छात्र अपने ज्ञान का इस्तेमाल वंचितों को सशक्त बनाने के लिए करें : राष्ट्रपति मुर्मू
पवनेश
- 01 Jul 2026, 07:53 PM
- Updated: 07:53 PM
(तस्वीरों के साथ)
अनंतपुर (आंध्र प्रदेश), एक जुलाई (भाषा) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को कहा कि विद्यार्थियों को अपने ज्ञान का इस्तेमाल वंचित वर्गों को सशक्त बनाने के लिए करना चाहिए।
अनंतपुर में आंध्र प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के पहले दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि विद्यार्थियों की यह जिम्मेदारी है कि वे समाज को भी अपना योगदान दें।
मुर्मु ने कहा, ''आपकी जिम्मेदारी है कि आप समाज को अपना योगदान दें। अपनी शिक्षा को वंचित और जरूरतमंद लोगों की ताकत बनने का माध्यम बनाइए।''
राष्ट्रपति ने कहा कि दीक्षांत समारोह एक अहम पल और वर्षों की लगन एवं कड़ी मेहनत का नतीजा होता है।
उन्होंने कहा, ''वे सपने लेकर विश्वविद्यालय में आए थे और आज ज्ञान, आत्मविश्वास तथा ऐसी डिग्री के साथ यहां से निकल रहे हैं, जो उनके लिए अवसरों के नए द्वार खोलेगी।''
उन्होंने भरोसा जताया कि आंध्र प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय उत्कृष्टता के केंद्र के रूप में उभरेगा और 2047 तक 'विकसित भारत' के दृष्टिकोण को साकार करने में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
मुर्मू ने यह भी कहा कि यह जानकर उन्हें खुशी हुई कि विश्वविद्यालय ने भविष्य की जरूरतों के अनुरूप संस्थान बनने के लिए दीर्घकालिक योजना तैयार की है।
मुर्मू ने कहा कि सतत विकास लक्ष्य, खासकर अच्छी गुणवत्ता की शिक्षा के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता, समावेशी और समान विकास के प्रति जिम्मेदारी की भावना को दर्शाती है।
उन्होंने कहा कि छात्रों की सफलता उनकी अपनी कड़ी मेहनत का नतीजा है, लेकिन इसमें उनके माता-पिता के त्याग, शिक्षकों के मार्गदर्शन और समाज के सहयोग की भी अहम भूमिका रही है।
राष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि उन्नत होती प्रौद्योगिकी हर क्षेत्र को बदल रही है और इतनी तेजी से बदलती दुनिया में, सीखने की प्रक्रिया सिर्फ डिग्री हासिल करने के साथ खत्म नहीं हो सकती और न ही होनी चाहिए।
उन्होंने कहा, ''सीखने के प्रति उत्साही, विपरीत परिस्थितियों का सामना करने में सक्षम और नयी सोच रखने वाले हमारे युवा देश की बहुमूल्य संपत्ति हैं।''
आंध्र प्रदेश के राज्यपाल एस. अब्दुल नजीर, मानव संसाधन मंत्री नारा लोकेश और वित्त मंत्री पी. केशव ने दीक्षांत समारोह में हिस्सा लिया।
भाषा शफीक पवनेश
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0107 1953 अनंतपुर