भारत महान साझेदार, अमेरिका ऊर्जा निर्यात बढ़ाने के लिए तैयार: रूबियो
नेत्रपाल
- 22 May 2026, 12:36 AM
- Updated: 12:36 AM
(सागर कुलकर्णी)
वाशिंगटन, 21 मई (भाषा) अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने बृहस्पतिवार को नयी दिल्ली की अपनी पहली यात्रा से पहले कहा कि अमेरिका भारत को उतनी ही ऊर्जा बेचने के लिए तैयार है जितनी भारत खरीदने को तैयार होगा।
स्वीडन और भारत की यात्रा पर रवाना होते समय मियामी में पत्रकारों के साथ बातचीत में रूबियो ने नयी दिल्ली को एक ''महान साझेदार'' बताया और कहा कि उनकी यह यात्रा महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे उन्हें क्वाड देशों के मंत्रियों से मिलने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने कहा, ''हम उन्हें उतनी ऊर्जा बेचना चाहते हैं जितनी वे खरीद सकें। और जाहिर है, आपने देखा होगा कि मुझे लगता है कि हम अमेरिकी उत्पादन और निर्यात के ऐतिहासिक स्तर पर हैं।''
रूबियो 23 से 26 मई तक भारत में रहेंगे और कोलकाता, आगरा, जयपुर तथा नयी दिल्ली का दौरा करेंगे।
रूबियो ने कहा, "हम और अधिक करना चाहते हैं। हम पहले से ही उनसे और अधिक करने के लिए बातचीत कर रहे थे। हम चाहते हैं कि वे अपने पोर्टफोलियो में उनका बड़ा हिस्सा शामिल करें। हमें वेनेजुएला के तेल में भी अवसर दिखाई देते हैं।"
वह होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने के कारण भारत पर ऊर्जा की ऊंची कीमतों के प्रभाव से संबंधित एक प्रश्न का उत्तर दे रहे थे।
रूबियो ने कहा, "वे हमारे महान सहयोगी और महान साझेदार हैं। हम उनके साथ मिलकर बहुत अच्छा काम करते हैं। इसलिए यह एक महत्वपूर्ण यात्रा है। मुझे खुशी है कि हम यह यात्रा कर पा रहे हैं क्योंकि मुझे लगता है कि हमें इस दौरान कई विषयों पर चर्चा करने का मौका मिलेगा।''
उन्होंने कहा, "हम वहां क्वाड के साथ भी बैठक करेंगे, जो महत्वपूर्ण है। मुझे लगता है कि विदेश मंत्री के रूप में मेरी पहली बैठक क्वाड के साथ ही हुई थी। मुझे खुशी है कि हम अब भारत में ऐसा कर पा रहे हैं और हम इस साल के अंत में भी एक बैठक करेंगे।''
रूबियो ने कहा कि वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज भी अगले सप्ताह भारत पहुंचने वाली हैं और नयी दिल्ली के साथ काम करने के कई अवसर मिलेंगे।
क्वाड की बैठक 26 मई को होगी, जिसमें रूबियो, ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग और जापानी विदेश मंत्री मोटेगी तोशिमित्सु के शामिल होने की उम्मीद है, जबकि भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर इसकी अध्यक्षता करेंगे।
रूबियो की कोलकाता यात्रा लगभग चौदह वर्षों में किसी अमेरिकी विदेश मंत्री की पहली यात्रा होगी। अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने 2012 में कोलकाता की यात्रा की थी।
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