तमिलनाडु पुलिस ने द्रमुक नेता वी. सेंथिल बालाजी, उनके भाई के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया
शफीक
- 04 Jul 2026, 10:24 PM
- Updated: 10:24 PM
चेन्नई, चार जुलाई (भाषा) हाल ही में बनी टीवीके सरकार को गिराने की कथित कोशिशों की जांच तेज करते हुए, चेन्नई पुलिस ने शनिवार को द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के पूर्व मंत्री वी. सेंथिल बालाजी और उनके भाई आर. वी. अशोक कुमार के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया।
यह घटनाक्रम एक अहम राजनीतिक मामले में बड़े पैमाने पर चलाए जा रहे तलाश अभियान के बीच सामने आया है, जिसमें विधायकों की खरीद-फरोख्त के आरोप हैं। टीवीके के एक विधायक को प्रस्तावित अविश्वास प्रस्ताव के दौरान विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ मतदान करने के बदले 35 करोड़ रुपये की पेशकश किए जाने का दावा किया गया है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, करूर जिले के रामेश्वरपट्टी में सेंथिल बालाजी के पैतृक घर पर समन भेजे गए, जिनमें दोनों भाइयों को छह जुलाई को पूछताछ के लिए पेश होने का निर्देश दिया गया और उनके खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी किया गया।
यह कार्रवाई उथंगराई से तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) विधायक एन. इलैयाराजा की ओर से 29 जून को दर्ज कराई गई शिकायत के बाद की गई है।
विधायक ने आरोप लगाया कि एक व्यक्ति ने उनसे संपर्क किया और दावा किया कि वह एक रायशुमारी फर्म का प्रमुख है; उस व्यक्ति ने एक "बड़ी राजनीतिक पार्टी" के नेताओं की ओर से उन्हें करोड़ों रुपये की रिश्वत की पेशकश की। आरोप है कि प्रस्ताव ठुकराए जाने पर फोन करने वाले ने विधायक और उनके परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।
ट्रिपलिकेन पुलिस ने इस मामले में अब तक आठ लोगों को गिरफ़्तार किया है, जिनमें मुख्य आरोपी थिरुनावुक्करसु और उसके साथी नरेश और त्यागराजन शामिल हैं। पुलिस का दावा है कि पूछताछ से पता चला है कि गिरफ्तार किए गए लोग सेंथिल बालाजी और अशोक कुमार के सीधे निर्देशों पर काम कर रहे थे।
जांचकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि एक बड़ी साज़िश रची गई थी, जिसमें सत्ताधारी पार्टी के विधायकों को लुभाने और मुख्यमंत्री सी. जोसेफ़ विजय की सरकार को अस्थिर करने के लिए लगभग 180 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए थे।
पुलिस के विशेष दल अभी फरार संदिग्धों को पकड़ने के लिए करूर, तिरुचिरापल्ली, कोयंबटूर और बेंगलुरु में तलाशी अभियान चला रहे हैं।
भाषा प्रशांत शफीक
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