ममता बनर्जी के विधायकों को विधानसभा में अलग कमरा मिलने की संभावना
अविनाश
- 18 Jun 2026, 09:39 PM
- Updated: 09:39 PM
कोलकाता, 18 जून (भाषा) तृणमूल कांग्रेस के विधायकों के उस समूह को पश्चिम बंगाल विधानसभा में अलग कमरा और बोलने के लिए अलग समय मिलने की संभावना है, जो ममता बनर्जी के प्रति निष्ठावान है। पार्टी नेताओं ने यह जानकारी दी।
तृणमूल कांग्रेस के 80 में से 58 विधायकों ने पार्टी नेतृत्व के निर्देशों का उल्लंघन करते हुए निष्कासित विधायक रिताब्रता बनर्जी को विपक्ष का नेता चुना था जबकि पार्टी के नामित उम्मीदवार वरिष्ठ विधायक शोभनदेव चट्टोपाध्याय थे।
चट्टोपाध्याय और तृणमूल कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता कुणाल घोष ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ अपनी बैठक को सकारात्मक बताया और कहा कि विधानसभा में बैठने की व्यवस्था, सुरक्षा और विधायी कार्यप्रणाली से जुड़ी उनकी चिंताओं का समाधान कर दिया गया है।
चट्टोपाध्याय ने बैठक के बाद पत्रकारों से कहा, ''हमने मुख्यमंत्री के समक्ष कुछ विशिष्ट मुद्दे उठाए। उन्होंने हमें उचित सम्मान दिया। सदन में हमारे बैठने की व्यवस्था, एक अलग कमरा और सुरक्षा से संबंधित मामलों पर विस्तार से चर्चा हुई।''
दोनों नेताओं के अनुसार, चर्चा के दौरान शुभेंदु ने संसदीय कार्य मंत्री शंकर घोष को निर्देश दिया कि ममता बनर्जी के प्रति निष्ठावान विधायकों के लिए तुरंत एक अलग कमरा आवंटित किया जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि उन्हें विधानसभा की चर्चा में भाग लेने के लिए अलग से समय निर्धारित किया जाए।
घोष ने कहा कि ममता बनर्जी खेमे के सबसे वरिष्ठ विधायक चट्टोपाध्याय को विधानसभा में बैठने की व्यवस्था में प्रमुख स्थान दिया गया है।
उन्होंने कहा, ''आज हमने देखा कि मुख्यमंत्री अपने निर्धारित स्थान पर बैठे थे। विपक्ष के नेता की पारंपरिक सीट शोभनदेव चट्टोपाध्याय को आवंटित की गई थी, जबकि रिताब्रता बनर्जी की सीट कहीं और थी।''
रिताब्रता बनर्जी के खेमे को तृणमूल कांग्रेस के ज्यादातर विधायकों का समर्थन प्राप्त है। रिताब्रता पर तीखा हमला करते हुए घोष ने कहा कि ममता बनर्जी के वफादार विधायक उन्हें स्वीकार नहीं करेंगे।
उन्होंने कहा, ''जो लोग अनैतिक तरीकों से पार्टी के साथ विश्वासघात करते हैं, उन्हें हम नेता के रूप में स्वीकार नहीं कर सकते।''
भाषा
देवेंद्र अविनाश
अविनाश
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