केरल में सड़कों की खराब स्थिति पर विपक्षी यूडीएफ ने विधानसभा से बहिर्गमन किया
रंजन रंजन
- 05 Jul 2024, 06:30 PM
- Updated: 06:30 PM
तिरूवनंतपुरम, पांच जुलाई (भाषा) कांग्रेस के नेतृत्व वाली विपक्षी यूडीएफ के सदस्यों ने शुक्रवार को केरल विधानसभा में राज्य में सड़कों की बदतर स्थिति को लेकर प्रदेश की वाम मोर्चा सरकार की आलोचना की और सदन से बहिर्गमन कर गये।
प्रदेश के पीडब्ल्यूडी मंत्री पी ए मोहम्मद रियास ने यूडीएफ पर कटाक्ष करते हुए कहा कि अगर विपक्षी गठबंधन सत्ता में होता तो राज्य की हालत बिहार जैसी होती, जहां पिछले दो हफ्तों में पुल ढहने की कई घटनाएं सामने आई हैं।
उन्होंने बताया कि कोच्चि में स्थित पलारीवट्टोम फ्लाईओवर को 2019 में यातायात के लिए बंद करना पड़ा क्योंकि इसके शुरू होने के तीन साल के भीतर ही यह क्षतिग्रस्त हो गया और इसमें गड्ढे देखने को मिले थे। इस फ्लाईओवर को भारी यातायात जाम को कम करने के लिए वरदान माना जाता था।
यूडीएफ ने सदन को स्थगित करने की मांग करते हुए अपने प्रस्ताव में सड़क की स्थिति का मुद्दा उठाया ताकि इस मामले पर चर्चा की जा सके।
इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के नेता और पेरिंथालमन्ना के विधायक नजीब कांतापुरम ने स्थगन का नोटिस पेश करते हुए कहा कि राज्य के लोग खराब सड़कों के कारण परेशान हैं और उन पर चलना लोगों के लिये साहसिक यात्रा जैसा है।
कांतापुरम ने दावा किया, ‘‘मेरे विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में खराब सड़कों के कारण एक महिला का गर्भपात हो गया ।’’
आईयूएमएल के विधायक के दावों का उत्तर देते हुये रियास ने स्वीकार किया कि कुछ सड़कों की स्थिति खराब है। उन्होंने रखरखाव कार्य, उपयोगिता कार्य और यहां तक कि कुछ स्थानों पर न्यायालय की निगरानी में किए गए कार्य को इसका कारण बताया ।
उन्होंने पलारीवट्टोम फ्लाईओवर का जिक्र करते हुए विपक्ष का मजाक उड़ाया क्योंकि इसका निर्माण पिछली यूडीएफ सरकार के दौरान किया गया था और 2016 में केरल उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद वाममार्चा सरकार ने इसका पुनर्निर्माण किया गया था।
रियास ने कहा, ‘‘अगर राज्य में अभी यूडीएफ की सरकार होती तो बिहार के साथ टी-20 मैच की तरह कड़ी प्रतिस्पर्धा होती। लेकिन, अब वाममोर्चा सरकार के सख्त रुख के कारण ऐसा नहीं हो रहा है। आज हमने पारदर्शिता सुनिश्चित की है और हम गड्ढों से मुक्त केरल का निर्माण सुनिश्चित करेंगे।’’
मंत्री ने विपक्ष द्वारा लगाए गए सरकारी विभागों के बीच समन्वय की कमी के आरोप को ‘निराधार’ करार दिया।
विधानसभा में विपक्ष के नेता वी डी सतीशन ने कहा कि प्रदेश की सड़कें अब तक की सबसे खराब स्थिति में है ।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा कि धन की कमी के कारण राज्य में कहीं भी सड़क संबंधी कार्य समय पर पूरा नहीं हो पा रहा है।
उन्होने कहा, ‘‘ठेकेदार सरकार के विभिन्न विभागों में बकाये की शिकायत कर रहे हैं। मंत्री विभागों के बीच समन्वय की बात कर रहे हैं। लेकिन, लोक निर्माण विभाग जब एक बार अपना काम पूरा कर लेता है तो जल प्राधिकारी अथवा कुछ अन्य विभाग अपने काम के लिये सड़क की खुदाई दोबारा से शुरू कर देते हैं ।
विपक्ष के नेता ने राज्य सरकार से उन स्थानों पर वैकल्पिक सड़कें उपलब्ध कराने का अनुरोध भी किया, जहां राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 66 का काम जारी है ।
सतीशन ने पूछा, ‘‘क्या आप लोगों से कह रहे हैं कि राजमार्ग का काम पूरा होने तक वे परेशान रहें ।’’
रियास ने कहा कि सड़क निर्माण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए वर्तमान में चल रही ठेका प्रणाली को लागू किया जा रहा है।
मंत्री के रुख को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष ए एन शमशीर ने सदन की कार्यवाही स्थगित करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया, इसके बाद विपक्षी सदस्य सदन से बहिर्गमन कर गये ।
भाषा रंजन