आंबेडकर को लेकर राज्यसभा में भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने
अविनाश ब्रजेन्द्र अविनाश सुरेश
- 02 Jul 2024, 10:36 PM
- Updated: 10:36 PM
नयी दिल्ली, दो जुलाई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष जेपी नड्डा ने मंगलवार को राज्यसभा में कांग्रेस पर निशाना साधते हुए दावा किया कि पार्टी ने संविधान के निर्माता बाबासाहेब आंबेडकर को कमतर करने और उन्हें चुनाव में हराने तक की कोशिश की थी।
सदन में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने उनका प्रतिवाद करते हुए कहा कि उस चुनाव में आंबेडकर की पार्टी अलग थी और वह अलग गठबंधन में चुनाव लड़ रहे थे तथा वह कांग्रेस के साथ नहीं थे।
खरगे ने कहा कि भाजपा बार-बार आंबेडकर का जिक्र कर कांग्रेस पर निशाना साधती रहती है, जबकि वास्तविकता कुछ और थी। उन्होंने कहा कि आंबेडकर ने कई बार कहा था कि वह कांग्रेस से दूर हैं और उन्होंने अपनी पार्टी भी अलग रखी थी।
नड्डा ने सदन में टोकाटोकी के बीच आरोप लगाया कि कांग्रेस ने आंबेडकर को कमतर करने का प्रयास किया और उन्हें भारत रत्न तक नहीं दिया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने आंबेडकर को इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया और उन्हें सदन में अपने इस्तीफे के बारे में बोलने की अनुमति तक नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि इसके बाद बाबा साहेब को अगले दिन संवाददाता सम्मेलन का आयोजन करना पड़ा था।
उन्होंने कहा कि 1990 में भाजपा समर्थित जनता दल की सरकार ने बाबासाहेब को भारत रत्न दिया तथा संसद के केंद्रीय कक्ष में उनकी तस्वीर लगवाई।
नड्डा राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर मंगलवार को राज्यसभा में हो रही चर्चा में हिस्सा ले रहे थे।
सदन के नेता नड्डा ने कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार ने आंबेडकर को सम्मानित करने के लिए सिर्फ बयानबाजी नहीं की, बल्कि उनसे जुड़े स्थलों का विकास भी किया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने उनसे जुड़े स्थलों को पंचतीर्थ बनाया।
नड्डा ने अपने लंबे भाषण में सरकार की विभिन्न उपलब्धियों का जिक्र किया और कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के बारे में दुष्प्रचार किया गया है, जबकि सच्चाई यह है कि तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होने के लिए आरएसएस को मंजूरी दी थी।
उन्होंने कहा कि 1965 में युद्ध के दौरान प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने भी विमर्श के लिए आरएसएस नेता को बुलाया था। उन्होंने कहा, ‘‘जब भी देश खतरे में होता है तो उन्हें संघ की याद आती है।’’
चर्चा के दौरान ही सभापति जगदीप धनखड़ ने कहा कि वह पहले कांग्रेस के विधायक थे और बाद में आरएसएस के एकलव्य बन गए।
सभापति ने कहा, ‘‘आज से करीब 25 साल पहले मैं आरएसएस का एकलव्य बन गया। वे तपस्वी लोग हैं, राष्ट्रभक्त हैं, उनमें समर्पण की भावना है... वे दूसरे के विचारों को ग्रहण करते हैं।’’
बाद में, नेता प्रतिपक्ष खरगे ने उनके इस बयान पर आपत्ति जतायी।
नड्डा ने अपने भाषण में कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण में सरकार के विकास यात्रा की एक कहानी है और उसका रोडमैप है।
उन्होंने कहा, ‘‘उन्होंने सरकार की नीतियां और सरकार के कार्यक्रम उद्धृत किए हैं और ये इन बातों को प्रतिलक्षित करते हैं कि वर्तमान में देश किस तरह आगे बढ़ रहा है और किस तरीके से ये कार्यक्रम और नीतियां देश को विकसित भारत बनाने में दूरगामी प्रभाव छोड़ रही हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘भारत पर 200 वर्षों तक राज करने वाले ब्रिटेन को पछाड़कर आज भारत 11वें नंबर से छलांग लगाते हुए दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। अब मोदी जी के नेतृत्व में भारत, दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने वाला है।’’
नेता सदन ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस, अंतरराष्ट्रीय ‘मिलेट्स’ दिवस और जी20 के कार्यक्रमों का उल्लेख किया और विभिन्न क्षेत्रों में सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा, ‘‘हमलोगों को बहुत सौभाग्यशाली मानना चाहिए कि हम उस गौरवशाली समय के साक्षी हैं, जिन्हें ये कार्य करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। मैं यहां यह भी कहना चाहता हूं कि सरकार की नीतियों का सकारात्मक प्रभाव हम सबको दिख रहा है। ये अमृतकाल का ऐतिहासिक पल है।’’
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री नड्डा ने कहा कि आज पूरे देश को मोदी सरकार पर भरोसा है और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना मोदी की गारंटी है और इसलिए आज देश विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए अग्रसर है। उन्होंने कहा कि आज भारतीय अर्थव्यवस्था विश्व अर्थव्यवस्था में 15 प्रतिशत का योगदान दे रही है।
उन्होंने दिया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सिवाय जम्मू-कश्मीर के, किसी भी राज्य में राष्ट्रपति शासन नहीं लगाया है।
नड्डा ने कोविड टीके के मुद्दे पर भी विपक्ष पर निशाना साधा और कहा कि उनकी सरकार ने महामारी के दौरान लॉकडाउन लागू करने और दो टीकों का उपयोग करने का निर्णय लिया ताकि महामारी पर काबू पाया जा सके।
उन्होंने कहा कि भारत बैंकिंग क्षेत्र में सबसे मजबूत है और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने 2023-24 में 1.4 लाख रुपये का लाभ अर्जित किया जो एक साल पहले की अवधि की तुलना में 35 प्रतिशत अधिक है।
उन्होंने कहा कि भारतीय स्टेट बैंक रिकॉर्ड मुनाफा कमा रहा है।
नड्डा ने कहा कि यह 'बदलता भारत' है और हमें इसे समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि ‘जीएसटी’ ने अर्थव्यवस्था को संगठित बना दिया और अप्रैल में यह दो लाख करोड़ रुपये के स्तर को पार कर गया।
उन्होंने ‘‘वन रैंक, वन पेंशन’’ योजना लागू किए जाने की भी चर्चा की और कहा कि पेंशनभोगियों को 1.2 लाख करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।
नड्डा ने कहा कि उन्हें समझ में नहीं आया कि सदन में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बोल रहे थे या वह कोई चुनावी भाषण दे रहे थे।
भाषा अविनाश ब्रजेन्द्र अविनाश