पूर्वी दिल्ली में आवासीय इमारत में आग लगने से नौ लोगों की मौत
सुरेश
- 03 May 2026, 04:51 PM
- Updated: 04:51 PM
(तस्वीरों सहित)
नयी दिल्ली, तीन मई (भाषा) पूर्वी दिल्ली के विवेक विहार में रविवार तड़के एक आवासीय इमारत में आग लगने से एक बच्चे समेत दो परिवारों के कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि विवेक विहार फेज-1 में चार मंजिला इमारत में आग लगने की सूचना तड़के करीब तीन बजकर 48 मिनट पर मिली, जिसके बाद पुलिस, दमकल और आपदा प्रबंधन दल मौके पर पहुंचे।
आग ने इमारत की दूसरी, तीसरी और चौथी मंजिल पर स्थित कई फ्लैट को अपनी चपेट में ले लिया, जिसके बाद अफरा-तफरी के बीच बचाव के लिए प्रयास शुरू किए गए।
छत का दरवाजा बंद होने के कारण इमारत में फंसे लोगों के लिए आग से बचकर निकलना मुश्किल हो गया।
आग बुझाने के लिए दमकल की कुल 12 गाड़ियां भेजी गईं तथा दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए), यातायात पुलिस और स्थानीय पुलिस के दलों ने बचाव और निकासी प्रयासों में सहायता की।
आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है।
दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) ने बताया कि अलग-अलग मंजिलों से नौ शव बरामद किए गए।
डीएफएस के एक अधिकारी ने कहा, ''एक शव पहली मंजिल से, पांच शव दूसरी मंजिल से और तीन शव सीढ़ियों से बरामद किए गए। सीढ़ियों वाले हिस्से में ताला लगा मिला।''
दूसरी मंजिल पर मृत पाए गए लोगों की पहचान अरविंद जैन (60), उनकी पत्नी अनिता जैन (58), बेटे निशांत जैन (35), बहू आंचल जैन (33) और पोते आकाश जैन के रूप में हुई है।
तीसरी मंजिल पर एक परिवार के तीन सदस्य मृत पाए गए। उनकी पहचान नितिन जैन (50), उनकी पत्नी शैली जैन (48) और बेटे सम्यक जैन (25) के रूप में हुई है।
पहली मंजिल पर शिखा जैन (45) नाम की महिला मृत पाई गईं, जबकि उनके पति नवीन जैन (48) घायल हुए हैं।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ''आग बुझाने के अभियान के दौरान परिसर से करीब 10 से 15 लोगों को बचाया गया। इनमें से दो लोगों को मामूली चोटें आई हैं और उन्हें गुरु तेग बहादुर अस्पताल ले जाया गया।''
आग ने इमारत के एक बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया और घने धुएं का गुबार इलाके में फैल गया, जिससे दृश्यता कम हो गई।
दमकलकर्मियों ने बताया कि आग पर काबू पाने के लिए कई घंटों तक चली मशक्कत के दौरान इमारत के भीतर फंसे लोगों की चीखें सुनाई दे रही थीं।
बचाव अभियान में शामिल एक दमकलकर्मी ने बताया कि इमारत के पिछले हिस्से में आग की तीव्रता काफी अधिक थी।
उन्होंने कहा, ''आगे के हिस्से की तुलना में पीछे स्थित चार फ्लैट में आग अधिक भीषण थी। अब तक हमने नौ शव बरामद कर उन्हें दिल्ली पुलिस को सौंप दिया है। इस स्तर पर विवरण देना मुश्किल है। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।''
दमकलकर्मी ने कहा, ''तीन शव छत के पास मिले। छत तक जाने का रास्ता बंद था और इसी वजह से वे अपनी जान नहीं बचा सके। अगर वह बंद नहीं होता तो शायद वे बच जाते।''
उन्होंने कहा, ''इमारत में आने-जाने के लिए एक ही मुख्य सीढ़ी थी। पीछे का गेट ग्रिल से ढका था, जिसे बचाव अभियान के लिए हमें औजारों की मदद से काटना पड़ा। हमने अलग-अलग दिशाओं से पांच सीढ़ियां लगाईं और करीब 15 लोगों को बचाने के लिए 'टर्नटेबल लैडर' यानी घूमने वाली ऊंची सीढ़ी से लैस वाहन का भी इस्तेमाल किया।''
उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस घटना में लोगों की मौत होने पर शोक जताते हुए कहा कि प्रभावित लोगों को चिकित्सकीय सहायता और राहत तत्काल उपलब्ध कराई जा रही है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा, स्थानीय विधायक संजय गोयल, पार्षद पंकज लूथरा और भाजपा की शाहदरा जिला इकाई अध्यक्ष दीपक गाबा के साथ सुबह करीब 10 बजे शोकाकुल परिवारों से मुलाकात की और सत्तारूढ़ दल की ओर से संवेदना व्यक्त की।
भाजपा नेता ने कहा कि गोयल सूचना मिलने के कुछ ही मिनटों के भीतर मौके पर पहुंच गए थे और उन्होंने बचाव अभियान की निगरानी करते हुए 18 से 20 लोगों को बचाने में मदद की।
मल्होत्रा ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान घटना को अत्यंत दुखद बताया।
उन्होंने दमकल और पुलिस कर्मियों की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि समय रहते की गई उनकी कार्रवाई के कारण करीब 20 लोगों को बचाया जा सका।
भाषा सिम्मी सुरेश
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