व्हाट्सऐप के बाद टेलीग्राम, सिग्नल को 'यूजरनेम' मामले में नोटिस
अजय
- 02 Jul 2026, 10:04 PM
- Updated: 10:04 PM
नयी दिल्ली, दो जुलाई (भाषा) सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने अब टेलीग्राम और सिग्नल को नोटिस दिया है। इसमें उनके मौजूदा 'यूजरनेम फीचर' पर सवाल उठाए गए हैं और पूछा गया है कि ये मंच धोखाधड़ी और किसी और का रूप धारण करने से जुड़ी चिंताओं को कैसे दूर कर रहे हैं। सूत्रों ने यह जानकारी दी।
व्हाट्सऐप का स्वामित्व रखने वाले मेटा को नोटिस भेजने के बाद दोनों मैसेजिंग ऐप को नोटिस दिया गया है।
सूत्रों ने बताया कि टेलीग्राम को भेजे गए नोटिस में सरकार ने मंच से पूछा है कि उसे 'यूजरनेम फीचर' बनाए रखने की अनुमति क्यों दी जानी चाहिए।
यह 'फीचर' उपयोगकर्ताओं को अनूठे 'यूजरनेम' बनाने की सुविधा देता है। इससे उपयोगकर्ता अपना फोन नंबर साझा किए बिना बातचीत या चैट कर सकते हैं।
केंद्र सरकार ने बुधवार को व्हाट्सऐप पर यूजरनेम फीचर को लेकर मेटा को नोटिस जारी किया था। इसमें चिंता जताई गई थी कि इससे ऑनलाइन धोखाधड़ी, फिशिंग, 'डिजिटल अरेस्ट' घोटाला और किसी और का रूप धारण कर की जाने वाली गड़बड़ी के मामले काफी बढ़ सकते हैं।
सरकार ने व्हाट्सऐप को यह भी निर्देश दिया था कि जब तक इस मुद्दे पर 'सरकार की संतुष्टि के अनुसार' बातचीत पूरी नहीं हो जाती, तब तक इस 'फीचर' को पेश नहीं किया जाए।
सूत्रों का कहना है कि सरकार ने अब अपनी जांच का दायरा दूसरे संदेश मंचों तक भी बढ़ा दिया है।
उन्होंने पीटीआई-भाषा से कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने टेलीग्राम और सिग्नल को भी पत्र लिखा है, जिनमें पहले से ही 'यूजरनेम फीचर' मौजूद हैं। उनसे पूछा गया है कि वे धोखाधड़ी और किसी और का रूप धारण करने से जुड़ी चिंताओं का समाधान कैसे कर रहे हैं। सरकार ने टेलीग्राम से पूछा है कि यह फीचर क्यों होने चाहिए।
इस बारे में टेलीग्राम और सिग्नल से फिलहाल संपर्क नहीं हो सका है।
सरकारी सूत्र ने कहा कि दोनों मामले एक जैसे तो हैं, लेकिन बिल्कुल समान नहीं हैं। टेलीग्राम में यह फीचर पहले से मौजूद है, जबकि व्हाट्सऐप ने अभी सिर्फ इसकी घोषणा की है। दोनों के उपयोगकर्ताओं की संख्या में भी काफी अंतर है।
भारत में व्हाट्सऐप के लगभग 50 करोड़ उपयोगकर्ता हैं। इस लिहाज से यह इस मंच के लिए एक अहम बाजार है। इसके उपयोगकर्ताओं की संख्या यहां टेलीग्राम के मुकाबले कहीं ज्यादा है।
सरकार ने 'यूजरनेम फीचर' को लेकर मेटा को दिए नोटिस में यह भी कहा कि जब तक इस मुद्दे पर बातचीत पूरी नहीं हो जाती, तब तक इस 'फीचर' को पेश नहीं किया जाए।
मेटा को नोटिस भेजकर पूछा गया है कि व्हाट्सऐप के प्रस्तावित उस 'फीचर' को लेकर सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और नियमों के तहत कार्रवाई क्यों नहीं की जाए जिससे साइबर धोखाधड़ी के मामले बढ़ सकते हैं। केंद्र ने मेटा को यह भी कहा कि एक अहम सोशल मीडिया मंच के तौर पर, व्हाट्सऐप आईटी अधिनियम और नियमों के तहत जरूरी सावधानी बरतने की जिम्मेदारियों से बंधा हुआ है।
व्हाट्सऐप ने एक बयान इस फीचर का बचाव करते हुए कहा कि इसमें घोटाले और किसी और का रूप धारण करने जैसी घटनाओं को रोकने और उपयोगकर्ता की सुरक्षा के लिए पहले से ही सुरक्षा उपाय मौजूद हैं।
देश में टेलीग्राम पिछले कुछ महीनों में, धोखाधड़ी, किसी और का रूप धारण कर और संवेदनशील जानकारी के प्रसार से जुड़ी चिंताओं के कारण नियामकीय जांच के घेरे में आया है। सरकार ने टेलीग्राम और उससे जुड़ी वेब सेवाओं पर 22 जून तक एक सप्ताह का प्रतिबंध लगाया था।
सरकार ने यह कदम लीक हुए मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट के पेपर, गुमराह करने वाली सामग्री और मेडिकल प्रवेश परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ी अन्य धोखाधड़ी वाली गतिविधियों के प्रसार को रोकने में मंच के नाकाम रहने को देखते हुए उठाया।
हालांकि, सरकार का प्रतिबंध हटने के बाद यह संदेश मंच भारत में फिर से चालू हो गया है।
भाषा रमण अजय
अजय
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