धनखड़, बिरला ने माइक बंद करने के विपक्ष के आरोपों पर एतराज जताया
अविनाश प्रेम
- 01 Jul 2024, 08:57 PM
- Updated: 08:57 PM
नयी दिल्ली, एक जुलाई (भाषा) राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोमवार को विपक्षी दलों के सदस्यों के इस आरोप पर आपत्ति जताई कि सदन में बोलते समय उनके माइक्रोफोन बंद कर दिए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि कई सदस्य आरोप लगाते हैं कि अध्यक्ष या आसन पर बैठे सभापति उनका माइक बंद कर देते हैं जबकि आसन के पास माइक का कोई नियंत्रण नहीं होता है और सभी पीठासीन अधिकारी इसी तरह सदन का संचालन करते हैं।
कांग्रेस ने शुक्रवार को दावा किया था कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जब ‘नीट’ परीक्षा के मुद्दे पर अपनी बात रखना चाह रहे थे, तो बीच में ही उनका माइक बंद कर दिया गया।
बिरला ने कहा, ‘‘यहां कई सदस्य मुझसे वरिष्ठ हैं। सब जानते हैं कि यह व्यवस्था है कि आसन से जिसका नाम पुकारा जाता है वह बोलता है। आसन के पास कोई ‘रिमोट कंट्रोल’ नहीं होता। सभापति तालिका में सभी दलों के सदस्य इसी तरह सदन चलाते हैं। यह परंपरा रही है। मुझे आशा है कि सदस्य अब इस तरह का आक्षेप नहीं लगाएंगे।’’
उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के. सुरेश को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘यह आसन के लिए गरिमा का विषय है। कम से कम इस आसन पर बैठने वाले लोगों को इस तरह की आपत्ति नहीं उठानी चाहिए। सुरेश जी इस आसन पर बैठते हैं। वह बताएं कि क्या आसन के पास माइक का नियंत्रण होता है।’’
राहुल गांधी ने सोमवार को भी सदन में नीट परीक्षा में कथित अनियमितता के विषय पर चर्चा कराने की मांग करते हुए कहा, ‘‘हम चाहते थे कि नीट पर एक दिन की चर्चा हो। पिछले सात साल में 70 बार प्रश्नपत्र लीक हुए हैं। ’’
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा, ‘‘राष्ट्रपति अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर इस मुद्दे पर (सदस्य) अपनी बात रखें। आसन से पहले ही व्यवस्था दी जा चुकी है कि धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कोई कार्यस्थगन प्रस्ताव का नोटिस या शून्यकाल नहीं लिया जाएगा।’’
राहुल गांधी ने कहा, ‘‘संसद से देश को संदेश जाता है। हम छात्रों को संदेश देना चाहते हैं कि नीट का मुद्दा संसद के लिए महत्वपूर्ण है।’’
सदन के उप नेता राजनाथ सिंह ने कहा कि संसद की कार्यवाही कुछ नियम प्रक्रियाओं के आधार पर चलती है और कुछ स्वस्थ परंपराएं भी होती हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘ये स्वस्थ परंपराएं हमारी ताकत हैं और मैंने अपने इतने लंबे संसदीय जीवन में देखा है कि राष्ट्रपति अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान किसी अन्य विषय पर विशेष चर्चा नहीं हुई। विपक्ष धन्यवाद प्रस्ताव पारित करने के बाद ही किसी अन्य विषय पर चर्चा करे।’’
इस पर राहुल गांधी ने राजनाथ सिंह के सुझाव का जिक्र करते हुए कहा कि राष्ट्रपति अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पारित होने के बाद नीट पर एक दिन की चर्चा की जा सकती है।
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा, ‘‘आप नोटिस दीजिए, निर्णय करेंगे।’’
राज्यसभा में माइक का मुद्दा उस समय उठा जब सदन में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे बोल रहे थे और उस दौरान कुछ व्यवधान हुआ।
सभापति धनखड़ ने कहा, "मैं प्रमोद तिवारी के इस तरह के बयान पर कड़ी आपत्ति जताता हूं। 'माइक बंद कर दिया' से उनका क्या मतलब है... यह स्वचालित है। यह क्या है... सरल तकनीक समझ में नहीं आती।’’
उन्होंने कहा, "इस माइक को बंद करने का अधिकार किसी को नहीं है... जो लोग इस तरह की गलतफहमी फैलाते हैं, संसद की गरिमा को कमतर करते हैं, हमारी संस्थाओं को कमतर करते हैं।"
हंगामा जारी रहने के बीच धनखड़ ने खरगे से कहा, "आप जानते हैं कि यह कैसे नियंत्रित होता है। जब मैं बोलूंगा, तो किसी और का माइक चालू नहीं होगा। यह स्पष्ट है। आप मुझसे ज्यादा जानते हैं... आपसे दूसरों को सीखना चाहिए।"
भाषा अविनाश वैभव
अविनाश