ओडिशा: कांग्रेस ने कृषि ऋण माफी की घोषणा की; 3,000 रुपये बेरोजगारी भत्ता देने का वादा किया
सुरेश पवनेश
- 15 Mar 2024, 08:37 PM
- Updated: 08:37 PM
भुवनेश्वर, 15 मार्च (भाषा) लोकसभा और ओडिशा विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने शुक्रवार को अपना घोषणा-पत्र और 10-सूत्रीय गारंटी कार्ड जारी किया, जिसमें राज्य के लोगों के लिए कई प्रमुख पहल पर अमल का वादा किया गया है।
कांग्रेस ने ओडिशा के पार्टी प्रभारी अजय कुमार, प्रदेश अध्यक्ष शरत पटनायक और घोषणा-पत्र समिति के अध्यक्ष पंचानन कानूनगो की उपस्थिति में अपना घोषणा-पत्र और गारंटी कार्ड जारी किया।
कुमार ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि अगर पार्टी सत्ता में आती है, तो वे बोनस प्रदान करके धान का एमएसपी 3,000 रुपये प्रति क्विंटल तक बढ़ा देंगे।
पार्टी ने कृषि ऋण माफ करने, 60 वर्ष से अधिक उम्र के किसानों और खेतिहर मजदूरों को 2,000 रुपये प्रतिमाह की पेंशन प्रदान करने तथा तीन साल के लिए 3,000 रुपये प्रतिमाह के बेरोजगारी भत्ते के साथ पांच लाख युवाओं को रोजगार देने का भी वादा किया।
कुमार ने कहा, "हम पांच लाख युवाओं को रोजगार देंगे और तीन साल तक 3,000 रुपये प्रतिमाह बेरोजगारी भत्ता देंगे। पार्टी यह भी सुनिश्चित करेगी कि राज्य के उद्योगों में केवल स्थानीय युवाओं को ही रोजगार मिले।"
इसके अतिरिक्त, पार्टी ने सभी स्नातकों को सूक्ष्म और लघु उद्योग स्थापित करने के लिए बिना गिरवी के 25 लाख रुपये तक का ऋण देने का वादा किया।
उन्होंने प्रत्येक घरेलू उपभोक्ता को 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली और सरकारी कर्मचारियों सहित सभी के लिए सरकारी और निजी अस्पतालों में 25 लाख रुपये तक मुफ्त इलाज की पेशकश करने का भी वादा किया।
कुमार ने कहा कि स्वास्थ्य बीमा योजना से 1.15 करोड़ से अधिक लोगों को लाभ होने की उम्मीद है।
महिला मतदाताओं को अपने पक्ष में मतदान को प्रेरित करने के लिए पार्टी ने सभी महिला एसएचजी (स्व-सहायता समूह) के लिए बैंक ऋण माफ करने और गृहलक्ष्मी योजना शुरू करने का वादा किया, जिसके तहत परिवार की प्रत्येक महिला मुखिया को प्रतिमाह 2,000 रुपये दिए जाएंगे।
घोषणा-पत्र में शैक्षणिक संस्थानों में महिला छात्रों को 50 प्रतिशत आरक्षण देने का वादा भी शामिल है।
इसके अलावा, कांग्रेस नेता ने प्रत्येक परिवार को हर महीने 500 रुपये में एक रसोई गैस सिलेंडर प्रदान करने की योजना की घोषणा की, साथ ही बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों के लिए 2,000 रुपये की सामाजिक सुरक्षा पेंशन का वादा किया।
उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों और सरकारी नौकरियों में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) तथा सामाजिक एवं आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग (एसईबीसी) को तत्काल 27 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पार्टी ने राज्य में सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना कराने का भी वादा किया है।
पार्टी ने सत्ता संभालने के छह महीने के भीतर प्रभावित जमाकर्ताओं को ‘चिट फंड’ राशि वापस करने और क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करने के लिए दक्षिणी एवं उत्तरी क्षेत्रों में विकास परिषद स्थापित करने का भी वादा किया।
अन्य प्रमुख वादों में प्रत्येक जिले में एक मेडिकल कॉलेज स्थापित करना, सभी झुग्गीवासियों के लिए भूमि पट्टा प्रदान करना, पंचायती राज संस्थानों के निर्वाचित प्रतिनिधियों के लिए मासिक पेंशन की पेशकश करना और 100 दिनों के भीतर अधिसूचित क्षेत्रों में पंचायत विस्तार (पेसा) नियम लागू करना शामिल है।
भाषा सुरेश