पंजाब सरकार ने महिलाओं के लिए वित्तीय सहायता योजना शुरू की
सुरेश
- 01 Jul 2026, 08:21 PM
- Updated: 08:21 PM
धुरी, एक जुलाई (भाषा) पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने महिलाओं के लिए मासिक वित्तीय सहायता योजना 'मावां धियां सत्कार योजना' की बुधवार को शुरुआत की और कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) ने 2022 विधानसभा चुनाव के दौरान दी गई अपनी अंतिम चुनावी ''गारंटी'' को पूरा कर दिया है।
इस योजना के तहत सामान्य वर्ग की महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये दिये जायेंगे, जबकि अनुसूचित जाति (एससी) की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे।
मान ने महिलाओं की एक सभा को संबोधित करते हुए इस दिन को ''ऐतिहासिक'' बताया और कहा कि राज्य सरकार ने इस महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की है, जिसके तहत 40 लाख से अधिक महिलाओं का पहले ही पंजीकरण किया जा चुका है।
उन्होंने कहा, "...'सत्कार राशि' जुलाई से शुरू हो गई है और यह महिला सशक्तीकरण का मार्ग प्रशस्त करेगी। यह एक महत्वाकांक्षी पहल है और हमने इसे पूरी योजना के साथ शुरू किया है, ताकि यह स्थायी रूप से जारी रहे।''
सभा में मौजूद कुछ महिलाओं ने कहा कि उन्हें अपने बैंक खातों में पैसे जमा होने के संदेश प्राप्त हुए।
मान ने कहा कि 18 वर्ष से अधिक आयु की लाभार्थियों को वित्तीय सहायता से संबंधित संदेश प्राप्त होंगे।
उन्होंने कहा, ''यह धनराशि सीधे बैंक खातों में अंतरित की जाएगी और जो महिलाएं पहले से सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रही हैं, वे भी इस योजना के तहत पात्र होंगी। पंजाब की लगभग 97 प्रतिशत महिलाओं के इससे लाभान्वित होने की उम्मीद है और राज्य सरकार ने इस उद्देश्य के लिए बजट में 9,300 करोड़ रुपये निर्धारित किए हैं।''
मान ने इस योजना को लेकर उनकी सरकार पर निशाना साधने के लिए विपक्षी दलों की आलोचना की और कहा कि अब 'मावां धियां सत्कार योजना' के लागू होने के बाद उनके (विपक्षियों के) मुंह बंद हो जाएंगे।
मान ने कहा कि यह वित्तीय सहायता भले ही महिलाओं को अमीर न बनाए, लेकिन यह निश्चित रूप से उनके आत्मसम्मान को बढ़ायेगी।
उन्होंने कहा, ''महिलाएं सर्वोच्च सम्मान की हकदार हैं, क्योंकि वे स्वयं जीवन का स्रोत हैं। हमारी माताओं और बहनों का आशीर्वाद हमें दुनिया की हर चुनौती को पार करने में मदद कर सकता है। महिलाओं की वित्तीय स्वायत्तता को मजबूत करना घरेलू कल्याण में सुधार, लैंगिक समानता को बढ़ावा देने तथा सामाजिक और आर्थिक निर्णय लेने में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए आवश्यक है।''
उन्होंने लाभार्थियों को आश्वासन दिया कि यह योजना कभी बंद नहीं होगी।
उन्होंने कहा, ''महिलाओं के मोबाइल फोन राशि अंतरित होने की सूचनाओं से बजने लगेंगे, जिससे समृद्धि के एक नए युग की शुरुआत होगी, जहां महिलाएं गरिमा और गर्व के साथ जीवन व्यतीत करेंगी।''
मान ने कहा कि जनता से वसूला गया कर उन्हीं का होता है और सरकार उसे उनके कल्याण के लिए विवेकपूर्ण ढंग से खर्च कर रही है।
उन्होंने कहा, ''जनता का पैसा विकास, स्कूलों, अस्पतालों और सड़कों के माध्यम से फिर से जनता तक पहुंच रहा है। राज्य सरकार केवल जनता के लिए काम कर रही है।''
अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए 4,500 रुपये और सामान्य वर्ग की महिलाओं के लिए 3,000 रुपये की पहली तिमाही किस्त बुधवार को लाभार्थियों के बैंक खातों में अंतरित की गई।
इस मौके पर आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया और कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा भी मौजूद थे।
योजना की शुरुआत के बाद सिसोदिया ने कहा कि 'आप' जनता से किए गए हर वादे का सम्मान करती है।
मान ने मंगलवार को कहा था कि 40 लाख से अधिक महिलाओं का पहले ही पंजीकरण किया जा चुका है और पंजीकरण कार्ड बाद में दिए जाने पर भी लाभ एक जुलाई से ही मिलने शुरू हो जायेंगे।
राज्य सरकार ने इस योजना के लिए बजट में 9,300 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।
अठारह वर्ष या उससे अधिक आयु की महिलाएं, जो पंजाब में मतदाता के रूप में पंजीकृत हैं और जिनके पास पंजाब का निवासी होने का वैध आधार कार्ड तथा निर्वाचन आयोग द्वारा जारी वैध मतदाता पहचान पत्र है, इस योजना के तहत लाभार्थी के रूप में नामांकित होने के लिए पात्र हैं।
कुछ श्रेणियों की महिलाओं को इस योजना से बाहर रखा गया है, जिनमें पंजाब सरकार, केंद्र सरकार या देश के किसी अन्य राज्य/केंद्र शासित प्रदेश की सरकार की नियमित या सेवानिवृत्त कर्मचारी महिलाएं, निर्वाचित विधायक या सांसद, तथा किसी मौजूदा मंत्री, सांसद या विधायक की पत्नी शामिल हैं।
भाषा
देवेंद्र सुरेश
सुरेश
0107 2021 धुरी