डीजीएचएस ने भीषण गर्मी से बचाव के लिए कई उपाय सुझाए
दिलीप
- 18 May 2026, 07:54 PM
- Updated: 07:54 PM
नयी दिल्ली, 18 मई (भाषा) केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने भीषण गर्मी के दौरान ठंडक पहुंचाने वाले पेय पदार्थों, श्वास तकनीकों और योगाभ्यास अपनाने संबंधी परामर्श जारी किया है।
भारत के कई हिस्सों में जारी लू की स्थिति को देखते हुए मंत्रालय के तहत आने वाले स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) के आयुष (आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी) प्रकोष्ठ और आयुष मंत्रालय ने गर्मी के मौसम के लिए व्यापक जन स्वास्थ्य परामर्श जारी किया है।
इस परामर्श में आम लोगों, संवेदनशील समूहों, नियोक्ताओं, श्रमिकों तथा बड़े सार्वजनिक आयोजनों और खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने वालों को लू और गर्मी से जुड़ी बीमारियों से बचाव के विस्तृत उपाय बताए गए हैं।
परामर्श में पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, दोपहर के समय धूप में जाने से बचने, हल्के सूती कपड़े पहनने और मौसमी फल तथा इलेक्ट्रोलाइट युक्त पेय पदार्थों के सेवन पर जोर दिया गया है।
परामर्श के अनुसार, शिशु, बच्चे, गर्भवती महिलाएं, बुजुर्ग, बाहर काम करने वाले श्रमिक तथा काफी समय से हृदय रोग व उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियों से पीड़ित लोग लू के दौरान विशेष रूप से अधिक संवेदनशील होते हैं और उन्हें विशेष देखभाल तथा निगरानी की आवश्यकता होती है।
कार्यस्थलों, सार्वजनिक आयोजनों और बाहरी गतिविधियों के लिए भी विशेष सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है। इनमें छायादार विश्राम स्थल उपलब्ध कराना, नियमित अंतराल पर पानी पीने के लिए व्यवस्था करना, श्रमिकों के शरीर को गर्मी के अनुरूप ढालने के उपाय तथा लू के लक्षणों के प्रति जागरूकता फैलाना शामिल है।
परामर्श में लोगों से चक्कर आना, सिरदर्द, मतली, मानसिक स्थिति में बदलाव, शरीर का अत्यधिक गर्म होना, शरीर में पानी की कमी, दौरे पड़ना और बेहोशी जैसे लू के लक्षणों के प्रति सतर्क रहने को कहा गया है।
इसमें कहा गया है कि 'हीटस्ट्रोक' एक चिकित्सकीय आपात स्थिति है, जिसमें तुरंत इलाज की जरूरत होती है। गंभीर स्थिति में आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 108 या 102 पर संपर्क करने की सलाह दी गई है।
परामर्श में लू से बचाव के लिए विभिन्न आयुष पद्धतियों के पारंपरिक स्वास्थ्य और निवारक उपाय भी शामिल किए गए हैं।
आयुर्वेद उपायों के तहत शरीर को ठंडक पहुंचाने वाले आहार, छाछ, नारियल पानी और नींबू आधारित पेय पदार्थों के सेवन की सलाह दी गई है। साथ ही शिकंजी, आम पन्ना, इमली से बना पेय पदार्थ जैसे पारंपरिक पेय पदार्थों को भी शरीर का तापमान नियंत्रित रखने में उपयोगी बताया गया है।
सिद्ध और योग उपायों के तहत शीतल पेय, 'शीतली प्राणायाम' जैसी श्वास तकनीकों और हल्के योग अभ्यास की सलाह दी गई है, ताकि गर्मी से होने वाले तनाव को कम किया जा सके।
यूनानी पद्धति के उपायों के तहत धूप में झुलसने और शरीर में पानी की कमी से बचाव के लिए हर्बल उत्पादों के सेवन की सलाह दी गई है, जबकि होम्योपैथी उपायों में तेज गर्मी के समय सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
परामर्श में लोगों को गर्मी में खीरा, तरबूज, नींबू, खरबूजा, पेठा और टमाटर जैसे ठंडक पहुंचाने वाले तथा पानी की पर्याप्त मात्रा वाले खाद्य पदार्थों को अपने दैनिक आहार में शामिल करने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया है।
लोगों को भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) द्वारा जारी मौसम संबंधी अपडेट पर नियमित नजर रखने और लू की चेतावनी के दौरान जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह भी दी गई है।
भाषा जोहेब दिलीप
दिलीप
1805 1954 दिल्ली