वैश्विक मसाला व्यापार में स्थिरता और कड़े खाद्य सुरक्षा मानक महत्वपूर्ण: विशेषज्ञ
मनीषा
- 07 May 2026, 01:17 PM
- Updated: 01:17 PM
कोच्चि, सात मई (भाषा) वैश्विक मसाला व्यापार में प्रतिस्पर्धा के लिए स्थिरता और कड़े खाद्य सुरक्षा मानक महत्वपूर्ण निर्धारक हैं। भारत-नीदरलैंड संगोष्ठी में विशेषज्ञों ने यह बात कही।
दक्षिण भारत के लिए नीदरलैंड साम्राज्य के महावाणिज्य दूतावास ने 'वर्ल्ड स्पाइस ऑर्गनाइजेशन' के सहयोग से बुधवार को यहां ले मेरिडियन में 'सस्टेनेबल स्पाइस वैल्यू चेन' संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
प्रेस विज्ञप्ति बृहस्पतिवार को जारी की गई जिसके अनुसार, इस कार्यक्रम में निर्यातक, किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ), स्थिरता विशेषज्ञ, अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां और सरकारी प्रतिनिधि शामिल हुए जिन्होंने मसाला क्षेत्र के लिए सुदृढ़ एवं समावेशी मॉडल पर विचार-विमर्श किया।
दक्षिण भारत के लिए नीदरलैंड साम्राज्य के महावाणिज्य दूत एवोट डी विट ने अपने उद्घाटन भाषण में बदलते वैश्विक मानकों को पूरा करने के लिए प्रमाणन और गुणवत्ता आश्वासन के मजबूत तंत्र की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने कहा, '' मसाला क्षेत्र में स्थिरता समावेशी भी होनी चाहिए जिसमें उचित वेतन सुनिश्चित करना, महिलाओं की अधिक भागीदारी, छोटे किसानों का सशक्तिकरण और मजबूत किसान समूह शामिल हों।''
विट ने साथ ही कहा कि सरकारों, शोध संस्थानों, निजी उद्योग और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के बीच सहयोग स्थायी समाधान को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
स्पाइसेस बोर्ड इंडिया के विपणन निदेशक बी. एन. झा ने कहा कि भारत 250 से अधिक प्रकार के मसाले और मूल्य वर्धित उत्पाद 180 से अधिक देशों को निर्यात करता है। यूरोपीय बाजार में उसके पास अब भी पर्याप्त वृद्धि की संभावनाएं हैं।
उन्होंने कहा कि स्पाइसेस बोर्ड अच्छी कृषि पद्धतियों, वैज्ञानिक फसल प्रबंधन, समेकित कीट प्रबंधन, स्वच्छ प्रसंस्करण प्रणाली और किसान क्षमता निर्माण कार्यक्रमों को बढ़ावा दे रहा है ताकि मसाला मूल्य श्रृंखला में स्थिरता और स्वच्छता एवं पादप स्वच्छता (एसपीएस) अनुपालन को मजबूत किया जा सके।
प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि संगोष्ठी में यूरोप के बदलते नियामकीय परिदृश्य और भारतीय मसाला निर्यात पर उसके प्रभाव पर भी चर्चा की गई।
विकासशील देशों से आयात को बढ़ावा देने वाले केंद्र के विशेषज्ञ वॉर्नर यूटरविज्क ने कहा कि यूरोप भारतीय मसालों के लिए दीर्घकालिक मजबूत अवसर प्रदान करता रहेगा, विशेष रूप से जब टिकाऊ स्रोतों से प्राप्त एवं उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों की उपभोक्ता मांग बढ़ रही है।
उन्होंने कहा, '' भारतीय मसालों की कई श्रेणियों में पहले से ही मजबूत बाजार स्थिति है। जो निर्यातक अनुपालन, पारदर्शिता और स्थिरता में शुरुआती निवेश करेंगे, वे यूरोपीय बाजार में अपनी मौजूदगी बढ़ाने के लिए बेहतर स्थिति में होंगे।''
वर्ल्ड स्पाइस ऑर्गनाइजेशन के चेयरमैन रामकुमार मेनन ने भी कार्यक्रम में कहा कि स्थिरता मसाला निर्यातक देशों की दीर्घकालिक प्रतिस्पर्धात्मकता को तेजी से निर्धारित करेगी।
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय खरीदार अब केवल उत्पाद की गुणवत्ता ही नहीं, बल्कि पारदर्शिता, पर्यावरणीय प्रभाव, श्रम स्थितियों और आपूर्तिकर्ताओं की विश्वसनीय 'ट्रेसबिलिटी' (अनुगम्यता) प्रणाली बनाए रखने की क्षमता को भी महत्व दे रहे हैं।
संगोष्ठी में मसाला क्षेत्र में आपूर्ति श्रृंखला जोखिमों की पहचान और उन्हें कम करने पर तकनीकी प्रस्तुतियां भी प्रस्तुत की गईं।
इसमें एक गोलमेज चर्चा भी आयोजित की गई जिसमें मसाला मूल्य श्रृंखला में स्थिरता, लचीलापन एवं बाजार पहुंच को मजबूत करने के लिए सहयोगात्मक दृष्टिकोणों पर विचार किया गया।
भाषा निहारिका मनीषा
मनीषा
0705 1317 कोच्चि