दिल्ली, उत्तर प्रदेश में 14,115 करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाओं को मंत्रिमंडल की मंजूरी
अजय
- 01 Jul 2026, 07:44 PM
- Updated: 07:44 PM
नयी दिल्ली, एक जुलाई (भाषा) केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को दिल्ली और उत्तर प्रदेश की कुल 14,115 करोड़ रुपये की राजमार्ग परियोजनाओं को मंजूरी दी।
सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने यहां संवाददाताओं को बताया कि दिल्ली में एनएच-148एई पर द्वारका एक्सप्रेसवे को वसंत कुंज स्थित नेल्सन मंडेला मार्ग से जोड़ने वाली छह लेन वाली सुरंग (टनल) के निर्माण को मंजूरी दी गई है।
इस परियोजना के पांच साल में पूरा होने की उम्मीद है।
यह परियोजना 8.1 किलोमीटर लंबी है, जिसकी कुल अनुमानित लागत 6,969.67 करोड़ रुपये है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इसके अलावा उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग-34 पर कानपुर-कबरई खंड के 117.7 किलोमीटर लंबे चार/छह लेन के एक्सेस-कंट्रोल्ड (नियंत्रित पहुंच) मार्ग के निर्माण को भी मंजूरी दी गई।
इस परियोजना की अनुमानित लागत 7,145.14 करोड़ रुपये है।
यहां जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, द्वारका एक्सप्रेसवे को वसंत कुंज के नेल्सन मंडेला मार्ग से जोड़ने वाली छह लेन वाली सड़क सुरंग परियोजना यूईआर 2/द्वारका एक्सप्रेसवे को दक्षिण दिल्ली के वसंत कुंज से जोड़कर पश्चिम और दक्षिण दिल्ली के बीच संपर्क को तेज करेगी।
बयान में कहा गया है कि इससे गुरुग्राम, द्वारका, दिल्ली हवाई अड्डे और पश्चिमी दिल्ली से दक्षिणी दिल्ली की ओर जाने वाले यातायात में आसानी होगी।
सुरंग का 1.98 किलोमीटर लंबा हिस्सा दक्षिणी रिज वन क्षेत्र के नीचे से गुज़रेगा।
बयान में कहा गया है कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) से महिपालपुर के बीच एक एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने का भी प्रस्ताव रखा गया है।
यह लिंक सुरंग को बारापुला एलिवेटेड रोड से जोड़ेगा, जिससे पश्चिम दिल्ली और दक्षिण दिल्ली से पूर्वी दिल्ली, गाजियाबाद और नोएडा का संपर्क बेहतर हो जाएगा।
एक अलग आधिकारिक बयान के अनुसार, एनएच-34 पर कानपुर-कबरई खंड में चार/छह-लेन वाले एक्सेस-कंट्रोल्ड राजमार्ग परियोजना के निर्माण, एनएच (ओ) प्रोग्राम के तहत भोपाल-कानपुर आर्थिक गलियारे का एक अहम हिस्सा होगा।
इस परियोजना से कानपुर और कबरई के बीच बिना रुकावट तेज़ी से संपर्क की सुविधा मिलेगी। साथ ही, सागर, भोपाल और मध्य प्रदेश के दूसरे इलाकों के लिए भी संपर्क बेहतर होगा।
भाषा यासिर अजय
अजय
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