बंगाल के राज्यपाल ने चोपड़ा का दौरा रद्द किया, सरकार पर भीड़ से हमला कराने का आरोप लगाया
जितेंद्र धीरज
- 03 Jul 2024, 12:38 AM
- Updated: 12:38 AM
कोलकाता, दो जुलाई (भाषा) पश्चिम बंगाल में पिछले सप्ताह एक जोड़े की सार्वजनिक रूप से पिटाई किये जाने की घटना पर व्यापक आक्रोश के बीच राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने मंगलवार को ममता बनर्जी सरकार पर भीड़ द्वारा हमला करने की घटनाओं का समर्थन करने का आरोप लगाया। वहीं सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए राज्यपाल से निष्पक्ष तरीके से काम करने को कहा।
राज्यपाल पीड़ित जोड़े से मिलने के लिए चोपड़ा जाने वाले थे लेकिन दोनों पीड़ितों ने उनसे राजभवन में मिलने की इच्छा जताई, जिसके बाद उन्हें उत्तर दिनाजपुर जिले के चोपड़ा का अपना दौरा रद्द करना पड़ा।
बोस मंगलवार सुबह नयी दिल्ली से यहां आने पर अत्याचार से जुड़ी घटना के अन्य कथित पीड़ितों से मिलने के लिए कूचबिहार गए।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की चार महिला विधायकों ने उत्तर दिनाजपुर जिले में एक युगल पर हमले और कूचबिहार में एक महिला को कथित रूप से प्रताड़ित करने की घटना के विरोध में लगातार दूसरे दिन राज्य विधानसभा के बाहर प्रदर्शन किया।
टीएमसी ने चोपड़ा से पार्टी के विधायक हमीदुल रहमान को राज्य में एक जोड़े की सार्वजनिक पिटायी के समर्थन में बयान देने के लिए मंगलवार को कारण बताओ नोटिस जारी किया।
कूचबिहार में अत्याचार की शिकार महिलाओं से मिलने के बाद राज्यपाल ने भीड़ द्वारा हमले किये जाने की हालिया घटनाओं को लेकर राज्य सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि बंगाल अब महिलाओं के लिए सुरक्षित नहीं रह गया है।
बोस ने पीड़ित महिलाओं से मिलने के बाद कहा, ‘‘ऐसी घटनाएं राज्य सरकार के नेतृत्व, समर्थन और संरक्षण में हो रही हैं। इन घटनाओं के पीछे सत्ताधारी पार्टी, नौकरशाह और भ्रष्ट पुलिस कर्मी हैं।’’
बोस ने कहा, ‘‘पिछले वर्ष पंचायत चुनावों के बाद से बंगाल में हिंसा की घटनाएं हुई हैं। इसे बंद किया जाना चाहिए। राज्य सरकार को इनके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।’’
बोस के कई मुद्दों पर राज्य सरकार के साथ तल्ख संबंध रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि इन मुद्दों को हल करने के बजाय सरकार हिंसा के प्रचार-प्रसार के लिए धनबल का इस्तेमाल कर रही है।
बोस ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा चोपड़ा में हुई घटना को लेकर रिपोर्ट पेश नहीं करने पर भी सवाल उठाया। उन्होंने सोमवार को रिपोर्ट तलब की थी। ममता के पास राज्य का गृहविभाग भी है।
उन्होंने कहा, ‘‘यह मेरी संवैधानिक जिम्मेदारी है और मुख्यमंत्री की भी जिम्मेदारी है कि अगर मैं किसी मामले पर रिपोर्ट मांगता हूं तो वह समय पर दी जाए।’’
उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं किया गया। बोस ने मुख्यमंत्री पर संवैधानिक बाधा पैदा करने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं इस मामले को लेकर गंभीर हूं। जो भी कार्रवाई की जरूरत होगी, वह की जाएगी।’’
चोपड़ा का दौरा नहीं करने के सवाल पर बोस ने कहा, ‘‘चोपड़ा के पीड़ितों ने मुझसे राजभवन में निजी तौर पर मिलने का अनुरोध किया था। मैंने उनका अनुरोध स्वीकार कर लिया।’’
उन्होंने कहा कि पीड़ित उनसे कहीं भी मिल सकते हैं, चाहे वह राजभवन हो या फिर कहीं और।
टीएमसी ने राज्य सरकार के खिलाफ राज्यपाल की टिप्पणी की आलोचना की। टीएमसी नेता कुणाल घोष ने कहा, ‘‘राज्यपाल को निष्पक्ष रूप से काम करना चाहिए। वह भाजपा के निर्देशों के अनुसार काम कर रहे हैं।’’
उत्तरी दिनाजपुर जिले के चोपड़ा इलाके में कथित अवैध संबंधों को लेकर एक युगल की बेरहमी से पिटाई किए जाने का वीडियो रविवार को सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ था।
वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि ‘पीटीआई- भाषा’ नहीं करती।
पुलिस ने घटना पर स्वत: संज्ञान लेते हुए आरोपी तजमुल उर्फ जेसीबी को गिरफ्तार कर लिया था।
भाजपा ने आरोप लगाया कि आरोपी, चोपड़ा से विधायक हमीदुल इस्लाम का करीबी है।
टीएमसी ने चोपड़ा से पार्टी के विधायक हमीदुल रहमान को राज्य में एक जोड़े की सार्वजनिक पिटायी के समर्थन में बयान देने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया।
टीएमसी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘‘पार्टी ने रहमान को उनकी टिप्पणी के लिए कारण बताओ नोटिस जारी कर उनसे स्पष्टीकरण मांगा है। पार्टी किसी भी तरह से इस घटना या उनके द्वारा की गई टिप्पणी का समर्थन नहीं करती।’’
वीडियो में जोड़े को डंडे से पीटते हुए दिख रहे व्यक्ति की पहचान तजमुल उर्फ ‘जेसीबी’ के रूप में हुई है। तजमुल, टीएमसी नेता और रहमान का कथित तौर पर करीबी सहयोगी है।
घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए रहमान ने सोमवार को कहा था,‘‘यह जोड़ा कथित तौर पर अवैध संबंध में लिप्त था, जिसके कारण उन्हें पीटा गया। वे अपनी गतिविधियों के माध्यम से समाज को दूषित कर रहे थे।’’
उन्होंने कहा था, ‘‘बेटा और पति होने के बावजूद अवैध संबंध में लिप्त होना महिला की गलती थी। क्या यह अपराध नहीं है? क्या यह अनैतिक कृत्य नहीं है?’’
इस बीच, पुलिस ने मंगलवार को बताया कि पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले में एक गृहिणी ने ‘‘विवाहेतर संबंध’’ को लेकर कथित तौर पर लोगों के एक समूह द्वारा परेशान किए जाने के बाद आत्महत्या कर ली। इस घटना के सिलसिले में दो महिलाओं सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह घटना जोड़े की पिटाई को लेकर जारी हंगामे के बीच हुई।
भाषा जितेंद्र