दिल्ली पुलिस ने नए आपराधिक कानून के तहत पहली प्राथमिकी दर्ज की
सिम्मी नरेश
- 01 Jul 2024, 01:49 PM
- Updated: 01:49 PM
नयी दिल्ली, एक जुलाई (भाषा) दिल्ली पुलिस ने कमला मार्केट इलाके में एक रेहड़ी-पटरी वाले के खिलाफ नए आपराधिक कानून ‘भारतीय न्याय संहिता’ के प्रावधानों के तहत रविवार देर रात को पहली प्राथमिकी दर्ज की।
रेहड़ी पटरी वाले के खिलाफ प्राथमिकी ठेले पर पानी और तम्बाकू उत्पाद बेचकर सार्वजनिक मार्ग अवरुद्ध करने के आरोप में दर्ज की गई है।
देश में सोमवार को तीन नए आपराधिक कानून लागू हो गए, जिससे भारत की आपराधिक न्याय प्रणाली में दूरगामी बदलाव आएंगे।
भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) 2023 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) 2023 आज से पूरे देश में प्रभावी हो गए हैं। इन तीनों कानून ने ब्रिटिश कालीन कानूनों क्रमश: भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम की जगह ली है।
प्राथमिकी बीएनएस की धारा 285 के तहत दर्ज की गई है। इस धारा में कहा गया है कि यदि कोई व्यक्ति ‘‘किसी भी कार्य को करने या अपने कब्जे में या अपने प्रभार के तहत किसी भी संपत्ति को व्यवस्थित करने में चूक करता है जिससे किसी सार्वजनिक मार्ग पर किसी व्यक्ति को खतरा होता है, अवरोध पैदा होता है या चोट लगती है, तो उसे 5,000 रुपये तक के जुर्माने से दंडित किया जाएगा।’’
पुलिस ने बताया कि बिहार के पटना का निवासी 23 वर्षीय पंकज कुमार रात करीब सवा 12 बजे नयी दिल्ली रेलवे स्टेशन के पास एक पैदल यात्री पुल के नीचे एक ठेले पर पानी, बीड़ी और सिगरेट बेचते हुए पाया गया।
इस प्राथमिकी की प्रति ‘पीटीआई-भाषा’ के पास उपलब्ध है। प्राथमिकी में कहा गया है कि गश्त कर रहे एक अधिकारी ने कुमार से अपने ठेले को रास्ते से हटाने को कहा क्योंकि इससे लोगों का आवागमन बाधित हो रहा था।
प्राथमिकी में कहा गया है कि अधिकारी ने पास से गुजर रहे चार-पांच लोगों से गवाह बनने को कहा लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया। कुमार ने जब अधिकारी की बात नहीं मानी तो रविवार देर रात डेढ बजे मामला दर्ज किया गया।
प्राथमिकी में कहा गया है कि अधिकारी ने जब्त साम्रगी को दर्ज करने के लिए ई-प्रमाण ऐप का इस्तेमाल किया।
एक अधिकारी ने कहा कि दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा द्वारा संचालित यह ऐप आगे की जांच के लिए सीधे पुलिस रिकॉर्ड में सामग्री को दर्ज कर देगी।
दिल्ली पुलिस ने प्राथमिकियां दर्ज करने और जांच करने के लिए जिम्मेदार अपने 30,000 कर्मियों को प्रशिक्षण दिया है।
अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली पुलिस देश के उन पुलिस बलों में से एक है, जिन्होंने अपने कर्मियों को नये आपराधिक कानूनों पर सबसे पहले प्रशिक्षण देना शुरू किया।
दिल्ली पुलिस आयुक्त संजय अरोड़ा ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने सोमवार से लागू हुए तीन नए आपराधिक कानूनों के तहत प्राथमिकियां दर्ज करना शुरू कर दिया है।
अरोड़ा ने ‘किंग्सवे कैंप’ में दिल्ली पुलिस के ‘कमिश्नरेट दिवस’ समारोह के दौरान संवाददाताओं से कहा कि पुलिस बल का सौभाग्य है कि आज के दिन नए कानून लागू हुए।
अरोड़ा ने कहा, ‘‘हमारा सौभाग्य है क्योंकि आज हमारा ‘कमिश्नरेट दिवस’ है और इसी दिन ये कानून लागू हो रहे हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हर साल कमिश्नरेट दिवस पर हम ईमानदारी और समर्पण से लोगों की सेवा करने की शपथ लेते हैं।’’
अरोड़ा ने बताया कि नए कानूनों के तहत पहली प्राथमिकी रविवार देर रात दर्ज की गई।
भाषा सिम्मी