नायडू ने आंध्र के विकास के लिये केंद्र के सहयोग पर जोर दिया
प्रशांत माधव
- 05 Jul 2024, 08:44 PM
- Updated: 08:44 PM
(तस्वीरों के साथ)
नयी दिल्ली, पांच जुलाई (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात के एक दिन बाद आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने शुक्रवार को राज्य को अगले पांच वर्षों में विश्व मानचित्र पर लाने के लिए एक महत्वाकांक्षी कार्ययोजना पेश की और इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए केंद्र के समर्थन की अहमियत को रेखांकित किया।
पिछले महीने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद पहली बार दो दिवसीय यात्रा पर राष्ट्रीय राजधानी आए नायडू ने बृहस्पतिवार को मोदी से मुलाकात की और राज्य के विभाजन के बाद की चुनौतियों से निपटने के उद्देश्य से सात सूत्री विकास एजेंडे के लिए समर्थन मांगा।
अपनी यात्रा के अंत में मीडिया से बातचीत करते हुए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के प्रमुख सहयोगी तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) के प्रमुख ने अल्पसंख्यक आरक्षण के संवेदनशील मुद्दे पर भी बात की तथा मौजूदा चुनौतियों को स्वीकार किया। क्षेत्रीय दल पहले ही कह चुका है कि मुसलमानों को दिया गया आरक्षण सामाजिक न्याय के लिए है न कि तुष्टीकरण के लिए तथा यह राज्य में जारी रहेगा।
राजग द्वारा प्रस्तावित किसी केंद्रीय समिति का नेतृत्व उनकी पार्टी द्वारा किए जाने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, “जब भी जरूरत होगी, मैं तैयार हूं। यदि राजग की ओर से कोई प्रस्ताव आता है, तो मैं इस पर विचार करूंगा।”
भाजपा नीत राजग के साथ तेदेपा के संबंधों पर नायडू ने कहा, “हमने केंद्र से कोई मंत्री पद नहीं मांगा, यहां तक कि वाजपेयी के समय में भी नहीं। जो भी पेशकश की गई, हमने स्वीकार कर लिया।” उन्होंने गठबंधन के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने के लिए वाजपेयी युग के दौरान लोकसभा अध्यक्ष का पद स्वीकार करने को याद किया।
उन्होंने कहा, “पार्टी की प्राथमिकता आंध्र प्रदेश का पुनर्निर्माण है, जिसे पिछले पांच सालों में अपूरणीय क्षति हुई है। हमारा लक्ष्य अगले पांच सालों में राज्य का पुनर्निर्माण करना है। आंध्र प्रदेश की जनता ने राजग को जनादेश दिया है। हम मिलकर काम करेंगे।”
राजनीतिक सौदेबाजी के बजाय विकास के प्रति अपनी पार्टी की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा, “हम केंद्र से राज्य के पुनर्निर्माण में मदद मांग रहे हैं। हमने कोई मंत्री पद नहीं मांगा; उन्होंने जो भी पेशकश की, हमने स्वीकार कर लिया और हम खुश हैं।”
राज्य के राजनीतिक माहौल के बारे में निवेशकों की चिंताओं के बारे में पूछे जाने पर नायडू ने संभावित निवेशकों को आश्वासन दिया कि उनकी सरकार “शैतान पर लगाम लगाएगी”। उनका परोक्ष संकेत आंध्र प्रदेश की विपक्षी पार्टी वाईएसआर कांग्रेस से था।
नायडू ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा से भी मुलाकात की। उन्होने कहा, “वैश्विक निवेशक हमसे संपर्क कर रहे हैं। वे शैतान के बारे में चिंतित हैं। हम उन्हें आश्वस्त कर रहे हैं कि हम उसे नियंत्रित करेंगे।”
उन्होंने घरेलू और वैश्विक निवेशकों को आश्वासन दिया कि उनकी सरकार व्यापार अनुकूल माहौल बनाने के लिए हर संभव प्रयास करेगी।
नायडू ने कहा कि नए सचिवालय, विधानसभा और उच्च न्यायालय सहित प्रमुख सरकारी भवनों का निर्माण जल्द से जल्द पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने ग्रीनफील्ड कैपिटल सिटी परियोजना का जिक्र करते हुए कहा, “हम अमरावती में बुनियादी सुविधाएं निर्मित करेंगे।”
उन्होंने विभाजन अधिनियम के तहत 135 सरकारी भवनों के निर्माण के लिए केंद्र की प्रतिबद्धता पर संतोष व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके मंत्रिमंडल ने कौशल जनगणना को मंजूरी दे दी है, जिसके लिए जल्द ही दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। उन्होंने कौशल अंतर को पाटने की रणनीति की रूपरेखा बताते हुए कहा, “उद्योग की जरूरतों के अनुसार मानव पूंजी को प्रशिक्षित किया जाएगा।”
अंतरराज्यीय संबंधों के संदर्भ में नायडू ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के साथ सात जुलाई को होने वाली अपनी बैठक पर कहा, “हम दोनों राज्यों के हितों में काम करेंगे।”
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