बंगाल में कानून व्यवस्था की स्थिति सबसे खराब : भाजपा ने रास में लगाया आरोप
मनीषा अविनाश
- 02 Jul 2024, 05:50 PM
- Updated: 05:50 PM
नयी दिल्ली, दो जुलाई (भाषा) राज्यसभा में मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी के सदस्य मदन राठौड़ ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में कानून का राज नहीं है और वहां शरिया कानून चल रहा है।
राठौड़ ने उच्च सदन में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए दावा किया कि उस राज्य में कानून का राज नहीं है और जबरन वसूली की जा रही है। उन्होंने कहा, ‘‘बंगाल में कानून व्यवस्था सबसे खराब स्थिति में हैं। राज्य में संघीय ढांचे को तोड़ने का षडयंत्र किया जा रहा है।’’
उन्होंने एक दिन पहले टीवी चैनल पर प्रसारित एक वीडियो का जिक्र किया और कहा कि तृणमूल कांग्रेस का एक कथित नेता एक महिला के साथ मारपीट कर रहा था।
भाजपा सदस्य ने कहा कि पिछले दिनों उन्होंने राज्य का दौरा किया था और देखा कि पश्चिम बंगाल में सरकारी अधिकारी तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ता की तरह काम करते हैं। उन्होंने दावा किया कि अधिकारी और तृणमूल कार्यकर्ता मिलकर वसूली में लगे हैं। उन्होंने कहा कि माकपा के लोग अब तृणमूल में शामिल हो गए हैं और मुहल्लों तक में वसूली की जा रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य में बम फेंकना, बम चलाना आम बात हो गयी है वहीं राज्य में बांग्लादेशी घुसपैठियों की संख्या बढ़ती जा रही है और वे मतदाता बन रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस उन्हें संरक्षण दे रही है।
चर्चा में हिस्सा लेते हुए शिवसेना सदस्य संजय राउत ने कहा कि अभिभाषण के हर पृष्ठ पर सच्चाई का अभाव है। उन्होंने कहा कि अभिभाषण में सरकार को बहुमत मिलने की बात की गई है लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार के पास बहुमत नहीं है। उन्होंने कहा कि मोदी की सरकार अल्पमत सरकार है।
राउत ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ‘‘कांग्रेस मुक्त’’ की बात करते थे लेकिन अब वह ‘‘बहुमत मुक्त’’ हो गए हैं।
अन्नाद्रमुक सदस्य एम थंबीदुरै ने राष्ट्रपति के अभिभाषण को सरकार की योजनाओं, पहलों और संकल्प का एक संतुलित दस्तावेज बताते हुए कहा कि भारत को तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने के लिए सरकार हरसंभव कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा ‘‘उसकी नीतियों और योजनाओं में यह बात साफ झलकती है।’’
उन्होंने तमिलनाडु में पिछले दिनों जहरीली शराब पीने से करीब 60 लोगों की मौत होने का जिक्र किया। उन्होंने तमिलनाडु के मछुआरों के कल्याण पर ध्यान दिए जाने की भी मांग की।
चर्चा में भाग लेते हुए द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) सदस्य आर गिरिराजन ने कहा कि अभिभाषण में मणिपुर की स्थिति का जिक्र नहीं है और प्रधानमंत्री मोदी को जवाब देना चाहिए कि वह वहां क्यों नहीं गए।
गिरिराजन ने किसानों द्वारा आत्महत्या किए जाने का भी जिक्र किया और उनकी स्थिति में सुधार के लिए कदम उठाए जाने की मांग की।
उन्होंने नीट परीक्षा मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग करते हुए कहा कि इससे लाखों छात्र प्रभावित हुए हैं लेकिन सरकार चर्चा को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु हमेशा नीट के खिलाफ रहा है और वहां की विधानसभा में इस बारे में दो विधेयक पारित किए गए लेकिन केंद्र उन्हें मंजूरी नहीं दे रहा है।
बीजू जनता दल (बीजद) की ममता मोहंता ने कहा कि अभिभाषण और वास्तविकता में काफी अंतर है। उन्होंने कहा कि विदेशों में छवि सुधारने से सुधार नहीं आएंगे बल्कि इसके लिए लोगों को सुविधाएं मुहैया करानी होगी और महिलाओं को अधिकार संपन्न करना होगा।
उन्होंने महिला आरक्षण कानून को लागू किए जाने की मांग की और कहा कि ओडिशा में भाजपा की नवगठित सरकार में सिर्फ एक ही महिला मंत्री हैं।
बीजद सदस्य ने ओडिशा के कई स्थानों में रेल सुविधाएं एवं मोबाइल नेटवर्क नहीं होने का जिक्र किया और कुड़मी समाज को अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिए जाने की मांग की।
भाषा मनीषा अविनाश