प्रधानमंत्री मोदी का कार्यकाल मजबूत विदेश नीति और राष्ट्रीय सम्मान की रक्षा के लिए याद किया जाएगा: शाह
रंजन
- 11 Jun 2026, 11:38 PM
- Updated: 11:38 PM
नयी दिल्ली, 11 जून (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बृहस्पतिवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का कार्यकाल एक मजबूत विदेश नीति स्थापित करने और ऐसी रक्षा नीति बनाने के लिए याद किया जाएगा जो राष्ट्रीय सम्मान के साथ कोई समझौता नहीं करती।
शाह ने यहां भारत मंडपम में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध और अमेरिका-ईरान युद्ध जैसी ''दुनिया को हिला देने वाली'' घटनाओं के बीच प्रधानमंत्री ने संयम के साथ फैसले लिए और भारत के हितों को सर्वोपरि रखा।
यह दो दिवसीय सम्मेलन गठबंधन की सरकार के 12 साल पूरे होने और सबसे लंबे समय तक मोदी के भारत के निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने की उपलब्धि हासिल करने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया।
मोदी ने बुधवार को 4,399 दिनों के लगातार कार्यकाल के साथ भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने का कीर्तिमान स्थापित किया। उन्होंने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का 4,398 दिनों का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया।
शाह ने इस दिन को ''ऐतिहासिक'' बताया और कहा कि पिछला रिकॉर्ड उस दौर में बना था जब चुनाव स्वतंत्रता आंदोलन के साये में होते थे। उस युग में न ''प्रतिस्पर्धी राजनीति'' थी और न ''विकास की कोई बड़ी महत्वाकांक्षा।''
उन्होंने कहा, ''आज प्रदर्शन आधारित राजनीति के दौर में किसी नेता का इतने लंबे समय तक देश का नेतृत्व करना और बार-बार जनता का विश्वास हासिल करना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। मोदी जी ने लंबे समय तक देश का नेतृत्व किया है और विकास के लगभग हर मानक पर भारत को आगे बढ़ाने का काम किया है।''
शाह ने कहा, ''यह दौर देश के इतिहास में राजनीतिक स्थिरता के युग के रूप में याद किया जाएगा। यह युग नीति निर्माण और नीतियों के स्थिर क्रियान्वयन के लिए भी याद किया जाएगा।''
उन्होंने कहा कि पिछले 62 वर्षों में देश ने 13 प्रधानमंत्री, कई गठबंधन सरकारें और विभिन्न दलों की सरकारें देखी हैं। देश ने राजनीतिक अस्थिरता का एक लंबा दौर भी झेला है।
शाह ने कहा, ''डोकलाम घटना हो, रूस-यूक्रेन युद्ध हो या अमेरिका और ईरान के बीच तनाव-दुनिया को हिला देने वाली इन सभी घटनाओं के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने संयम के साथ फैसले किए और भारत के हितों को सर्वोपरि रखा। जब पूरी दुनिया संकट में थी, तब भारत ने अपनी विकास की गति और तेज कर ली।''
भाषा खारी रंजन
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