राजस्थान के किसानों को बनाएंगे समृद्ध: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
कुंज खारी
- 30 Jun 2024, 09:42 PM
- Updated: 09:42 PM
जयपुर, 30 जून (भाषा) राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि देश के लिए अन्न उपजाने वाले किसान भाइयों को सशक्त बनाना राज्य में ‘डबल इंजन’ सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने किसान कल्याण के लिए कई कदम उठाए गए हैं और किसान की समृद्धि से ही विकसित एवं खुशहाल राजस्थान का सपना साकार होगा।
शर्मा रविवार को टोंक की कृषि उपज मंडी में ‘मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना’ के राज्यस्तरीय उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे।
वहीं, कांग्रेस की राजस्थान इकाई के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भाजपा पर किसानों के साथ वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा ने विधानसभा चुनाव में किसानों से 12,000 रुपये प्रति वर्ष किसान सम्मान निधि देने का वादा किया था, लेकिन मुख्यमंत्री ने इसे बढ़ाकर मात्र 8000 रुपये किया है।
मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि इस योजना के तहत प्रदेश के किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की छह हजार रुपये की राशि के साथ ही दो हजार रुपये अतिरिक्त दिए जाएंगे। इसी क्रम में रविवार को राज्य सरकार की ओर से एक हजार रुपये की पहली किस्त के तौर पर 65 लाख से अधिक किसानों के खातों में 653 करोड़ रुपये सीधे जमा किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मैं भी किसान का बेटा हूं। उनकी परेशानियों से मैं भली-भांति अवगत हूं। इसलिए हमारी सरकार किसान हितों की रक्षा में सदैव तत्पर रहती है।’’
उन्होंने कहा कि राज्य में गेहूं के 2,275 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य के ऊपर 125 रुपये का बोनस देकर 2400 रुपये प्रति क्विंटल पर गेहूं खरीद की गई है। प्रदेश में 10 हजार सौर ऊर्जा संयंत्रों, 41 हजार हैक्टेयर क्षेत्रफल में टपक सिंचाई और मिनी स्प्रिंकलर तथा 44 हजार हैक्टेयर क्षेत्रफल में स्प्रिंकलर संयंत्रों की स्थापना की गई है।
शर्मा ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किसान कल्याण के लिए अनेक योजनाएं शुरू की हैं, जिनका लाभ प्रदेश के किसानों को मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत लगभग 1,400 करोड़ रुपये के बीमा दावों का वितरण किया गया तथा नौ हजार पीएम किसान समृद्धि केंद्र स्थापित किए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा सहकारी क्षेत्र में विश्व की सबसे बड़ी विकेन्द्रीकृत अनाज भंडारण योजना चलाई जा रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के 21 जिलों में पानी की समस्या दूर करने के लिए ईआरसीपी को संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना में शामिल कर भारत सरकार एवं मध्य प्रदेश के साथ समझौता हुआ है।
मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान-2.0 के तहत आगामी चार साल में पांच लाख जल संग्रहण ढांचे बनाए जाएंगे तथा 20 हजार फार्म पौण्ड स्थापित कर वर्षा का जल संग्रहित किया जाएगा।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने राज सहकार व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा योजना के तहत पात्र महिलाओं को 10-10 लाख रुपये की सहायता राशि के चैक सौंपे। इस दौरान उन्होंने कृषि उपज मंडी प्रांगण में पीपल लगाकर वृक्षारोपण किया।
मुख्यमंत्री ने समारोह में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से विभिन्न जिलों के लाभार्थी किसानों से संवाद किया।
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेता डोटासरा ने कहा, ‘‘भाजपा ने विधानसभा चुनाव में अपने संकल्पपत्र में गेहूं के समर्थन मूल्य पर 300 रुपये बोनस देने का किसानों से वादा किया था, किंतु उस वादे को भी नहीं निभाया है और राजस्थान के किसानों के साथ वादाखिलाफी की।’’
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘चुनाव में किसानों से 12,000 रुपये प्रति वर्ष किसान सम्मान निधि देने का वादा किया गया था, लेकिन इसे बढ़ाकर मात्र 8,000 रुपये किया गया है। इस बढ़ोतरी के बावजूद पूरी राशि किसानों को प्रदान नहीं की गई केवल 1,000 रुपये की राशि ही किसान सम्मान निधि योजना के तहत प्रदान की गई।’’
उन्होंने कहा कि 19,000 किसानों की जमीन कुर्की पर मुआवजा देने का वादा भी भाजपा ने चुनाव में किया था लेकिन इस वादे को भी वह भूल गई।
डोटासरा ने एक बयान में कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने 21 लाख किसानों का 14,000 करोड़ रुपये का कर्ज माफ किया था और घरेलू बिजली के अलावा 2,000 यूनिट कृषि कनेक्शन पर निःशुल्क प्रदान की थी।
उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने वर्ष 2020 में विधेयक लाकर पांच एकड़ तक कृषि भूमि नीलामी से रोकने के लिए कानून पारित किया था जो आज भी केंद्र सरकार के समक्ष अनुमोदन हेतु लंबित है जिससे भाजपा की मंशा साफ नहीं है।
भाषा कुंज