आप ने गुवाहाटी से अपनी उम्मीदवारी वापस ली
धीरज रंजन
- 15 Mar 2024, 04:52 PM
- Updated: 04:52 PM
गुवाहाटी, 15 मार्च (भाषा) आम आदमी पार्टी (आप) की असम इकाई ने राज्य में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी उम्मीदवार को हराने के लिए ‘‘विपक्षी एकता की खातिर’’ गुवाहाटी लोकसभा क्षेत्र से शुकव्रार को पार्टी उम्मीदवार वापस ले लिया।
पार्टी ने इसी के साथ कांग्रेस को डिब्रूगढ़ और सोनितपुर सीट से अपनी उम्मीदवारी छोड़ने के लिये कहा है। दोनों सीटों पर आप पहले ही अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है।
कांग्रेस और आप दोनों 16-पार्टी संयुक्त विपक्षी मंच, असम (यूओएफए) का हिस्सा हैं, जिसका गठन आम चुनाव एक साथ लड़ने के लिए किया गया है, लेकिन मंच के सदस्यों द्वारा राज्य के विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में एक-दूसरे के खिलाफ उम्मीदवारों की घोषणा किए जाने के साथ मंच में दरार भी पड़ गयी है।
‘आप’ ने एक बयान जारी कर उन तीन सीट पर उम्मीदवारों के नाम घोषित करने को लेकर कांग्रेस के प्रति नाराजगी जताई है जिनपर वह पहले ही अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर चुकी है।
कांग्रेस ने मंगलवार को असम की 12 सीट के लिए अपने उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की जिसमें डिब्रूगढ़ सीट उसने यूओएफए सहयोगी असम जातीय परिषद (एजेपी) के लिए छोड़ा है जबकि लखीमपुर के लिए उम्मीदवार की घोषणा अबतक नहीं की गई है।
एजेपी अध्यक्ष लुरिनज्योति गोगोई के नाम की घोषणा शुक्रवार को डिब्रूगढ़ से उम्मीदवार के रूप में की गई थी।
‘आप’ ने फरवरी में ही अपने प्रदेश अध्यक्ष भाबन चौधरी को गुवाहटी से, मनोज धनोवार को डिब्रूगढ़ से और ऋषि राज कौण्डिनिया को सोनितपुर से उम्मीदवार बनाने की घोषणा कर दी थी।
‘आप’ ने कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (रागज)को हराने के लिए, उसने विभिन्न राज्यों में ‘समझौता किया और कुर्बानी दी’। पार्टी ने साथ ही आरोप लगाया कि कांग्रेस ने असम में उस भावना का प्रदर्शन नहीं किया।
‘आप’ का कहना है कि उसने एक महीने पहले तीन सीट के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी थी क्योंकि यूओएफए के उम्मीदवारों और निर्वाचन क्षेत्रों पर आम सहमति बनने में देरी हो रही थी।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरबिंद केजरीवाल की पार्टी ने एक बयान में कहा, ‘‘ लेकिन अजीब बात है कि कांग्रेस ने उन तीन निर्वाचन क्षेत्रों में अपने उम्मीदवारों की घोषणा की, जिनके लिए हमने पहले ही अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए थे, जिससे विपक्ष की संयुक्त राजनीति के लिए संकट पैदा हो गया है।’’
पार्टी ने कहा कि संयुक्त विपक्ष की भावना का पालन करते हुए उसने गुवाहाटी से अपनी उम्मीदवारी छोड़ने का फैसला किया है, लेकिन डिब्रूगढ़ और सोनितपुर से वह चुनाव लड़ेगी।
कांग्रेस को अन्य दो सीट से अपनी उम्मीदवारी छोड़ने की मांग करते हुए आप ने कहा, ‘‘अगर कांग्रेस अपने उम्मीदवार वापस नहीं लेती है, तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि कांग्रेस, भाजपा की जीत सुनिश्चित करने के लिए डिब्रूगढ़ और सोनितपुर से चुनाव लड़ रही है।’’
यूओएफए के अन्य सहयोगियों ने भी अपने-अपने उम्मीदवारों की घोषणा की है। विपक्षी गठबंधन में शामिल तृणमूल ने चार सीट पर और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने एक सीट पर अपनी दावेदारी पेश की है।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने भी कहा है कि वह राज्य के कुछ निर्वाचन क्षेत्रों से अपने उम्मीदवार उतराने पर विचार कर रही है।
सत्तारूढ़ राजग से, भाजपा ने 11 उम्मीदवारों की घोषणा की है। भाजपा की सहयोगी असम गण परिषद (एजीपी) ने दो और यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल) ने एक उम्मीदवार की घोषणा की।
भाषा धीरज