नीट (यूजी) 2026 परीक्षा का रद्द होना दुर्भाग्यपूर्ण : शिअद प्रमुख
दिलीप
- 12 May 2026, 09:21 PM
- Updated: 09:21 PM
चंडीगढ़, 12 मई (भाषा) शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने मंगलवार को नीट (यूजी) 2026 परीक्षा के रद्द होने को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
उन्होंने कहा कि इससे राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के कामकाज पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
बादल ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "सीबीआई को राष्ट्रीय स्तर की ऐसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए एनटीए और इसमें शामिल सभी अन्य एजेंसियों की भूमिका और कार्यप्रणाली की गहन और समयबद्ध जांच करनी चाहिए।"
उन्होंने कहा, "आपकी (सभी छात्रों से) मेहनत और सपने मायने रखते हैं। हम आपके साथ मजबूती से खड़े हैं और इस अन्याय को अनदेखा नहीं करने देंगे।"
कांग्रेस की पंजाब इकाई के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने परीक्षा रद्द करने को लेकर भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की जमकर आलोचना की।
वडिंग ने 'एक्स' पर लिखा, "पेपर लीक के आरोपों के बाद नीट (यूजी) 2026 की परीक्षा रद्द कर दी गई है। भाजपा का 'नया भारत' ऐसा दिखता है - लीक हुए पेपर, चरमराई व्यवस्था और बर्बाद भविष्य।
उन्होंने लिखा, "लाखों छात्रों ने सालों तक पढ़ाई की, दबाव, चिंता और रातों की नींद हराम की, और इस सरकार ने उन्हें फिर से निराश कर दिया। भाजपा के शासन में पेपर लीक होना आम बात हो गई है और जवाबदेही गायब हो गई है।"
उन्होंने कहा, "भाजपा सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं को मजाक बना दिया है, जबकि छात्र और अभिभावक उसकी अक्षमता और भ्रष्टाचार के दुष्परिणाम भुगत रहे हैं। छात्रों को जवाबदेही चाहिए, बहाने नहीं।"
मंगलवार को एनटीए ने पेपर लीक के आरोपों के बीच तीन मई को आयोजित नीट (यूजी) 2026 परीक्षा रद्द कर दी और सरकार ने सीबीआई को "अनियमितताओं" की व्यापक जांच करने का निर्देश दिया।
मेडिकल कॉलेजों में स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के इच्छुक छात्रों के लिए यह परीक्षा अब नए सिरे से आयोजित की जाएगी, जिसकी तिथियां अलग से अधिसूचित की जाएंगी।
नीट-यूजी 2026 परीक्षा भारत के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में आयोजित की गई थी। यह परीक्षा एनटीए द्वारा देश भर के केंद्रों पर लगभग 23 लाख पंजीकृत उम्मीदवारों के लिए आयोजित की गई थी।
भाषा
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