महाराष्ट्र: शिवेसना (उबाठा) नेता अहीर महायुति उम्मीदवार के रूप में विधान परिषद के उपसभापति चुने गए
नरेश
- 01 Jul 2026, 09:36 PM
- Updated: 09:36 PM
मुंबई, एक जुलाई (भाषा) शिवसेना-उद्धव बालासाहेब ठाकरे (उबाठा) के विधान परिषद सदस्य सचिन अहीर बुधवार को सत्तारूढ़ महायुति के उम्मीदवार के रूप में विधान परिषद के उपसभापति पद के लिए निर्विरोध चुन लिए गए।
विपक्षी गठबंधन महा विकास आघाडी (एमवीए) ने इस पद के लिए शिवसेना (उबाठा) के जगन्नाथ अभ्यंकर को उम्मीदवार बनाया था।
हालांकि, संसदीय कार्य मंत्री चंद्रकांत पाटिल की अपील पर शिवसेना (उबाठा) के विधायक अनिल परब ने कहा कि विपक्ष अभ्यंकर की उम्मीदवारी वापस ले रहा है।
सचिन अहीर ने मंगलवार को उपसभापति पद के चुनाव के लिए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सत्तारूढ़ शिवसेना के उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल किया था, जिससे उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (उबाठा) को एक और झटका लगा।
इससे एक सप्ताह पहले उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी के छह बागी लोकसभा सदस्य एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो गए थे।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अहीर को पद पर चुने जाने के बाद सदन में बधाई प्रस्ताव रखा और याद किया कि वह और अहीर पहली बार वर्ष 1999 में विधायक बने थे।
एकनाथ शिंदे ने कहा कि नीलम गोहे के बाद अहीर शिवसेना के दूसरे नेता हैं, जिन्होंने विधान परिषद के उपसभापति का पद संभाला है।
सात वर्षों तक उपसभापति रह चुकीं गोहे ने कहा कि इस पद के लिए अहीर को नामित करने के शिंदे के फैसले से वह खुश हैं।
वहीं, अहीर ने कहा कि भले ही राजनीतिक समीकरण बदल गए हों लेकिन आम आदमी, मजदूर और महाराष्ट्र के साथ उनका रिश्ता हमेशा बना रहेगा।
शिवसेना (उबाठा) के विधान परिषद सदस्य अनिल परब ने गोहे पर कटाक्ष करते हुए कहा कि अहीर के नामांकन ने कई लोगों के सपनों पर बुलडोजर चला दिया है।
इस बीच, सचिन अहीर के घर के बाहर पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।
एक अधिकारी ने बताया कि मंगलवार को सचिन के नामांकन दाखिल करने के बाद से ही समर्थक उनसे मिलने पहुंचने लगे हैं, जिस वजह से उनके आवास के बाहर पुलिस की मौजूदगी जरूरी हो गई है।
शिवसेना (उबाठा) नेता आदित्य ठाकरे के करीबी सहयोगी सचिन अहीर ने मंगलवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार की मौजूदगी में महायुति उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया।
एक तरह से शिवसेना (उबाठा) छोड़ने के अहीर के कदम को मध्य मुंबई के वर्ली से विधायक आदित्य ठाकरे के लिए एक बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है।
अंडरवर्ल्ड सरगना से नेता बने अरुण गवली के भांजे अहीर अविभाजित राकांपा के तीन बार विधायक रहे हैं और वर्ष 1999 से 2014 तक कांग्रेस-राकांपा गठबंधन सरकार के दौरान मंत्री भी रहे थे।
वह अविभाजित राकांपा की मुंबई इकाई के अध्यक्ष के पद पर भी रह चुके हैं।
वर्ष 2014 के विधानसभा चुनाव में अहीर को अविभाजित शिवसेना के उम्मीदवार सुनील शिंदे के हाथों हार का सामना करना पड़ा था।
भाषा जितेंद्र नरेश
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