कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस पार्षद अपने घर में फंदे से लटके मिले, जांच जारी
पवनेश
- 23 May 2026, 06:43 PM
- Updated: 06:43 PM
कोलकाता, 23 मई (भाषा) दक्षिण दमदम नगरपालिका के तृणमूल कांग्रेस के पार्षद संजय दास (50) शनिवार को कोलकाता के उत्तरी बाहरी इलाके में स्थित अपने घर पर कमरे में फंदे से लटके हुए मिले।
नगरपालिका के 'चेयरमैन-इन-काउंसिल' संजय दास को एक स्थानीय निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वह उत्तरी कोलकाता के नगरबाजार इलाके में रहते थे।
पुलिस ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह आत्महत्या का मामला प्रतीत होता है, हालांकि अभी तक कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है।
स्थानीय नगरबाजार पुलिस थाने में अप्राकृतिक मृत्यु का एक मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस ने बताया कि अनिवार्य पोस्टमार्टम प्रक्रिया के बाद दास का शव उनके परिवार को सौंप दिया जाएगा।
इस घटना से दास के समर्थक और मित्र दुखी हैं। कई लोग अस्पताल परिसर के बाहर इंतजार करते देखे गए।
नगरपालिका के वार्ड नंबर 18 का प्रतिनिधित्व करने वाले दास, बिधाननगर तृणमूल पार्षद और पूर्व पार्टी विधायक अदिति मुंशी के पति देवराज चक्रवर्ती के करीबी माने जाते थे।
शुक्रवार को, दंपति ने बिधाननगर शहर पुलिस द्वारा दर्ज आय से अधिक संपत्ति के मामले में अग्रिम जमानत के लिए कलकत्ता उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी।
इससे पहले, चक्रवर्ती से सीबीआई ने सरकारी विद्यालयों में प्राथमिक स्तर पर कथित भर्ती घोटाले के संबंध में पूछताछ की थी।
चक्रवर्ती के करीबी माने जाने वाले कई तृणमूल पार्षदों को पिछले कुछ दिनों में जबरन वसूली, मारपीट और धमकी देने के मामलों में गिरफ्तार किया गया है।
तृणमूल के पूर्व मंत्री सुजीत बोस को दक्षिण दमदम नगरपालिका में कथित भर्ती घोटाले के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय ने 11 मई को गिरफ्तार किया था और उन पर धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत मामला दर्ज किया गया था।
तृणमूल संचालित नगर निकाय के पूर्व अध्यक्ष पंचू रॉय से भी भर्ती में कथित अनियमितताओं के संबंध में ईडी ने पूछताछ की है।
दास के करीबी सूत्रों ने बताया कि वह पिछले कुछ दिनों से अवसाद में थे, लेकिन वे उनकी मानसिक स्थिति के पीछे का कारण स्पष्ट रूप से नहीं बता सके।
इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कहा, "मैंने सुना है कि मृतक देवराज चक्रवर्ती के करीबी थे और उनके द्वारा संचालित सिंडिकेट के मुखिया थे। हम किसी की भी मौत नहीं चाहते। हमने कहा है कि तृणमूल के जो लोग जनता के गुस्से से भयभीत हैं, उन्हें पुलिस सुरक्षा में घर भेजा जाएगा। लेकिन हम उन लोगों को माफ नहीं कर सकते जिन्होंने चुनाव के बाद हुई हिंसा में सक्रिय भूमिका निभायी और राज्य में तृणमूल के पूर्व शासनकाल के दौरान लोगों को प्रताड़ित किया।''
भाषा अमित पवनेश
पवनेश
2305 1843 कोलकाता