने कामरूप जिले में राहत शिविरों का दौरा कर उनमें रह रहे लोगों की स्थिति का जायजा लिया।
उन्होंने तीन राहत शिविरों में रह रहे लोगों से मुलाकात कर बातचीत की तथा जिला प्रशासन को सभी आवश्यक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “आज, मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने पलाशबाड़ी में अमृत चंद्र ठाकुरिया कॉमर्स कॉलेज में राहत शिविर का दौरा किया, जहां बाढ़ प्रभावित इलाके के 28 व्यक्तियों ने शरण ले रखी है।”
सीएमओ ने एक अन्य पोस्ट में बताया कि मुख्यमंत्री ने एलपी स्कूल, नाहिरा में एक राहत शिविर में शरण लिए लोगों से भी मुलाकात की।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने कहा, “एचसीएम ने शिविर में उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया और उपायुक्त(कामरूप) को दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति सुनिश्चित करने और बच्चों व बुजुर्गों की जरूरतों का विशेष ध्यान रखने का निर्देश दिया।”
शर्मा ने नाहिरा गुइमारा क्षेत्रीय हाई स्कूल का भी दौरा किया और वहां ठहरे लोगों से बातचीत की। सीएमओ ने कहा, “मुख्यमंत्री ने वहां अस्थायी रूप से रह रहे 236 लोगों से मुलाकात की और कामरूप जिले को शिविर में सभी आवश्यक वस्तुओं की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।”
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, राज्य के 29 जिलों के 107 राजस्व क्षेत्र और 3,535 गांवों के कुल 23,96,648 लोग बाढ़ से प्रभावित हैं।
असम में नेमाटीघाट (जोरहाट) में ब्रह्मपुत्र, तेजपुर (सोनितपुर) और धुबरी, चेनिमारी (डिब्रूगढ़) में बुरहिडीहिंग, दिखौ (शिवसागर), नांगलमुराघाट (शिवसागर) में दिसांग, नुमालीगढ़ (गोलाघाट) में धनसिरी, धरमतुल (नागांव) में कोपिली, करीमगंज में कुशियारा, और (बी पी घाट) कछार में बराक नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है।
यहां बोरझार में स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने धुबरी, कोकराझार, चिरांग, बक्सा, कछार और करीमगंज में अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने का पूर्वानुमान जताया है।
भाषा जोहेब