वीबी-जी राम-जी अधिनियम एक जुलाई से लागू होगा, संशोधित मजदूरी दरें अधिसूचित
सुरेश
- 01 Jul 2026, 01:04 AM
- Updated: 01:04 AM
नयी दिल्ली, 30 जून (भाषा) केंद्र सरकार ने 'विकसित भारत–रोजगार और आजीविका मिशन गारंटी (ग्रामीण) अधिनियम, 2025' (वीबी-जी राम-जी) के तहत संशोधित मजदूरी दरों को अधिसूचित कर दिया। नया कानून एक जुलाई से लागू होगा।
सरकार के अनुसार, नयी ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत राष्ट्रीय औसत मजदूरी बढ़कर 327.4 रुपये प्रतिदिन हो गई है जो मनरेगा के तहत पहले 298.8 रुपये प्रतिदिन थी, यानी औसतन 28.6 रुपये प्रतिदिन की वृद्धि हुई है।
ग्रामीण विकास मंत्रालय ने कहा कि एक जुलाई से प्रभावी नई मजदूरी दरें सभी 34 राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों और मजदूरी क्षेत्रों में बढ़ाई गई हैं।
मंत्रालय ने बताया कि 300 रुपये प्रतिदिन की नयी अंतरिम आधार मजदूरी दर तय की गई है, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि योजना के तहत अधिसूचित कोई भी मजदूरी इससे कम न हो। सरकार के अनुसार, देशभर में औसतन मजदूरी दरों में 10 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है।
मंत्रालय ने कहा कि नया अधिनियम पात्र ग्रामीण परिवारों को 125 दिन तक मजदूरी आधारित रोजगार की वैधानिक गारंटी देता है, जबकि मौजूदा ढांचे में यह सीमा 100 दिन थी।
इसके अनुसार, 21 राज्यों और प्रशासनिक इकाइयों में मजदूरी को बढ़ाकर 300 रुपये की नई अंतरिम आधार दर तक पहुंचाया गया है। वहीं, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और असम जैसे राज्यों में मजदूरी में 15 से 25 प्रतिशत तक की वृद्धि होगी। अरुणाचल प्रदेश और नगालैंड में लगभग 24.5 प्रतिशत की सबसे अधिक वृद्धि की गई है।
सरकार ने कहा कि संशोधित मजदूरी संरचना इस प्रकार तैयार की गई है कि जिन राज्यों में पहले मजदूरी दरें अपेक्षाकृत कम थीं, उन्हें अधिक लाभ मिले। सरकार ने कहा कि वहीं, पहले से अधिक मजदूरी वाले राज्यों में भी वृद्धि की गई है।
सरकार ने कहा कि हरियाणा में अधिसूचित मजदूरी 409 रुपये, गोवा में 406 रुपये, केरल में 401 रुपये तथा सिक्किम की ऊंचाई वाले ग्राम पंचायत क्षेत्रों में 450 रुपये प्रतिदिन निर्धारित की गई है।
मंत्रालय ने कहा कि नए ढांचे को सुचारु रूप से लागू करने, समय पर मजदूरी भुगतान और कार्यों में बाधा न आने के लिए राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को 95,692.31 करोड़ रुपये का अंतरिम आवंटन किया गया है।
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि ''कोई भी पात्र ग्रामीण श्रमिक एक भी दिन काम से वंचित न रहे।''
उन्होंने कहा, ''वीबी-जी राम-जी अधिनियम का लागू होना समृद्ध गांवों के माध्यम से विकसित भारत के निर्माण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।'' उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्यों ने मिलकर इसके क्रियान्वयन की तैयारियां पूरी कर ली हैं।
सरकार ने स्पष्ट किया कि ई-केवाईसी सत्यापित मौजूदा जॉब कार्ड तब तक मान्य रहेंगे, जब तक नए ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी नहीं कर दिए जाते।
मंत्रालय ने कहा कि योजना के क्रियान्वयन में ग्राम पंचायतों की भूमिका पहले की तरह बनी रहेगी। मंत्रालय ने कहा कि प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, जल संरक्षण, कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों, ग्रामीण बुनियादी ढांचे और महिला सशक्तीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
मंत्रालय के अनुसार, 29 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों ने इस अधिनियम के लिए बजटीय प्रावधान किए हैं, जबकि 24 राज्यों ने अपनी वीबी-जी राम-जी राज्य योजनाओं को अधिसूचित कर दिया है।
इस अधिसूचना से पहले कई राज्यों में मजदूरी दर 300 रुपये से कम थी और न्यूनतम अधिसूचित मजदूरी 241 रुपये प्रतिदिन थी।
भाषा अमित सुरेश
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