महाकुंभ के दौरान सुर्खियों में आई युवती ने पति के साथ मप्र उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया
धीरज
- 20 May 2026, 06:41 PM
- Updated: 06:41 PM
इंदौर, 20 मई (भाषा) प्रयागराज में वर्ष 2025 के दौरान आयोजित महाकुंभ के दौरान सुर्खियों में आने के बाद फिल्म अभिनेत्री बनी एक युवती ने अपने पति के साथ मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ में याचिका दायर की है।
संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत दायर याचिका में युवती के जन्म रिकॉर्ड में आपराधिक साजिश के तहत हेर-फेर किए जाने और लोगों को सांप्रदायिक आधार पर उकसाए जाने के आरोप लगाए गए हैं। इसके साथ ही, मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की गुहार की गई है।
अंतरधार्मिक विवाह करने वाले युवा दंपति ने याचिका में कहा कि प्रेम संबंधों के आधार पर शादी के बाद उन्हें प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है।
याचिका में दावा किया गया है कि मध्यप्रदेश से ताल्लुक रखने वाली युवती की वास्तविक जन्मतिथि एक जनवरी 2008 है और राज्य के महेश्वर की नगर पंचायत के जारी जन्म प्रमाणपत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य सरकारी दस्तावेजों में यही जन्मतिथि दर्ज है।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि युवती के जन्म रिकॉर्ड में हेर-फेर करके उसकी जन्मतिथि एक जनवरी 2009 दर्शायी गई ताकि शादी के वक्त उसे नाबालिग साबित किया जा सके।
याचिका के साथ दंपति ने केरल सरकार द्वारा जारी विवाह प्रमाण पत्र भी पेश किया है। इसमें दर्ज जानकारी के मुताबिक दोनों का विवाह 11 मार्च 2026 को केरल के एक मंदिर में हुआ था और प्रमाण पत्र में युवती की जन्मतिथि एक जनवरी 2008 दर्ज है। यानी इस जन्मतिथि के आधार पर विवाह के समय युवती की उम्र 18 वर्ष दो माह थी।
याचिका में कहा गया है कि विवाह के बाद युवती के परिजनों ने इस रिश्ते का विरोध किया और उसे गलत आधार पर नाबालिग बताया।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि युवती के मूल जन्म प्रमाणपत्र को बिना वैधानिक प्रक्रिया अपनाए सरकारी पोर्टल से निरस्त कर दिया गया और बदले गए रिकॉर्ड के आधार पर मध्यप्रदेश के एक पुलिस थाने में उसके मुस्लिम पति के खिलाफ अपहरण और अन्य गंभीर आरोपों में झूठी प्राथमिकी दर्ज करा दी गई।
दंपति ने याचिका में यह आरोप भी लगाया है कि सोशल मीडिया और कुछ संगठनों के माध्यम से उनके अंतरधार्मिक विवाह को 'लव जिहाद' से जोड़कर सांप्रदायिक रंग दे दिया गया जिससे उनकी सुरक्षा को खतरा पैदा हो गया।
दंपति के वकील बीएल नागर ने बुधवार को 'पीटीआई-भाषा' को बताया कि उन्होंने उच्च न्यायालय की एक अवकाशकालीन पीठ से अपने पक्षकारों की याचिका पर जल्द सुनवाई का अनुरोध किया है और इस पर अगले हफ्ते सुनवाई हो सकती है।
उन्होंने कहा कि उनके दोनों पक्षकार फिल्म जगत से जुड़े हैं और केरल में एक फिल्म की शूटिंग के दौरान प्रेम संबंध पनपने के बाद इस जोड़े ने शादी कर ली थी।
'लव जिहाद' शब्द का इस्तेमाल दक्षिणपंथी संगठन यह दावा करने के लिए करते हैं कि मुस्लिम पुरुष अन्य धर्मों की महिलाओं को इस्लाम में धर्मांतरित करने के लिए प्रेम के जाल में फंसाते हैं।
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2005 1841 इंदौर