शिवसेना (उबाठा) ने सांसदों को दिल्ली की बैठक में शामिल होने का 'व्हिप' जारी किया
अमित
- 17 Jun 2026, 10:50 AM
- Updated: 10:50 AM
मुंबई, 17 जून (भाषा) शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) में बगावत की बढ़ती अटकलों के बीच पार्टी ने अपने सांसदों को ''महत्वपूर्ण मुद्दों'' पर चर्चा के लिए नयी दिल्ली में होने वाली एक बैठक में शामिल होने का 'व्हिप' जारी किया है। सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
सूत्रों ने बताया कि पार्टी बैठक में शामिल नहीं होने वाले सांसदों के खिलाफ अयोग्यता की कार्यवाही शुरू कर सकती है।
पार्टी ने 2022 में भी इसी तरह का 'व्हिप' जारी किया था जब महाराष्ट्र के मौजूदा उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में 39 विधायकों ने शिवसेना नेतृत्व के खिलाफ बगावत कर दी थी। इसके बाद इन विधायकों के खिलाफ अयोग्यता की कार्यवाही शुरू की गई थी।
सूत्रों ने मंगलवार को बताया था कि विपक्षी शिवसेना (उबाठा) संकट का सामना कर रही है और उसके नौ लोकसभा सदस्यों में से ''छह से सात'' सदस्य शिंदे के नेतृत्व वाली सत्तारूढ़ शिवसेना में शामिल होने के इच्छुक हैं तथा फिलहाल राष्ट्रीय राजधानी में डेरा डाले हुए हैं।
दिल्ली में मौजूद शिवसेना (उबाठा) के नेता संजय राउत ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट साझा करके ''पार्टी नेतृत्व के खिलाफ बगावत की योजना बना रहे नेताओं'' पर निशाना साधते हुए कहा कि ''एक-एक बात का हिसाब होगा।''
उन्होंने कहा, ''एक विशेष विमान नांदेड़ में उतरता है और 'ऑपरेशन टाइगर' के नाम पर दो सांसदों को लेकर जाता है। कभी उनके पास ऑटोरिक्शा में सफर करने तक के साधन नहीं थे। ठाकरे परिवार की वजह से ही उनकी हैसियत इतनी बढ़ी है कि वे विशेष विमान में सफर कर रहे हैं।''
राज्यसभा सदस्य ने चेतावनी देते हुए कहा कि एक-एक बात का हिसाब होगा।
उन्होंने सवाल किया, ''डरपोक भेड़ियों के भागने को आप 'ऑपरेशन टाइगर' क्यों कह रहे हैं?''
उद्धव ठाकरे नीत शिवसेना (उबाठा), पार्टी के सांसदों को अपने खेमे में शामिल करने के लिए मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना की ओर से कथित तौर पर 'ऑपरेशन टाइगर' चलाए जाने की अटकलों को ज्यादा तवज्जो नहीं देने की कोशिश कर रही है।
उस अविभाजित शिवसेना का प्रतीक चिह्न बाघ था जिसे पार्टी संस्थापक बाल ठाकरे ने बनाया था।
इस बीच, नासिक से शिवसेना (उबाठा) सांसद राजाभाऊ वाजे ने बुधवार को कहा कि वह उद्धव ठाकरे खेमे के साथ हैं। वाजे ने एक समाचार चैनल से कहा कि वह बुधवार अपराह्न तीन बजे होने वाली संसद की उद्योग संबंधी समिति की बैठक में शामिल होने के लिए दिल्ली जा रहे हैं।
उन्होंने उनके राजनीतिक रुख के बारे में पूछे जाने पर कहा, ''मैं शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के साथ हूं। किसी ने मुझसे संपर्क नहीं किया है और मैं किसी के संपर्क में भी नहीं हूं।''
ठाकरे द्वारा रविवार को बुलाई गई बैठक में व्यक्तिगत रूप से शामिल हुए वाजे ने कहा कि उनकी इसके बाद शिवसेना (उबाठा) प्रमुख से बात नहीं हुई है।
शिवसेना (उबाठा) संसदीय दल की बैठक और इसके लिए जारी 'व्हिप' की जानकारी होने के बारे में पूछे जाने पर वाजे ने कहा कि बैठक बृहस्पतिवार को है और वह इसमें शामिल होने के लिए दिल्ली में ही रुकेंगे।
राउत ने मंगलवार देर रात दावा किया कि ''महाराष्ट्र के सांसदों को खरीदने'' के लिए ''15 करोड़ रुपये की अग्रिम राशि'' दी जा रही है।
इससे पहले, उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (उबाठा) के सांसदों के संभावित विद्रोह (संभवतः तृणमूल कांग्रेस की तर्ज पर) की अटकलें तब और तेज हो गईं, जब सत्तारूढ़ शिवसेना के नेता प्रताप सरनाइक ने संकेत दिया कि बागी सांसदों का स्वागत किया जाएगा और पाला बदलने पर उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी।
इस बीच अटकलों ने राउत के दिल्ली पहुंचने पर और जोर पकड़ लिया। इससे यह अटकलें लगाई जाने लगीं कि वह पार्टी के सांसदों द्वारा अलग समूह बनाने की किसी संभावित कोशिश को रोकने के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर सकते हैं। शिवसेना (उबाठा) नेता राउत को उद्धव ठाकरे का करीबी माना जाता है।
राउत ने कहा कि ''गलत तस्वीर पेश की जा रही है''। उन्होंने दावा किया कि सभी सांसद पार्टी तथा उद्धव ठाकरे के साथ मजबूती से खड़े हैं।
भाषा सिम्मी अमित
अमित
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