उच्च न्यायालय के फैसले के बाद, पहले शुक्रवार से पूर्व भोजशाला में सुरक्षा बढ़ाई गई
मनीषा
- 21 May 2026, 11:45 AM
- Updated: 11:45 AM
धार (मध्यप्रदेश), 21 मई (भाषा) मध्यप्रदेश के धार जिले में स्थित भोजशाला परिसर में उच्च न्यायालय के फैसले के बाद पड़ने वाले पहले शुक्रवार से पूर्व सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को बताया कि परिसर और आसपास के क्षेत्रों में 1,500 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है तथा निगरानी के लिए ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
भोज उत्सव समिति ने हिंदू समुदाय के लोगों से शुक्रवार को 11वीं शताब्दी के भोजशाला परिसर में सामूहिक 'अखंड पूजा' के लिए एकत्र होने का आह्वान किया है। समिति का दावा है कि 721 वर्षों में यह पहला अवसर होगा।
जिला प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अदालत के आदेशों का सख्ती से पालन करने की अपील की है।
मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने 15 मई को अपने फैसले में विवादित भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद परिसर को देवी वाग्देवी (सरस्वती) का मंदिर करार दिया है। अदालत ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के उस आदेश को भी निरस्त कर दिया जिसके तहत मुस्लिम समुदाय को शुक्रवार को परिसर में नमाज अदा करने की अनुमति दी गई थी।
फैसले से पहले हिंदू समुदाय को केवल मंगलवार को पूजा की अनुमति थी, जबकि मुस्लिम समुदाय लंबे समय से शुक्रवार को वहां नमाज अदा करता रहा है। दोनों समुदाय इस परिसर पर दावा करते रहे हैं।
धार के पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा ने 'पीटीआई-भाषा' से कहा कि परिसर और उसके आसपास नौ स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है। इसमें वाहनों की जांच, मोबाइल गश्त, सीसीटीवी निगरानी और ड्रोन से नजर रखने की व्यवस्था शामिल है।
अदालत के फैसले के बाद हिंदू संगठनों ने मंगलवार को परिसर में पूजा-अर्चना की और आतिशबाजी के साथ 'विजय उत्सव' मनाया था।
बुधवार को कलेक्टर राजीव रंजन मीणा और पुलिस अधीक्षक शर्मा की मौजूदगी में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई।
अधिकारियों ने कहा कि उच्च न्यायालय के निर्देशों को ''पूरी तरह से लागू'' किया जाएगा और लोगों से अफवाहों तथा भड़काऊ सोशल मीडिया पोस्ट पर ध्यान नहीं देने की अपील की गई है।
उन्होंने कहा कि परिसर में ऐसी किसी नई धार्मिक गतिविधि या परंपरा की अनुमति नहीं दी जाएगी, जिसे पहले अनुमति प्राप्त नहीं थी।
भोज उत्सव समिति के संरक्षक अशोक जैन ने कहा कि हिंदू समुदाय के लोग शुक्रवार दोपहर धन मंडी चौक पर एकत्र होंगे और वहां से जुलूस के रूप में भोजशाला पहुंचकर 'महाआरती' करेंगे।
जैन ने कहा, ''721 साल बाद यह शुक्रवार आया है और यह हमारे स्वाभिमान से जुड़ा हुआ है। पूरा हिंदू समाज भोजशाला में पूजा करेगा।''
उन्होंने दावा किया कि दशकों से इस स्थल पर पूजा को लेकर हिंदुओं को प्रतिबंधों और विवादों का सामना करना पड़ा है, खासकर तब जब बसंत पंचमी शुक्रवार को पड़ती थी।
भाषा सं दिमो मनीषा
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