श्रद्धा वालकर मामला: अदालत ने धीमी प्रगति पर असंतोष जताया
अविनाश
- 19 May 2026, 07:58 PM
- Updated: 07:58 PM
नयी दिल्ली, 19 मई (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने श्रद्धा वालकर हत्या मामले में कार्यवाही की धीमी गति पर मंगलवार को असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले तीन महीनों में मामले में वस्तुतः कोई प्रगति नहीं हुई।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हरगुरविंदर सिंह ने ये टिप्पणी सुनवाई के दौरान की, जिसमें अभियोजन पक्ष ने सबूत पेश किए और गवाहों से जिरह की गई।
न्यायाधीश ने मामले में पेश हुए वकीलों को संबोधित करते हुए कहा, "मैं इसे पूरी तरह से सुस्ती कहता हूं। तीन महीने बीत चुके हैं - मार्च, अप्रैल और मई। मामले में कोई प्रगति नहीं हुई है।"
अदालत ने वकीलों को गर्मी की छुट्टियों के बाद "तैयार रहने" को कहा।
ये टिप्पणी तब आईं जब बचाव पक्ष ने अभियोजन पक्ष के गवाह, हेड कांस्टेबल दीपक कुमार से तीन महीने से जिरह जारी रखी। मंगलवार को जिरह का सातवां दिन था।
कार्यवाही के दौरान, बचाव पक्ष ने मृतक के जबड़े की बरामदगी से संबंधित फोरेंसिक विवरणों में कथित विसंगतियों को लेकर गवाह से सवाल किए। पहले के बयान का हवाला देते हुए, वकील ने बताया कि गवाह ने कहा था कि बरामद जबड़े में 15 दांत थे, जिनमें दो पर चांदी की कैप लगी थी, जबकि फोरेंसिक रिपोर्ट में 11 दांत और चांदी की एक कैप दर्ज की गई थी।
इस पर गवाह ने कहा कि यह वही जबड़ा था, जो बरामद किया गया था।
गवाह से वालकर के कथित बाल बरामद होने के बारे में भी पूछताछ की गई। हेड कांस्टेबल दीपक कुमार ने बताया कि बाल एमजी रोड पर इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप और शराब की दुकान के पास सड़क किनारे एक कूड़ेदान से बरामद किए गए थे और उन्होंने स्वीकार किया कि यह एक सार्वजनिक स्थान था जहां सभी की पहुंच थी।
मुकदमे की कार्यवाही शुरू होने के बाद से अभियोजन पक्ष 250 से अधिक गवाहों से जिरह कर चुका है। मुकदमे की सुनवाई के दौरान वालकर के पिता का भी निधन हो गया। वह इस मामले में अदालत की कार्यवाही में नियमित रूप से उपस्थित होते थे।
आफताब अमीन पूनावाला ने महरौली स्थित अपने घर में अपनी लिव-इन पार्टनर श्रद्धा वालकर की 18 मई, 2022 को कथित तौर पर गला घोंटकर हत्या कर दी थी और उसके शरीर के टुकड़े-टुकड़े कर दिए थे।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, उसने शव के टुकड़ों को रेफ्रिजरेटर में छिपाकर रखा और फिर कई दिनों तक राजधानी के विभिन्न स्थानों पर फेंका था ताकि पकड़े जाने से बच सके।
दिल्ली पुलिस ने 24 जनवरी, 2023 को इस मामले में 6,629 पृष्ठों का आरोपपत्र दाखिल किया। बाद में एक निचली अदालत ने पूनावाला के खिलाफ हत्या और सबूत नष्ट करने का आरोप तय किया।
भाषा अमित अविनाश
अविनाश
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1905 1958 दिल्ली