राजग पुराने रिकॉर्ड तोड़ देगा : चुनाव की तारीखों की घोषणा की पूर्व संध्या पर मोदी ने कहा
प्रशांत माधव
- 15 Mar 2024, 09:37 PM
- Updated: 09:37 PM
पथनमथिट्टा (केरल), 15 मार्च (भाषा) लोकसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा की पूर्व संध्या पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि दक्षिणी राज्य में “कमल खिलने जा रहा है” और आगामी चुनावों में भाजपा ने नेतृत्व वाला राजग पिछले रिकॉर्ड तोड़कर केंद्र में सत्ता में आएगा।
उन्होंने केरल के मतदाताओं से अपने “पर्याप्त समर्थन” को मतों में बदलने का आग्रह किया ताकि भाजपा राज्य में दहाई के अंक में सीटें जीत सके।
दक्षिण केरल के इस शहर में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की बड़ी सभा को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, “हम जल्द ही लोकतंत्र का महापर्व देखने जा रहे हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि इस बार केरल का भाजपा के प्रति प्रेम भारी समर्थन में बदलेगा। मुझे पूरा विश्वास है कि इस बार पिछले सारे रिकॉर्ड टूट जाएंगे। मेरा दृढ़ विश्वास है कि इस बार हमारा केरल एलडीएफ और यूडीएफ के दुष्चक्र को तोड़ देगा।”
उन्होंने कहा, “मुझे पूरा विश्वास है कि इस बार केरल भाजपा को भरपूर समर्थन देगा। मोदी आपसे वादा करता है कि वह केरल के विकास में कोई कसर नहीं छोड़ेंगा।”
उनका यह बयान निर्वाचन आयोग के यह कहने के तुरंत बाद आया कि वह शनिवार को लोकसभा चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा करेगा।
केरल में पथनमथिट्टा, त्रिशूर और तिरुवनंतपुरम सहित भाजपा द्वारा ‘ए’ श्रेणी क्षेत्रों के रूप में वर्गीकृत लोकसभा क्षेत्रों में राजग की जीत के लिए ईसाई समुदाय का उसके साथ आना महत्वपूर्ण है। ईसाई समुदाय तक पहुंच बनाते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने वेटिकन में पोप फ्रांसिस के साथ अपनी मुलाकात का जिक्र किया और यमन में आईएसआईएस आतंकवादियों द्वारा पकड़े गए कोट्टायम के एक पुजारी को बचाने के लिए उनकी सरकार के सफल प्रयासों पर प्रकाश डाला।
मोदी ने कहा, “2021 में जब मैं वेटिकन में पोप फ्रांसिस से मिला, तब भी मैंने वहां विशेष रूप से केरल का जिक्र किया था। वह भारत में हो रही प्रगति से भी प्रभावित थे। पिछले 10 वर्षों में हमने देश के हर समुदाय और क्षेत्र के लिए यथासंभव कड़ी मेहनत की है।”
उन्होंने कहा, “हम इराक से अपनी बहन नर्सों को वापस लाए जो युद्ध के बीच में फंसी हुई थीं। हमने संकट में घिरे अपने ईसाई पादरियों को मुक्त कराया और सुरक्षित वापस ले आये।”
वह केरल के एक कैथोलिक पादरी फादर टॉम के बचाव का जिक्र कर रहे थे, जिनका 2016 में युद्धग्रस्त यमन में अपहरण कर लिया गया था। उन्हें बंदरगाह शहर अदन में एक देखभाल गृह पर घातक हमले के दौरान 18 महीने के बाद आईएसआईएस की कैद से बचाया गया था।
मोदी के नेतृत्व में 2014 में राजग सरकार के सत्ता में आने के तुरंत बाद सरकार ने तत्कालीन संघर्षग्रस्त इराक से 46 भारतीय नर्सों को सुरक्षित निकाला था। इनमें से बड़ी संख्या में नर्स केरल की रहने वाली थीं।
मणिपुर में ईसाइयों के साथ हाल में हुई हिंसा को लेकर केरल में कांग्रेस और वामदलों द्वारा की जा रही आलोचना के बीच मोदी ने अपने भाषण में पिछले महीने कोट्टायम जिले के पूंजर में एक कैथोलिक पादरी को एक वाहन से टक्कर मारे जाने की घटना का उल्लेख करते हुए कहा, “यह अफसोस की बात है कि केरल में चर्च के पादरी भी हिंसा से अछूते नहीं हैं।”
