केरल : यूडीएफ की जीत के बाद जश्न के साथ सरकार गठन की कवायद तेज
मनीषा
- 05 May 2026, 11:49 AM
- Updated: 11:49 AM
तिरुवनंतपुरम, पांच मई (भाषा) केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ की शानदार वापसी के एक दिन बाद गठबंधन में खुशी, राहत और उम्मीद की लहर है। साथ ही, नयी सरकार के गठन को लेकर चर्चा भी शुरू हो चुकी है और नेता अगले कदमों पर निर्णय लेने के लिए बैठकें एवं अनौपचारिक बातचीत कर रहे हैं।
वरिष्ठ नेताओं के लिए यह जीत सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि भावनात्मक भी है। उनमें से कई ने इसे ''जनता के भरोसे की वापसी'' का क्षण बताया है।
जीत के जश्न के साथ-साथ, मुख्यमंत्री पद के लिए पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच ज़ोरदार प्रयास शुरू हो गए हैं।
कांग्रेस की केरल इकाई में मुख्यमंत्री पद के लिए तीन प्रमुख दावेदार हैं - विपक्ष के नेता वी. डी. सतीशन, वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) महासचिव एवं लोकसभा सदस्य के. सी. वेणुगोपाल।
संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) नेताओं ने मतदाताओं को धन्यवाद देते हुए कहा है कि परिणाम दर्शाता है कि जनता बदलाव चाहती थी।
चूंकि कांग्रेस के पास अकेले 63 सीट हैं, इसलिए उस पर गठबंधन सहयोगियों के सामने झुकने का दबाव नहीं है।
अगले मुख्यमंत्री के चयन की प्रक्रिया के तहत पार्टी आलाकमान द्वारा एआईसीसी की एक टीम भेजी जाएगी, जो एआईसीसी महासचिव और केरल प्रभारी दीपा दास मुंशी के साथ पार्टी विधायकों से बातचीत करेगी।
सूत्रों के अनुसार, वे विधायकों से व्यक्तिगत रूप से भी मुलाकात करेंगे।
उनके गठबंधन सहयोगी दलों के नेताओं से भी मिलने की संभावना है जिनमें इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) भी शामिल है।
इसके बाद, कांग्रेस संसदीय दल की बैठक होगी और एक प्रस्ताव पारित किया जाएगा जिसमें एआईसीसी को अगले मुख्यमंत्री के चयन पर निर्णय लेने का अधिकार दिया जाएगा।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेतृत्व वाले वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) गठबंधन को चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा है। राज्य में 10 साल सत्ता में रहने के बाद मिली इस हार के कारणों पर चर्चा की जाएगी।
हार के बाद पिनराई विजयन ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अब तक मीडिया से बात नहीं की है।
चुनाव परिणाम घोषित होने के समय विजयन कन्नूर में थे, जिसके बाद वह तिरुवनंतपुरम के लिए रवाना हो गए।
बुधवार को पार्टी के राज्य सचिवालय की बैठक के बाद उनकी मीडिया से मुलाकात की उम्मीद है।
केरल में सोमवार को राजनीतिक परिदृश्य में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला, जब राज्य के मतदाताओं ने देश की आखिरी वामपंथी सरकार को सत्ता से बाहर कर दिया और 10 साल के अंतराल के बाद कांग्रेस को सत्ता में वापस ला दिया, वहीं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तीन सीट जीतकर लंबे समय से जारी चुनावी सूखे को खत्म किया।
भाषा सुरभि मनीषा
मनीषा
0505 1149 तिरुवनंतपुरम