अंबाला में चार वर्षीय लड़का खेलते समय 220 फुट गहरे बोरवेल में गिरा, बचाव अभियान जारी
माधव
- 30 Jun 2026, 08:59 PM
- Updated: 08:59 PM
(तस्वीरों के साथ)
अंबाला, 30 जून (भाषा) हरियाणा में अंबाला जिले के बराड़ा क्षेत्र के धनौरा गांव में मंगलवार को चार वर्षीय एक लड़का 220 फुट गहरे बोरवेल में गिर गया, जिसे निकालने के कई एजेंसियों के समन्वय से प्रयास जारी हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि लड़के पर नजर रखने के लिए लगभग नौ इंच चौड़े बोरवेल में एक कैमरा डाला गया है और बचावकर्मी रस्सी की मदद से उसे बाहर निकालने की कोशिश कर रहे हैं।
अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ)और सेना के जवान बचाव अभियान के लिए मौके पर मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि गत 10 घंटे से ज़्यादा समय से बचाव अभियान चल रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि यह हादसा उस समय हुआ जब धनौरा निवासी निर्भय अपने पिता के साथ खेत में अपने दादा के लिए खाना लेकर गया था।
खेलते समय निर्भय का पैर फिसल गया और वह खुले बोरवेल में जा गिरा। सूचना मिलते ही उपायुक्त (डीसी) अजय सिंह तोमर अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे।
अधिकारियों ने बताया कि एनडीआरफ, एसडीआरएफ और सेना की टीम द्वारा बचाव अभियान शुरू किया गया है।
जिला उपायुक्त तोमर ने बताया कि यह घटना सुबह करीब साढ़े छह बजे हुई। उन्होंने बताया कि बोरवेल की चौड़ाई लगभग नौ इंच है।
अधिकारियों ने बताया कि जिला प्रशासन को जानकारी मिलते ही तुरंत कार्रवाई की गई और एसडीआरएफ, एनडीआरएफ तथा आपात सेवा टीम को घटनास्थल पर पहुंचने के निर्देश दिए गए।
जिला उपायुक्त ने घटना के बारे में पूरी जानकारी ली और निभय के पिता मनजीत सिंह से बात की।
तोमर ने पिता को भरोसा दिलाया कि ज़िला प्रशासन बच्चे को बोरवेल से सुरक्षित बाहर निकालने के लिए पूरी लगन से काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि एनडीआरएफ विशेष उपकरणों के साथ मौके पर मौजूद है और मदद के लिए सेना से भी अनुरोध किया गया है।
तोमर ने कहा, '' एनडीआरएफ का बचाव अभियान जारी है। बच्चे को रस्सी के ज़रिए बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है। बचाव कर्मियों को जो समस्या आ रही है, वह यह है कि बोरवेल में पानी का रिसाव हो रहा है, जिससे साफ दिखाई नहीं दे रहा है।''
बच्चे की हालत के बारे में पूछे जाने पर जिला उपायुक्त ने कहा कि वह अभी इस पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि बच्चे को बोरवेल से बाहर निकाले जाने के बाद ही वह अधिक जानकारी दे पाएंगे।
तोमर ने कहा कि बारिश की वजह से घटनास्थल पर तंबू लगाए गए हैं।
निर्भय के दादा करनैल सिंह सुबह-सुबह खेत में काम करने चले गए थे। बाद में निर्भय के पिता मनजीत उनके लिए खाना लेकर खेत पहुंचे। निर्भय ने भी अपने पिता के साथ जाने की जिद की, जिस पर वह उसे अपने साथ ले गए।
खेत पहुंचने के बाद मनजीत काम में लग गए और करनैल सिंह खाना खाने लगे। निर्भय पहले अपने दादा के पास बैठा रहा, लेकिन कुछ देर बाद खेलने लगा। खेलते-खेलते उसकी नजर खुले बोरवेल पर पड़ी और वह उसमें मिट्टी डालने लगा। बोरवेल के आसपास की गीली मिट्टी के कारण नीचे झांकते समय उसका पैर फिसल गया और वह बोरवेल में गिर गया।
मनजीत ने बताया कि अचानक तेज आवाज सुनकर उनका ध्यान उधर गया। वे तुरंत बोरवेल के पास पहुंचे और निर्भय को आवाज लगाई।
शुरुआत में निर्भय के पिता, दादा और आसपास के ग्रामीणों ने अपने स्तर पर उसे बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद सुबह करीब साढ़े सात बजे प्रशासन को घटना की सूचना दी गई।
बच्चे के बोरवेल में गिर जाने से मनजीत और उनके पिता करनैल का रो-रोकर बुरा हाल था। जिला उपायुक्त ने कहा कि खेत में बोरवेल को खुला छोड़ने के लिए ज़िम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई करने के आदेश पुलिस को दे दिए गए हैं। तोमर ने संवाददाताओं से बातचीत के दौरान सभी किसानों से अपील की कि वे अपने खेतों में बोरवेल को खुला न छोड़ें। उन्होंने यह भी कहा कि अगर बोरवेल ढका हुआ होता, तो यह घटना नहीं होती।
पिछले महीने पंजाब के होशियारपुर में भी ऐसी ही एक घटना हुई थी, जिसमें चार साल का एक बच्चा अपने घर के पास खोदे गए नए बोरवेल में गिर गया था। हालांकि, कई बचाव एजेंसियों और स्थानीय स्वयंसेवकों ने करीब नौ घंटे तक चले अभियान के बाद उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया था।
वर्ष 2006 में हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के ही एक गांव में बोरवेल में गिरे पांच साल के प्रिंस को बचाने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलाया गया था और करीब 48 घंटे की मशक्कत के बाद उसे सुरक्षित बाहर निकाला गया था।
भाषा धीरज माधव
माधव
3006 2059 अंबाला