मोदी ने कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री ए.के. एंटनी के बेटे अनिल के. एंटनी को युवाओं के प्रतीक के रूप में पेश किया। वह पथनमथिट्टा लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं।
पिछले साल कांग्रेस छोड़ भाजपा का दामन थामने वाले अनिल एंटनी के संदर्भ में मोदी ने कहा, “केरल की राजनीति में इसी तरह की ताजगी की जरूरत है।” एंटनी पथनमथिट्टा लोकसभा सीट से पार्टी के उम्मीदवार भी हैं।
यहां राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) कार्यकर्ताओं और समर्थकों की बड़ी सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले लोकसभा चनाव 2019 में भाजपा का मतप्रतिशत दहाई में था और उन्होंने राज्य में दहाई के अंक में सीटें जीतने के लक्ष्य तक पहुंचने की भी उम्मीद जताई।
मोदी ने कहा, “पिछले चुनाव में केरल में लोगों ने हमें दहाई में मतप्रतिशत हासिल करने वाली पार्टी बनाया। और अब, सीटों के दोहरे अंकों में पहुंचने की हमारी नियति भी दूर नहीं है।” उन्होंने कहा , “केरल में इस बार कमल खिलने जा रहा है।”
उन्होंने राज्य में माकपा के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) और कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) पर भी हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि केरल के लोग इन दोनों मोर्चों की लगातार “भ्रष्ट और अक्षम” सरकारों से पीड़ित हैं।
आगामी लोकसभा चुनावों में भाजपा के नेतृत्व वाले राजग के उम्मीदवारों के लिए यहां सार्वजनिक अभियान को संबोधित करते हुए, मोदी ने दावा किया कि राज्य के लोगों ने एलडीएफ और यूडीएफ सरकारों के तहत कठिनाइयों का सामना किया है और कथित तौर पर भ्रष्टाचार व अक्षमता से त्रस्त हैं।
उन्होंने एलडीएफ शासन के तहत राजनयिक माध्यम से सोने की तस्करी और पिछले यूडीएफ शासन के तहत सौर पैनल घोटाले का मुद्दा उठाते हुए दोनों मोर्चों पर कटाक्ष किया।
मोदी ने दावा किया कि लोगों को तभी फायदा होगा जब लगातार एलडीएफ, यूडीएफ सरकारों का चक्र टूटेगा क्योंकि वे कथित तौर पर केवल वोट-बैंक की राजनीति पर केंद्रित हैं।
प्रधानमंत्री ने यह भी तर्क दिया कि एलडीएफ और यूडीएफ दोनों की सोच और विचारधारा पुरानी है और केरल के लोगों की प्रगतिशीलता और दूरदर्शी सोच के बिल्कुल विपरीत है।
उन्होंने यह भी कहा कि एलडीएफ और यूडीएफ दोनों सरकारों ने रबर किसानों के संघर्षों से आंखें मूंद ली हैं।
उन्होंने कहा कि केरल के विकास के लिए केंद्र सरकार के तमाम प्रयासों के बीच यह भी महत्वपूर्ण है कि राज्य के लोगों की सही राय और नजरिया केंद्र तक पहुंचे।
मोदी ने कहा, “अगर हमारे यहां भाजपा के सांसद होंगे तो लोगों के लिए केंद्र तक अपनी बात पहुंचाना और यहां केंद्रीय परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आसानी होगी। केरल के लोगों को जिन योजनाओं और परियोजनाओं की जरूरत है, उन्हें भाजपा सांसदों के माध्यम से केंद्र तक और भी बेहतर ढंग से पहुंचाया जा सकता है।”
उन्होंने कहा, “यह मोदी की गारंटी है।”
जनसभा में राजग के लोकसभा उम्मीदवार वी. मुरलीधरन (अटिंगल), अनिल के. एंटोनी (पथनमथिट्टा), शोभा सुरेंद्रन (अलाप्पूझा) और बैजू कालासला (मावेलीक्कारा) समेत अन्य नेता भी मौजूद थे।
उनके अलावा हाल ही में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुईं पद्मजा वेणुगोपाल भी मंच पर मौजूद थीं।
भाषा
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