शिकायतों का त्वरित निस्तारण एवं सोशल मीडिया पर राष्ट्रविरोधी तत्वों की निगरानी करें : डीजीपी
राजकुमार
- 08 May 2026, 09:12 PM
- Updated: 09:12 PM
लखनऊ, आठ मई (भाषा) उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्णा ने शुक्रवार को पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे जन-शिकायतों का शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण निपटारा सुनिश्चित करें, सोशल मीडिया पर राष्ट्रविरोधी और जाति आधारित सामग्री की निगरानी करें तथा गौहत्या, पशु तस्करी, हत्या और डकैती जैसे गंभीर अपराधों के खिलाफ कार्रवाई तेज करें।
राजीव कृष्ण ने शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय में राज्य के सभी जोनल अतिरिक्त पुलिस महानिदेशकों (एडीजी), पुलिस आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षकों (आईजी), पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों (एसएसपी)/पुलिस अधीक्षकों (एसपी) के साथ ऑनलाइन अपराध समीक्षा बैठक की। बैठक में डीजीपी ने जन शिकायतों के त्वरित निस्तारण, सोशल मीडिया पर राष्ट्रविरोधी तत्वों की निगरानी और नव नियुक्त 60,244 आरक्षियों के प्रभावी उपयोग के निर्देश दिए।
उन्होंने उनके लिए उचित प्रशिक्षण, आवास और भोजन सुविधाओं को सुनिश्चित करने के लिए भी कहा।
यहां जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, बैठक में जन शिकायतों और आईजीआरएस मामलों के निपटारे, जांचों की गुणवत्ता, समयबद्धता और शहर में यातायात की भीड़ कम करने, अभियानों के कार्यान्वयन, डूबने की घटनाओं की रोकथाम और ई-समन और ई-साक्ष्य प्रणालियों के उपयोग की समीक्षा की गई।
उत्तर प्रदेश के "क्राइम इन इंडिया 2024" रिपोर्ट में प्रदर्शन पर संतोष व्यक्त करते हुए कृष्णा ने कहा कि सकारात्मक परिणाम पुलिस कर्मियों की कड़ी मेहनत और समर्पण को दर्शाते हैं । उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पुलिस बल बेहतर परिणाम देना जारी रखेगा।
डीजीपी ने अधिकारियों को थाना और चौकी स्तर पर शिकायतों की नियमित सुनवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया । उन्होंने मिशन शक्ति केंद्रों के माध्यम से महिलाओं से संबंधित और पारिवारिक विवादों के प्रभावी निपटारे पर जोर दिया।
डीजीपी ने संवेदनशील घटनाओं में त्वरित कार्रवाई, तथ्यात्मक मीडिया ब्रीफिंग और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा मौके पर पहुंचकर पर्यवेक्षण के भी निर्देश दिए।
उन्होंने सीमा पार से युवाओं को दुष्प्रेरित करने वाले आपराधिक-आतंकी नेटवर्क और जातीय वैमनस्य फैलाने वालों पर कड़ी नजर रखने को कहा। उन्होंने सोशल मीडिया निगरानी टीमों को तकनीकी रूप से और सक्षम बनाने पर बल दिया।
डीजीपी 60,244 नव आरक्षियों की तैनाती को महत्व देते हुए इन्हें बीट पुलिसिंग, फुट पेट्रोलिंग और जन संवाद में अधिकतम उपयोग करने को कहा। उन्होंने उनके आवास, भोजन और प्रशिक्षण की नियमित समीक्षा के साथ दंगा नियंत्रण ड्रिल का अभ्यास कराने के निर्देश दिए।
डीजीपी ने गोकशी, गो-तस्करी, हत्या और लूट की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए विशेष अभियान चलाने और बीट सूचना प्रणाली को मजबूत करने को कहा। गो-तस्करी के वित्तीय नेटवर्क पर भी कठोर कार्रवाई होगी।
भाषा आनन्द राजकुमार
राजकुमार
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