पुतिन के साथ बातचीत के लिये हंगरी के प्रधानमंत्री ओरबान मॉस्को पहुंचे
प्रशांत दिलीप
- 05 Jul 2024, 05:40 PM
- Updated: 05:40 PM
बुडापेस्ट (हंगरी), पांच जुलाई (एपी) हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ओरबान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ वार्ता के लिए मॉस्को पहुंचे। ओरबान के प्रेस प्रमुख ने शुक्रवार को बताया कि दो वर्ष से अधिक समय पहले यूक्रेन पर आक्रमण के बाद किसी यूरोपीय नेता की यह रूस की दुर्लभ यात्रा है।
ओरबान की यह यात्रा यूक्रेन की इसी तरह की अघोषित यात्रा के कुछ ही दिनों बाद हो रही है, जहां उन्होंने राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से मुलाकात की थी और प्रस्ताव रखा था कि यूक्रेन रूस के साथ तत्काल युद्ध विराम पर विचार करे।
यूरोपीय संघ में पुतिन के सबसे करीबी सहयोगी माने जाने वाले ओरबान ने यूक्रेन की सहायता करने तथा युद्ध के लिए मॉस्को पर प्रतिबंध लगाने के यूरोपीय संघ के प्रयासों को नियमित रूप से अवरुद्ध, विलंबित या कमजोर किया है। वह लंबे समय से यूक्रेन में शत्रुता समाप्त करने की वकालत करते रहे हैं, लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि इसका देश की क्षेत्रीय अखंडता या भविष्य की सुरक्षा पर क्या प्रभाव पड़ेगा।
इस रुख से हंगरी के यूरोपीय संघ और नाटो सहयोगी खुश नहीं हैं, जिन्होंने रूस के आक्रमण को मोटे तौर पर अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन और पूर्वी यूरोप के देशों की सुरक्षा के लिए खतरा माना है।
शुक्रवार को एक ईमेल में, ओरबान के प्रेस प्रमुख, बर्टलान हवासी ने कहा कि हंगरी के नेता की यात्रा “उनके शांति मिशन के हिस्से के रूप में” हो रही है।
हंगरी के विदेश मंत्री पीटर स्जिजार्तो भी मॉस्को की यात्रा में शामिल हुए। उनके फेसबुक पेज पर यह जानकारी दी गयी।
हंगरी ने महीने की शुरुआत में यूरोपीय संघ परिषद की छह महीने की क्रमिक अध्यक्षता संभाली। यह काफी हद तक एक औपचारिक भूमिका है, जिसका उपयोग संघ के नीतिगत एजेंडे को आकार देने के लिए किया जा सकता है।
क्रेमलिन के प्रवक्ता दमित्री पेस्कोव ने शुक्रवार को रूसी सरकारी टीवी के संवाददाता से पुष्टि की कि ओरबान और पुतिन की मुलाकात के दौरान यूक्रेन भी एजेंडे के विषयों में शामिल होगा।
यूरोपीय संघ के अधिकारियों ने मॉस्को की यात्रा के लिए ओरबान की कड़ी आलोचना की है। रूसी आक्रमण की शुरुआत के बाद से किसी अन्य यूरोपीय नेता ने वहां का दौरा नहीं किया है।
एपी
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