दिनाकरन और अंबुमणि ने कोयंबटूर में बच्ची की हत्या के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की
सुरेश
- 23 May 2026, 03:57 PM
- Updated: 03:57 PM
चेन्नई, 23 मई (भाषा) तमिलनाडु के कोयंबटूर जिले में 10-वर्षीय एक बच्ची के कथित अपहरण और हत्या की घटना पर अम्मा मक्कल मुनेत्र कषगम (एएमएमके) प्रमुख टीटीवी दिनाकरन और पट्टाली मक्कल काची (पीएमके) नेता अंबुमणि रामदास समेत कई नेताओं ने शनिवार को कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
इस बीच, खबर है कि इस सिलसिले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। बच्ची का शव शुक्रवार को कन्नमपालयम के एक तालाब में मिला।
इस संबंध में एएमएमके प्रमुख दिनाकरन ने पुलिस अधिकारियों से सख्त कार्रवाई का अनुरोध किया है।
उन्होंने कहा, ''इस अमानवीय कृत्य को अंजाम देने वाले अपराधियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।''
खबरों के मुताबिक, सुलूर में बच्ची अपने घर के पास खेल रही थी, तभी उसी इलाके के कुछ लोगों ने उसका अपहरण कर उसकी हत्या कर दी और शव को एक तालाब में फेंक दिया।
दिनाकरन ने यहां जारी एक बयान में कहा कि उन्हें इस घटना से गहरा दुख हुआ है।
एएमएमके प्रमुख ने दावा किया कि तमिलनाडु में बच्चों और महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध केवल कानून-व्यवस्था की समस्या ही नहीं हैं, बल्कि यह हमारे मानवता पर भी गंभीर सवाल उठाते हैं।
उन्होंने कहा, ''मैं मुख्यमंत्री सी. जोसफ विजय से आग्रह करता हूं कि वह सुनिश्चित करें कि बच्ची की बेरहमी से हत्या करने वाले इन अमानवीय अपराधियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और उनके साथ सख्ती से निपटा जाए।''
दिनाकरन ने मुख्यमंत्री से राज्य में महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की भी अपील की।
इस बीच, अंबुमणि ने शनिवार को जारी एक बयान में कहा, "तमिलनाडु सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि अपराधियों को मौत की सजा मिले।" उन्होंने यहां एक बयान में यह बात कही।
उन्होंने इस बात पर दुख व्यक्त किया कि कोयंबटूर के पास सुलूर के पल्लापालयम पंचायत की एक 10-वर्षीय बच्ची का उसी इलाके के बदमाशों द्वारा अपहरण कर लिया गया, उसका यौन उत्पीड़न कर उसकी हत्या कर दी गई।
उन्होंने कहा, "मैं उसके शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना और सहानुभूति व्यक्त करता हूं।"
उन्होंने पिछली द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उसके शासन में महिलाएं और बच्चे सुरक्षित रूप से कहीं आ-जा नहीं सकते थे।
अंबुमणि ने कहा, "द्रमुक के पांच साल के कार्यकाल के दौरान 62,000 से अधिक आपराधिक घटनाएं हुईं, जिनमें यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत दर्ज 27,000 मामले शामिल हैं। राज्य सरकार को यह तय करना चाहिए कि ऐसी स्थिति दोबारा कभी पैदा न हो।"
उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व में नवनिर्वाचित तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) सरकार ने महिलाओं के खिलाफ अपराधों से निपटने के लिए 'सिंगापेन' विशेष कार्य बल के गठन सहित कई कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। उन्होंने आग्रह किया कि सरकार को महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर अतिरिक्त ध्यान देना चाहिए।
भाषा प्रचेता सुरेश
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